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Noida News: विप्रो-जीई हेल्थकेयर के 8200 करोड़ की निवेश पर यीडा की निगाह
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- मेडिकल डिवाइस पार्क में एंकर कंपनी के रूप में प्लांट शुरू कराने के लिए कंपनी को दिया प्रस्ताव
- तीन और एंकर कंपनियों के संपर्क में बने हुए अधिकारी
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। यमुना सिटी के मेडिकल डिवाइस पार्क में औद्योगिक गतिविधियों की रफ्तार तेज करने की तैयारी है। यीडा की निगाह अब विप्रो-जीई हेल्थकेयर की 8200 करोड़ रुपये की निवेश योजना पर टिक गई है। कंपनी को निवेश का प्रस्ताव भेजा जा चुका है, जबकि तीन अन्य एंकर कंपनियों से भी बातचीत जारी है। अधिकारियों का मानना है कि इन बड़े निवेशों से पार्क में उत्पादन की शुरुआत होगी और क्षेत्र में रोजगार व औद्योगिक विकास को नई दिशा मिलेगी।
अधिकारियों का कहना है कि पिछले दिनों विप्रो-जीई हेल्थकेयर के निदेशक मंडल की बैठक में उत्पादन के लिए 8200 करोड़ रुपये के निवेश को मंजूरी मिली है। बंगलुरू में अभी काम कर रही कंपनी के प्लांट पर विस्तार योजना के लिए जमीन उपलब्ध नहीं है। ऐसे में कंपनी बंगलुरू के बाहर प्लांट के लिए उपयुक्त जगह तलाश रही है। यमुना सिटी कंपनी के लिए एक बेहतर विकल्प हो सकता है। डेडीकेटेड फ्रेट रेल कारीडोर के बाद अब नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शुरू होते ही देश-दुनिया के किसी भी कोने में 24 घंटे में माल की आपूर्ति संभव हो सकेगी। इसके अलावा कंपनी को सस्ती दरों पर यहां सभी जरूरी एनओसी के साथ जमीन काम शुरू करने के लिए मिल जाएगी।
ओएसडी शैलेंद्र भाटिया का कहना है कि एंकर कंपनियों का जिक्र उन प्रभावी एंटरप्राइजेज के लिए किया जाता है जिनके आने से एक इंडस्टि्रयल ईकोसिस्टम विकसित होता है। जहां दूसरी एंकर कंपनी में निवेश के लिए इससे भरोसा बनता है। वहीं, इन कंपनी को आपूर्ति के लिए रॉ मैटेरियल या दूसरे जरूरी उपकरण की छोटी कंपनियां भी निवेश करने में सहज हो जाती हैं। यही वजह है कि एंकर कंपनियों को मेडिकल डिवाइस पार्क में लाने पर पूरा जोर है। सीमेंस, फिलिप्स, पनेशिया मेडिकल्स के भी संपर्क में हम हैं।
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एंकर कंपनियां यमुना सिटी और खासतौर पर मेडिकल डिवाइस पार्क में निवेश करें। इसके लिए बंगलुरू मैं खुद शीर्ष प्रबंधन से मिलने गया। पिछले दिनों दिल्ली में मेडटेक एक्सपो में भी बिजनेस मीट में इन कंपनियों से वार्ता की गईं।
- राकेश कुमार सिंह, सीईओ, यीडा
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- तीन और एंकर कंपनियों के संपर्क में बने हुए अधिकारी
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। यमुना सिटी के मेडिकल डिवाइस पार्क में औद्योगिक गतिविधियों की रफ्तार तेज करने की तैयारी है। यीडा की निगाह अब विप्रो-जीई हेल्थकेयर की 8200 करोड़ रुपये की निवेश योजना पर टिक गई है। कंपनी को निवेश का प्रस्ताव भेजा जा चुका है, जबकि तीन अन्य एंकर कंपनियों से भी बातचीत जारी है। अधिकारियों का मानना है कि इन बड़े निवेशों से पार्क में उत्पादन की शुरुआत होगी और क्षेत्र में रोजगार व औद्योगिक विकास को नई दिशा मिलेगी।
अधिकारियों का कहना है कि पिछले दिनों विप्रो-जीई हेल्थकेयर के निदेशक मंडल की बैठक में उत्पादन के लिए 8200 करोड़ रुपये के निवेश को मंजूरी मिली है। बंगलुरू में अभी काम कर रही कंपनी के प्लांट पर विस्तार योजना के लिए जमीन उपलब्ध नहीं है। ऐसे में कंपनी बंगलुरू के बाहर प्लांट के लिए उपयुक्त जगह तलाश रही है। यमुना सिटी कंपनी के लिए एक बेहतर विकल्प हो सकता है। डेडीकेटेड फ्रेट रेल कारीडोर के बाद अब नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शुरू होते ही देश-दुनिया के किसी भी कोने में 24 घंटे में माल की आपूर्ति संभव हो सकेगी। इसके अलावा कंपनी को सस्ती दरों पर यहां सभी जरूरी एनओसी के साथ जमीन काम शुरू करने के लिए मिल जाएगी।
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ओएसडी शैलेंद्र भाटिया का कहना है कि एंकर कंपनियों का जिक्र उन प्रभावी एंटरप्राइजेज के लिए किया जाता है जिनके आने से एक इंडस्टि्रयल ईकोसिस्टम विकसित होता है। जहां दूसरी एंकर कंपनी में निवेश के लिए इससे भरोसा बनता है। वहीं, इन कंपनी को आपूर्ति के लिए रॉ मैटेरियल या दूसरे जरूरी उपकरण की छोटी कंपनियां भी निवेश करने में सहज हो जाती हैं। यही वजह है कि एंकर कंपनियों को मेडिकल डिवाइस पार्क में लाने पर पूरा जोर है। सीमेंस, फिलिप्स, पनेशिया मेडिकल्स के भी संपर्क में हम हैं।
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एंकर कंपनियां यमुना सिटी और खासतौर पर मेडिकल डिवाइस पार्क में निवेश करें। इसके लिए बंगलुरू मैं खुद शीर्ष प्रबंधन से मिलने गया। पिछले दिनों दिल्ली में मेडटेक एक्सपो में भी बिजनेस मीट में इन कंपनियों से वार्ता की गईं।
- राकेश कुमार सिंह, सीईओ, यीडा