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Noida News: एक भूखंड के कई खरीदारों का विवाद सुलझाएगा यीडा, बनेगी एसओपी

Fri, 06 Nov 2026 08:47 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 06 Nov 2026 08:47 PM IST
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YEIDA to resolve disputes involving multiple buyers for a single plot; an SOP will be formulated
- सात फीसदी आबादी भूखंडों के आवंटन और कब्जे की प्रक्रिया तेज होने के बाद बढ़ीं दोहरे अनुबंध की शिकायतें
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माई सिटी रिपोर्टर

ग्रेटर नोएडा। यमुना प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र में सात फीसदी आबादी भूखंडों को लेकर बढ़ रहे विवादों के निस्तारण के लिए अब मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) बनाई जाएगी। खासतौर पर ऐसे मामलों के लिए नियम तय होंगे, जिनमें आवंटियों ने एक ही भूखंड को रीसेल के नाम पर एक से अधिक खरीदारों को बेच दिया है। प्राधिकरण का उद्देश्य ऐसे विवादों के निस्तारण में पारदर्शिता लाना और अधिकारियों के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश तय करना है।

पिछले कुछ महीनों में यीडा ने सात फीसदी आबादी भूखंडों के आवंटन, लीज डीड और कब्जा देने की प्रक्रिया तेज की है। इसके बाद एक ही भूखंड के कई खरीदार होने और अलग-अलग लोगों के साथ अनुबंध किए जाने की शिकायतें बढ़ी हैं। कई मामलों में दो से अधिक लोगों के साथ रजिस्टर्ड अनुबंध किए जाने की बात भी सामने आई है। इससे एक ही भूखंड पर कई लोगों के दावे होने से विवाद की स्थिति बन रही है।
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इन मामलों को देखते हुए यीडा के सीईओ राकेश कुमार सिंह ने लैंड विभाग को एसओपी तैयार करने और उसे प्रकाशित करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए भू-विभाग को पत्र भी लिखा गया है। सीईओ के मुताबिक, आबादी भूखंडों की लीज डीड और कब्जे की प्रक्रिया पूरी कराई जानी है। ऐसे में जरूरी है कि एक ही भूखंड पर कई लोगों के दावे की स्थिति में शिकायतों के निस्तारण के लिए स्पष्ट प्रक्रिया हो।
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कई दावों पर दस्तावेज का तय होगा आधार

प्रस्तावित एसओपी में यह स्पष्ट किया जाएगा कि एक ही भूखंड के संबंध में कई समझौते या अनुबंध होने पर प्राधिकरण किन दस्तावेज को आधार बनाएगा। साथ ही शिकायत मिलने से लेकर उसके निस्तारण तक की प्रक्रिया भी निर्धारित की जाएगी। इससे किसानों, आवंटियों और खरीदारों को पहले से पता रहेगा कि विवाद की स्थिति में उन्हें किन दस्तावेजों और प्रक्रियाओं का पालन करना होगा। एसओपी लागू होने से ऐसे मामलों में अलग-अलग स्तर पर मनमाने निर्णय लेने की आशंका कम होगी। साथ ही अधिकारियों को भी एक समान प्रक्रिया के तहत विवादों का निस्तारण करने में मदद मिलेगी।
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