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Noida News: आप ने स्कूल फीस बिल में संशोधन की मांग की
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आतिशी ने कहा- निजी स्कूल मालिकों के हित के लिए है बिल
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। आप ने भाजपा सरकार के स्कूल फीस नियंत्रण बिल को निजी स्कूल मालिकों के हित में बताते हुए विधानसभा में चार संशोधन पेश किए। नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने बुधवार को प्रेसवार्ता में कहा कि यह बिल माता-पिता की जगह निजी स्कूलों को संरक्षण देता है। इससे उनकी मनमानी और बढ़ेगी।
बिल को सिलेक्ट कमेटी को भेजा जाए ताकि अभिभावक, वकील और शिक्षाविदों की राय लेकर जरूरी सुधार किए जा सकें। स्कूल फीस निर्धारण कमेटी में 5 की जगह 10 अभिभावकों को जनरल बॉडी चुनाव से चुना जाए, स्कूलों के खातों का ऑडिट अनिवार्य हो और ऑडिट रिपोर्ट पर
अभिभावकों को 15 दिन में फीडबैक देने का मौका मिले। बिल के मौजूदा प्रारूप में स्कूल प्रबंधन को फीस बढ़ाने की खुली छूट दी गई है। बिल में कहा गया है कि एक अप्रैल 2025 से जो भी फीस ली गई है, वही प्रस्तावित मानी जाएगी। इससे प्राइवेट स्कूलों की बेलगाम फीस को कानूनी वैधता मिल जाएगी। वहीं, आप विधायक संजीव झा ने आरोप लगाया कि शिक्षा निदेशक को अत्यधिक अधिकार देकर सरकार ने भ्रष्टाचार की गुंजाइश छोड़ी है। अदालत में चुनौती का हक छीनना असांविधानिक है। आप विधायक कुलदीप कुमार ने कहा कि बिल में ऑडिट शब्द तक नहीं है जिससे स्कूलों की लूट को वैधता मिलती है।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। आप ने भाजपा सरकार के स्कूल फीस नियंत्रण बिल को निजी स्कूल मालिकों के हित में बताते हुए विधानसभा में चार संशोधन पेश किए। नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने बुधवार को प्रेसवार्ता में कहा कि यह बिल माता-पिता की जगह निजी स्कूलों को संरक्षण देता है। इससे उनकी मनमानी और बढ़ेगी।
बिल को सिलेक्ट कमेटी को भेजा जाए ताकि अभिभावक, वकील और शिक्षाविदों की राय लेकर जरूरी सुधार किए जा सकें। स्कूल फीस निर्धारण कमेटी में 5 की जगह 10 अभिभावकों को जनरल बॉडी चुनाव से चुना जाए, स्कूलों के खातों का ऑडिट अनिवार्य हो और ऑडिट रिपोर्ट पर
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अभिभावकों को 15 दिन में फीडबैक देने का मौका मिले। बिल के मौजूदा प्रारूप में स्कूल प्रबंधन को फीस बढ़ाने की खुली छूट दी गई है। बिल में कहा गया है कि एक अप्रैल 2025 से जो भी फीस ली गई है, वही प्रस्तावित मानी जाएगी। इससे प्राइवेट स्कूलों की बेलगाम फीस को कानूनी वैधता मिल जाएगी। वहीं, आप विधायक संजीव झा ने आरोप लगाया कि शिक्षा निदेशक को अत्यधिक अधिकार देकर सरकार ने भ्रष्टाचार की गुंजाइश छोड़ी है। अदालत में चुनौती का हक छीनना असांविधानिक है। आप विधायक कुलदीप कुमार ने कहा कि बिल में ऑडिट शब्द तक नहीं है जिससे स्कूलों की लूट को वैधता मिलती है।
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