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Noida News: दो बेटियां पैदा हुईं तो मारकर दफनाया, पिता सहित परिजन फरार

Sun, 23 Jun 2024 07:00 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 23 Jun 2024 07:00 PM IST
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When two daughters were born, they were killed and buried, the family including the father absconded
सुल्तानपुरी स्थित पूठकलां गांव में वारदात, पुलिस ने किया गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज
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जन्म के बाद मासूमों की मृत्यु का कारण बनने, दहेज प्रताड़ना, सबूत मिटाने का मामला दर्ज
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30 मई को रोहतक के एक निजी अस्पताल में हुआ था बच्चियों का जन्म
01 जून को बच्चियों का पिता पत्नी के बिना ही दिल्ली ले आया
05 जून को शवों को निकलवाकर करवाया पोस्टमार्टम
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
बाहरी दिल्ली के सुल्तानपुरी स्थित पूठकलां गांव में जन्म के दो दिनों के बाद ही जुड़वां बच्चियों को मारकर दफनाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। दोनों नवजात का कसूर सिर्फ इतना था कि दोनों लड़कियां थीं। दर-दर की ठोकरें खाने के बाद करीब 20 दिनों बाद बच्चियों की मां पूजा (25) और भाई जुगनू (31) की शिकायत पर सुल्तानपुरी थाने में मामला दर्ज हुआ। पुलिस ने बच्चियों के पिता व उसके परिवार के खिलाफ गैर इरादतन हत्या, जन्म के बाद मासूमों की मृत्यु का कारण बनने, दहेज प्रताड़ना, सबूत मिटाने समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया है। फिलहाल, आरोपी पिता नीरज सोलंकी (32) परिवार के साथ फरार है। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।
पुलिस के अनुसार, मूलरूप से गांव इस्माइला, रोहतक निवासी पूजा की फरवरी 2022 में गांव पूठकलां निवासी नीरज से शादी हुई थी। पूजा के परिवार में पिता तेज प्रकाश, मां सुनीता व दो भाई हैं। नीरज के परिवार में पिता बिजेंद्र सोलंकी, मां चांद कौर, बड़ा भाई दिनेश व बहन मोनिका हैं। पूजा के भाई जुगनू ने बताया कि बहन की शादी में पूरा खर्चा करने के अलावा 20 लाख रुपये दिए गए थे। इसके बाद भी बहन को दहेज के लिए परेशान किया जाने लगा। छोटी-छोटी बातों पर उसे पीटा जाता था। गाड़ी न लाने के लिए उसे ताने दिए जाते थे। शादी के बाद वह गर्भवती नहीं हुई तो उस पर तरह-तरह के आरोप लगने लगे। मायके वालों ने घर बुलाकर उसका इलाज करवाया। इसके बाद पूजा गर्भवती हुई। तीन माह होने पर नीरज व परिजनों ने अवैध रूप से भ्रूण जांच करवाई तो पता चला कि पूजा की गर्भ में जुड़वां लड़कियां हैं। इस पर ससुराल वालों ने उसके साथ बदसलूकी शुरू कर दी। बात बढ़ी तो पूजा मायके आ गई।
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जन्म के बाद ही नीरज बच्चियों को लेकर आ गया

छह माह मायके में रहने के बाद पूजा ने 30 मई को ऑपरेशन के बाद रोहतक के एक निजी अस्पताल में बच्चियों को जन्म दिया। परिजनों ने ससुराल वालों को खबर दी। 30 मई की शाम को पूजा के सास-ससुर अस्पताल पहुंचे। उन्होंने बच्चियों के पैदा होने पर कोई खुशी जाहिर नहीं की। अगले दिन नीरज आया तो पूजा से गाली-गलौज करने लगा। उस दिन वह पूजा का मोबाइल लेकर दिल्ली लौट आया। उसका कहना था कि वह बेटियों को नहीं पाल सकता। बातचीत करने पर एक जून को नीरज, अपनी मां चांद कौर और बहन मोनिका के साथ रोहतक स्थित अस्पताल पहुंचा। उस दिन पूजा की अस्पताल से छुट्टी होनी थी। नीरज और मां ने दोनों नवजात बच्चियों को लिया और गाड़ी में पूजा के घर जाने की बात कहकर बिना बताए बच्चियों को दिल्ली ले आए। परिजन नीरज को कॉल करते रहे, लेकिन मोबाइल बंद मिला। रात को ससुर बिजेंद्र को कॉल किया तो वह भी गोलमोल जवाब देने लगा।
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अगले दिन दोनों बच्चियों के दफनाने की बात पता चली
काफी प्रयास के बाद भी बच्चियों को उस दिन पता नहीं चला। इस बीच जुगनू ने पूठकलां निवासी बुआ के लड़के बसंत को कॉल किया। वहां से उसे पता चला कि दोनों बच्चियां मर गई हैं और नीरज व परिजनों ने दोनों को पास के राम बाग श्मशान घाट में दफना दिया है। खबर सुनते ही परिजनों के होश उड़ गए। वह भागे-भागे दिल्ली पहुंचे तो बताया गया कि दोनों बच्चियों की तबीयत बिगड़ गई थी, जिससे उनकी मौत हो गई। जुगनू ने बताया कि जन्म के बाद से ही दोनों बच्चियां एकदम स्वस्थ थीं। उनका बीमारी से मरने का सवाल नहीं उठता है। कुछ रिश्तेदारों ने दबे लफ्जों में बताया कि उनकी हत्या कर शव को दफना दिया गया है।

दर-दर की ठोकरें खाने के बाद हुआ मामला दर्ज

बच्चियों की मौत की खबर मिलने के बाद परिजन रोहतक सेक्टर-35 के अरबन स्टेट थाने पहुंचे तो गांव के थाने सांपला भेज दिया गया। सांपला पहुंचने पर बच्चियों के दिल्ली ले जाने की आशंका को देखते हुए सुल्तानपुरी थाने भेज दिया गया। दिल्ली पहुंचने पर वापस उन्हें अरबन स्टेट थाने भेजा गया। इधर-उधर चक्कर काटने के बाद परिजन पांच जून को बाहरी जिला पुलिस उपायुक्त से मिले। वरिष्ठ अधिकारियों ने क्षेत्रीय एसडीएम को सूचित किया। इसी दिन शवों को जमीन से निकालकर पोस्टमार्टम के लिए संजय गांधी अस्पताल भेजा गया। अगले दिन पोस्टमार्टम हुआ। इसमें दम घुटने से मौत की आशंका जताई गई। पोस्टमार्टम के बाद भी पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने में करीब 16 दिन लगा दिए। अब 21 जून को इस संबंध में मामला दर्ज हुआ है। वारदात के बाद से आरोपी नीरज और परिजन फरार हैं।
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