{"_id":"6505fc0008cc6c93f00dc634","slug":"workers-helpless-due-to-stoppage-of-construction-flat-buyers-in-despair-grnoida-news-c-23-1-gnd1003-17331-2023-09-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: निर्माण रूकने से बेबस मजदूर, फ्लैट खरीदार मायूम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: निर्माण रूकने से बेबस मजदूर, फ्लैट खरीदार मायूम
विज्ञापन
निर्माण रूकने से बेबस मजदूर, फ्लैट खरीदार मायूम
- सपनों का घर देखने पहुंचे लोगों को मिली निराशा, पुलिस ने रोका
- कई मजदूरों ने छोड़ा प्रोजेक्ट, कई मजदूरी की आस में रुके
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। ग्रेनो वेस्ट में आम्रपाली के ड्रीम वैली प्रोजेक्ट में निर्माण कार्य बंद होने से यहां काम करने वाले हजारों मजूदर और परिजन बेबस हैं। वहीं, फ्लैट खरीदने वाले खरीदारों को निराशा मिली है। शनिवार को सैकड़ों खरीदार अपने सपनों का घर देखने पहुंचे। मौके पर काम बंद होने से खरीदार मायूस होकर लौट गए। खरीदारों का कहना हैं कि काम बंद नहीं होना चाहिए। पुलिस आरोपियों पर कार्रवाई करे। वहीं, कई बेबस मजदूर अपना सामान उठाकर परिवार संग चले गए। लेकिन अभी भी बड़ी संख्या में मजदूर यहां ठेकेदार से बकाया मजदूरी मिलने की आस में यहां रुके हैं।
आम्रपाली के ड्रीम वैली प्रोजेक्ट में 9 हजार से अधिक खरीदार हैं। जो पिछले दस साल से फ्लैट मिलने का इंतजार कर रहे है। बिल्डर एनसीएलटी कोर्ट चला गया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के एनबीसीसी को कार्य पूरा करने की जिम्मेदारी दी। जिसके बाद खरीदारों ने राहत की सांस ली। अब दोबारा उनकी चिंताएं बढ़ गई हैं। शनिवार को गुरुग्राम, दिल्ली, हापुड, गाजियाबाद, नोएडा और ग्रेटर नोएडा सहित अन्य कई जगहों के खरीदार अपने फ्लैट के निर्माण कार्य की प्रगति के बारे में पता करने पहुंचे। वहां उन्होंने गेट पर भारी पुलिस फोर्स तैनात देखी। गेट पर ही खरीदारों को रोक दिया गया। जिसके बाद उन्होंने पुलिस से बातचीत की तो पता चला कि यहां पर लिफ्ट गिरने के कारण एक बड़ा हादसा हो चुका है। जिसमें 8 मजदूरों की जान जा चुकी है। प्रोजेक्ट को सील किया जाएगा।
खरीदारों ने बताया कि घटना के बारे में जानकारी नहीं थी। यहां आने पर उन्हें हादसे के बारे में पता चला है। समझ नहीं आ रहा कि अब फ्लैट का काम कैसे पूरा होगा। अब समय लगेगा। पहले ही दस साल की देरी हो चुकी है।
विज्ञापन
रहने को छत नहीं, काम और पैसा नहीं
आम्रपाली के प्रोजेक्ट को पुलिस के सील करने की घोषणा के बाद से कई मजदूर अपना सामान बोरे आदि में भरकर परिवार के साथ यहां से किसी और ठिकाने की तलाश में लगातार निकलकर जा रहे हैं। शनिवार को प्रोजेक्ट के बार कई मजदूर एकत्रित दिखाई दिए। मजदूर बाबूलाल ने बताया कि ठेकेदार के भरोसे पर वे यहां काम करने आए थे। कहा था कि कई महीने तक न काम की चिंता होगी और न ही मजदूरी की। रहने का भी फिक्र करने की जरूरत नहीं है। साइट पर कहीं भी रह सकते हैं। शुरुआत में अग्रिम मजदूरी भी दी। लेकिन कुछ दिन बाद ही मजदूरी रोक ली। अब बकाया मजदूरी लिए बिना कहां जाएं। डीसीपी सुनीति का कहना है कि ठेकेदारों को मजदूरों का बकाया भुगतान कर उन्हें साइट खाली करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सभी मजदूरों को बकाया दिलाया जा रहा है।
