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एयरपोर्ट के मास्टर प्लान पर यीडा ने लगाई मुहर
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ग्रेटर नोएडा। जेवर में बनने वाले नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के मास्टर प्लान पर यमुना प्राधिकरण (यीडा) की मुहर लग गई है। अब एयरपोर्ट का मास्टर प्लान नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (नियाल) के बोर्ड में भेजा जाएगा। नियाल बोर्ड से पास होने के बाद एयरपोर्ट का शिलान्यास होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगमन का कार्यक्रम तय होने के बाद शिलान्यास किया जाएगा और इसके बाद विकासकर्ता कंपनी निर्माण कार्य शुरू कर सकती है।
जेवर में बनने जा रहे एयरपोर्ट के पहले चरण के लिए 1334 हेक्टेयर जमीन विकासकर्ता कंपनी यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड को सौंप दी गई है। कंपनी के नाम जमीन दर्ज हो गई है, इसलिए यमुना प्राधिकरण उसके मास्टर प्लान को पास कर दिया है। प्राधिकरण ने मास्टर प्लान पास करते समय निर्माण की ऊंचाई, ग्राउंड कवरेज और एफएआर को देखा है। मास्टर प्लान पास करने से पहले प्राधिकरण ने नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए), एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया समेत कई विशेषज्ञ एजेंसियों से भी सलाह ली है।
इसके बाद एयरपोर्ट के मास्टर प्लान को पास कर दिया गया। इसके लिए यमुना प्राधिकरण में कमेटी बनाई गई थी। इस कमेटी में यमुना प्राधिकरण के सीईओ के अलावा दोनों सीईओ, दोनों ओएसडी, जीएम प्रोजेक्ट, जीएम फाइनेंस, नोएडा प्राधिकरण के जीएम नियोजन, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के जीएम नियोजन आदि शामिल हैं। इस कमेटी ने मास्टर प्लान को पास किया है। अब यह नियाल के बोर्ड में जाएगा। बोर्ड इस मास्टर प्लान को पास करेगा। नियाल के मास्टर प्लान पास करने के साथ ही सारी औपचारिकताएं पूरी हो जाएंगी। इसके बाद विकासकर्ता कंपनी कभी भी निर्माण कार्य शुरू कर सकती है।
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17 किमी लंबी होगी एयरपोर्ट की चारदीवारी
एयरपोर्ट के शिलान्यास के बाद सबसे पहले कंपनी एयरपोर्ट की 17 किमी लंबी चारदीवारी निर्माण और जमीन को समतल बनाने का काम करेगी। इसके बाद अन्य काम शुरू किए जाएंगे। शनिवार को 1317 हेक्टेयर जमीन नियाल को ट्रांसफर की गई है। 31 अगस्त तक 17 हेक्टेयर जमीन और दी जानी है।
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जेवर में बनने जा रहे एयरपोर्ट के पहले चरण के लिए 1334 हेक्टेयर जमीन विकासकर्ता कंपनी यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड को सौंप दी गई है। कंपनी के नाम जमीन दर्ज हो गई है, इसलिए यमुना प्राधिकरण उसके मास्टर प्लान को पास कर दिया है। प्राधिकरण ने मास्टर प्लान पास करते समय निर्माण की ऊंचाई, ग्राउंड कवरेज और एफएआर को देखा है। मास्टर प्लान पास करने से पहले प्राधिकरण ने नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए), एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया समेत कई विशेषज्ञ एजेंसियों से भी सलाह ली है।
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इसके बाद एयरपोर्ट के मास्टर प्लान को पास कर दिया गया। इसके लिए यमुना प्राधिकरण में कमेटी बनाई गई थी। इस कमेटी में यमुना प्राधिकरण के सीईओ के अलावा दोनों सीईओ, दोनों ओएसडी, जीएम प्रोजेक्ट, जीएम फाइनेंस, नोएडा प्राधिकरण के जीएम नियोजन, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के जीएम नियोजन आदि शामिल हैं। इस कमेटी ने मास्टर प्लान को पास किया है। अब यह नियाल के बोर्ड में जाएगा। बोर्ड इस मास्टर प्लान को पास करेगा। नियाल के मास्टर प्लान पास करने के साथ ही सारी औपचारिकताएं पूरी हो जाएंगी। इसके बाद विकासकर्ता कंपनी कभी भी निर्माण कार्य शुरू कर सकती है।
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17 किमी लंबी होगी एयरपोर्ट की चारदीवारी
एयरपोर्ट के शिलान्यास के बाद सबसे पहले कंपनी एयरपोर्ट की 17 किमी लंबी चारदीवारी निर्माण और जमीन को समतल बनाने का काम करेगी। इसके बाद अन्य काम शुरू किए जाएंगे। शनिवार को 1317 हेक्टेयर जमीन नियाल को ट्रांसफर की गई है। 31 अगस्त तक 17 हेक्टेयर जमीन और दी जानी है।