फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   Worship will take place at the temple; the remaining land will have to be partitioned.

Noida News: मंदिर पर होगी पूजा, बाकी जमीन का कराना होगा बंटवारा

Sat, 13 Jun 2026 06:37 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 13 Jun 2026 06:37 PM IST
विज्ञापन
Worship will take place at the temple; the remaining land will have to be partitioned.
फोटो:
विज्ञापन


मंदिर पर होगी पूजा, बाकी जमीन का कराना होगा बंटवारा
- तहसील सदर की टीम बिसाइच उर्फ बरसात गांव में जमीन के विवाद में की जांच
- प्रशासन का कहना है कि पूजापाठ पर नहीं लगाई रोक, प्राधिकरण से कराना होगा बंटवारा
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। तहसील सदर की टीम शनिवार को बिसाइच उर्फ बरसात गांव में जमीन के विवाद की जांच करने पहुंची। जहां टीम ने दोनों पक्षों से बातचीत भी की। तहसील प्रशासन का कहना है कि विवादित जमीन पर बने मंदिर पर पूजा करने पर रोक नहीं लगाई गई है। दोनों पक्षों ने फैसला होने तक विवादित जमीन पर निर्माण नहीं करने पर सहमति दी है। निजी जमीन का सरकारी बंटवारा कोर्ट से होगा और प्राधिकरण की जमीन पर मंदिर बनाने के आरोपों की जांच प्राधिकरण करेगा। तहसील की तरफ से भी प्राधिकरण को पत्र भेजा जाएगा।


बरसात गांव निवासी व शिकायतकर्ता राजेश देवी ने जिलाधिकारी से शिकायत कर आरोप लगाया था कि गांव के खसरा नंबर 169 में उनकी निजी जमीन है। कब्जा भी उनका है, लेकिन कुछ लोग जमीन को ग्राम समाज की बताकर मंदिर बनाने का प्रयास कर रहे हैं। इस संबंध में पंचायत भी की गई, लेकिन फिर भी आरोपी अवैध कब्जा करने में लगे है। शिकायत पर तहसील प्रशासन ने जांच शुरू की। एसडीएम ने जांच पूरी होने तक जमीन पर यथास्थिति का आदेश जारी किया। आदेश की एक प्रतिलिपि संबंधित थाने को भेजी है। आरोप था कि उसके बाद भी दूसरा पक्ष मंदिर का निर्माण करने का प्रयास कर रहा है।
विज्ञापन

शिकायत होने पर शनिवार को एसडीएम सदर आशुतोष गुप्ता टीम के साथ गांव में जांच करने पहुंचे। एसडीएम ने बताया कि जमीन पर बने मंदिर में पूजा पाठ करने पर रोक नहीं है। खसरा नंबर में निजी संपत्ति है। इसका बंटवारा कोर्ट के माध्यम से होगा। वहीं कुछ बेसी (एक्सेस) जमीन भी हैं। जिस पर मंदिर बनाने का भी आरोप है। गांव ग्रेनो प्राधिकरण के अधिसूचित क्षेत्र में आता है। ऐसे में प्राधिकरण स्तर से इसकी जांच होंगी। उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों ने विवादित जमीन का निस्तारण नहीं होने तक निर्माण नहीं करने पर सहमति दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed