यूपी चुनाव में दादरी का समीकरण, गैर जाट वोटर बन सकता है जीत की वजह
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दादरी में विधानसभा चुनाव में गैर गुर्जर वोटर जीत का आधार बन सकते हैं। भाजपा और कांग्रेस टिकट को लेकर समीकरण बैठा रही हैं। चुनाव में बिसाहड़ा कांड का अच्छा खासा असर दिखाई देगा।
सपा ने गुर्जर बिरादरी के विक्रम भाटी को प्रत्याशी घोषित कर दिया है। दूसरी पार्टियों ने अभी घोषणा नहीं की है। दादरी विधानसभा सीट का अधिकांश हिस्सा साठा चौरासी के गांवों का है। इसमें ठाकुर समुदाय के लोग रहते हैं।
बिसाहड़ा कांड में सपा सरकार के दबाव में पुलिस पर क्षेत्र के कुछ लोग एकतरफा कार्रवाई करने का आरोप लगाते रहे हैं। इससे राजपूत बाहुल्य गांवों में सपा के जनाधार में गिरावट आ सकती है। इस विरोध को भाजपा और कांग्रेस भुनाने में जुट गई है।
इस वजह से गैर गुर्जर होंगे निर्णायक
उनके द्वारा इस सीट पर ऐसा प्रत्याशी को लाने पर विचार किया जा रहा है जो साठा चौरासी के गांवों में सपा विरोध का लाभ ले सके। भाजपा ने विजय भाटी को जिलाध्यक्ष बनाया है जो गुर्जर बिरादरी से हैं।
ऐसे में भाजपा से दादरी सीट पर ब्राह्मण प्रत्याशी को उतारने की प्रबल संभावना है, जिनमें श्रीचंद शर्मा का नाम सबसे आगे चल रहा है। हालांकि गुर्जर प्रत्याशी के तौर पर नवाब सिंह नागर भी टिकट के दावेदार माने जा रहे हैं।
कांग्रेस के प्रत्याशी के चयन करने में काफी गहनता से विचार किया जा रहा है। इनमें महेंद्र नागर, समीर भाटी और विरेंद्र गुड्डू दावेदार माने जा रहे हैं। बसपा से भी विधायक सतबीर गुर्जर के ही उतरने की उम्मीद है। सतबीर गुर्जर और सपा प्रत्याशी विक्रम भाटी के बाद कांग्रेस से भी गुर्जर प्रत्याशी के होने की उम्मीद जताई जा रही है। गुर्जर वोट सबसे अधिक हैं जो इन प्रत्याशियों में आपस में बट जाएंगे, ऐसे में गैर गुर्जर मतदाता चुनाव में निर्णायक साबित होंगे।
दादरी विधानसभा क्षेत्र का जातिगत आंकड़े
गुर्जर 90 हजार
ब्राह्मण - 65 हजार
एससी - 60 हजार
राजपूत -45 हजार
वैश्य -40 हजार
मुस्लिम - 40 हजार
जाट -15 हजार
प्रजापति-15 हजार
अन्य -50 हजार