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Noida News: आबादी के खसरा नंबर से करते है रजिस्ट्री पर डूब क्षेत्र में देते है कब्जा

Fri, 23 Jun 2023 12:21 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 23 Jun 2023 12:21 AM IST
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With the Khasra number of the population, they give possession in the submergence area on the registry
बैनामा आबादी के खसरे का और डूब क्षेत्र के देते हैं कब्जा
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- लखनावली, अलीवर्दीपुर, कुलेसरा के डूब क्षेत्र में अभी भी सक्रिय है भूमाफिया
नवीन कुमार
ग्रेटर नोएडा। हिंडन नदी के डूब क्षेत्र में अवैध कॉलोनी काटने का खेल थमने का नाम नहीं ले रहा है। भूमाफिया ने इसका तरीका बदल दिया है। अब कॉलोनी के भूखंडों की रजिस्ट्री गांव की आबादी के खसरा नंबर पर की जा रही है। जबकि मकान खरीदने वाले लोगों को डूब क्षेत्र में कब्जा दिया जा रहा है। लखनावली, अलीवर्दीपुर, कुलेसरा, जलपुरा गांव के डूब क्षेत्र में इसी तरीके से कब्जे दिए जा रहे हैं।
जिला आपदा प्रबंधन कमेटी ने एक अक्तूबर, 2020 को डूब क्षेत्र की रजिस्ट्री पर रोक लगा दी थी। केवल संबंधित प्राधिकरण की एनओसी पर खेती के लिए रजिस्ट्री हो सकती है। कमेटी के आदेश से कुछ दिन डूब क्षेत्र में अवैध कॉलोनी के कारोबार पर असर पड़ा था, लेकिन भूमाफिया ने अब इसका रास्ता निकाल लिया है। अमर उजाला ने करेक्शन डीड से रजिस्ट्री करने के मामले का खुलासा किया। उसके बाद शुरू हुई जांच में भूमाफिया के अन्य तरीके भी सामने आए हैं।
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इनमें फर्जी दस्तावेज लगाकर दाखिल खारिज कराने और आबादी की जमीन से रजिस्ट्री कराकर डूब क्षेत्र में कब्जा देने के मामले सामने आए हैं। लखनावली गांव के डूब क्षेत्र में भूमाफिया इसी तरह काम कर रहे हैं। शहदरा गांव के पास डूब क्षेत्र में बड़ी संख्या में कॉलोनी काटी जा रही है। वहीं अवैध कॉलोनी में कब्जा दिया जा रहा है। इसी पर जिला प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। एक अक्तूबर, 2020 से अब तक निबंधन विभाग में करेक्शन डीड के साथ-साथ अब दाखिल खारिज की भी जांच शुरू की है। एडीएम वित्त एवं राजस्व वंदिता श्रीवास्तव ने तीनों एसडीएम से 27 जून तक पूरी जांच रिपोर्ट मांगी है।
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अधिकाररों के साथ गठजोड़ का भी हो सकता है खुलासा

अधिकारियों का कहना है कि मामले में अकेला राकेश ही आरोपी नहीं है। आरोपी राकेश से पूछताछ में सिंडिकेट का खुलासा हो सकता है। भूमाफियाओं के साथ-साथ अफसरों की मिलीभगत भी मिल सकती है। वहीं अगर अन्य दाखिल खारिज और करेक्शन डीड में गड़बड़ी मिली तो अधिकारियों की भूमिका भी तय की जाएगी। प्रशासन गैंगस्टर तक की कार्रवाई करेगा।
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