विज्ञापन
- सपनों का घर देखने पहुंचे लोगों को मिली निराशा, पुलिस ने रोका
- कई मजदूरों ने छोड़ा प्रोजेक्ट, कई मजदूरी की आस में रुके
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। ग्रेनो वेस्ट में आम्रपाली के ड्रीम वैली प्रोजेक्ट में निर्माण कार्य बंद होने से यहां काम करने वाले हजारों मजूदर और परिजन बेबस हैं। वहीं, फ्लैट खरीदने वाले खरीदारों को निराशा मिली है। शनिवार को सैकड़ों खरीदार अपने सपनों का घर देखने पहुंचे। मौके पर काम बंद होने से खरीदार मायूस होकर लौट गए। खरीदारों का कहना हैं कि काम बंद नहीं होना चाहिए। पुलिस आरोपियों पर कार्रवाई करे। वहीं, कई बेबस मजदूर अपना सामान उठाकर परिवार संग चले गए। लेकिन अभी भी बड़ी संख्या में मजदूर यहां ठेकेदार से बकाया मजदूरी मिलने की आस में यहां रुके हैं।
आम्रपाली के ड्रीम वैली प्रोजेक्ट में 9 हजार से अधिक खरीदार हैं। जो पिछले दस साल से फ्लैट मिलने का इंतजार कर रहे है। बिल्डर एनसीएलटी कोर्ट चला गया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के एनबीसीसी को कार्य पूरा करने की जिम्मेदारी दी। जिसके बाद खरीदारों ने राहत की सांस ली। अब दोबारा उनकी चिंताएं बढ़ गई हैं। शनिवार को गुरुग्राम, दिल्ली, हापुड, गाजियाबाद, नोएडा और ग्रेटर नोएडा सहित अन्य कई जगहों के खरीदार अपने फ्लैट के निर्माण कार्य की प्रगति के बारे में पता करने पहुंचे। वहां उन्होंने गेट पर भारी पुलिस फोर्स तैनात देखी। गेट पर ही खरीदारों को रोक दिया गया। जिसके बाद उन्होंने पुलिस से बातचीत की तो पता चला कि यहां पर लिफ्ट गिरने के कारण एक बड़ा हादसा हो चुका है। जिसमें 8 मजदूरों की जान जा चुकी है। प्रोजेक्ट को सील किया जाएगा।
विज्ञापन
खरीदारों ने बताया कि घटना के बारे में जानकारी नहीं थी। यहां आने पर उन्हें हादसे के बारे में पता चला है। समझ नहीं आ रहा कि अब फ्लैट का काम कैसे पूरा होगा। अब समय लगेगा। पहले ही दस साल की देरी हो चुकी है।
विज्ञापन
रहने को छत नहीं, काम और पैसा नहीं
आम्रपाली के प्रोजेक्ट को पुलिस के सील करने की घोषणा के बाद से कई मजदूर अपना सामान बोरे आदि में भरकर परिवार के साथ यहां से किसी और ठिकाने की तलाश में लगातार निकलकर जा रहे हैं। शनिवार को प्रोजेक्ट के बार कई मजदूर एकत्रित दिखाई दिए। मजदूर बाबूलाल ने बताया कि ठेकेदार के भरोसे पर वे यहां काम करने आए थे। कहा था कि कई महीने तक न काम की चिंता होगी और न ही मजदूरी की। रहने का भी फिक्र करने की जरूरत नहीं है। साइट पर कहीं भी रह सकते हैं। शुरुआत में अग्रिम मजदूरी भी दी। लेकिन कुछ दिन बाद ही मजदूरी रोक ली। अब बकाया मजदूरी लिए बिना कहां जाएं। डीसीपी सुनीति का कहना है कि ठेकेदारों को मजदूरों का बकाया भुगतान कर उन्हें साइट खाली करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सभी मजदूरों को बकाया दिलाया जा रहा है।