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पुलिस ने किसानों को प्राधिकरण जाने से रोका तो बीच सड़क मटके फोड़े
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नोएडा के सेक्टर-5 स्थित हरौला के बरात घर से जुलूस निकाल कर प्राधिकरण कार्यालय पर मटकी फोड़ प्रदर्?
नोएडा। भारतीय किसान परिषद के नेतृत्व में सोमवार को किसानों ने मटका फोड़ प्रदर्शन किया और प्राधिकरण के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसान प्राधिकरण की ओर चले तो पुलिस ने उन्हें संदीप पेपर मिल पर ही रोक लिया और आगे नहीं जाने दिया। पुलिस कार्रवाई से नाराज किसानों ने बीच सड़क पर ही मटके फोड़कर विरोध जताया। किसानों ने कहा कि वह अपने हक लेकर ही घर जाएंगे, नहीं तो इसी तरह प्रदर्शन करते रहेंगे।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सुबह करीब 10 बजे हरौला बारात घर पर किसानों की पंचायत शुरू हुई। दोपहर 2:20 बजे किसान वहां से जुलूस के रूप में निकले। महिलाओं ने सिर पर मटके रखकर नेतृत्व करते हुए प्राधिकरण के खिलाफ नारेबाजी की। महिला किसान 2:40 बजे संदीप पेपर मिल पर एकत्र हो गईं। पुलिस ने उन्हें वहीं पर रोककर समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं मानी और बेरिकेडिंग के पास पहुंच गई। महिला पुलिसकर्मियों से नोकझोंक करते हुए महिलाएं प्राधिकरण दफ्तर जाने की जिद पर अड़ गई। बाद में अफसरों और पुलिसकर्मियों के समझाने के बाद महिलाओं ने बीच सड़क पर ही मटके फोड़ते हुए प्रदर्शन किया।
इस अवसर पर किसानों को संबोधित करते हुए किसान नेता सुखवीर खलीफा ने कहा कि वह अपना हक मांग रहे हैं। एक परिवार में तीन भाई है एक को 10 फीसदी तो दूसरे को पांच फीसदी प्लाट दे दिया, लेकिन तीसरे भाई को कुछ नहीं दे रहे हैं। किसानों को मुआवजा पूरा नहीं दिया है। पुरानी आबादियों पर प्राधिकरण ने अपना नाम चढ़ा लिया है। जबकि आज तक किसान उसी जमीन पर रहते आ रहे हैं। किसान नेता राजेंद्र यादव ने कहा कि जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाएगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
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ऐ बेटी तू तो हमारी ही औलाद है, हमें आज प्राधिकरण जाणै से ना रौको
महिलाएं पुलिस द्वारा लगाए गए बैरियर के पास पहुंची तो महिला पुलिसकर्मियों ने उनको रोक दिया। भंवरकली ने महिाल पुलिसकर्मी से कहा कि ऐ बेटी तू तो हमै मत रोको तुम तो हमारी औलाद हो। हम तुम्हारै को हक दिलाणे के लिए ही जा रहे हैं। इस पर भी महिला पुलिसकर्मियों ने उन्हें आगे नहीं जाने दिया तो महिलाओं ने वहीं मटकी फोड़ दी।
कांग्रेस, आप और सपा के कार्यकर्ता रहे शामिल
किसानों के मटका फोड़ प्रदर्शन में तीन पार्टियों के कार्यकर्ता और पदाधिकारी शामिल हुए। आप की ओर से विधान सभा प्रत्याशी व जिलाध्यक्ष भूपेंद्र जादौन समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। जबकि कांग्रेस के गौतम अवाना समेत अन्य कई पदाधिकारी-कार्यकर्ता भी शामिल हुए।समाजवादी पार्टी से सुनील चौधरी समेत काफी कार्यकर्ता-पदाधिकारी मौजूद रहे।
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पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सुबह करीब 10 बजे हरौला बारात घर पर किसानों की पंचायत शुरू हुई। दोपहर 2:20 बजे किसान वहां से जुलूस के रूप में निकले। महिलाओं ने सिर पर मटके रखकर नेतृत्व करते हुए प्राधिकरण के खिलाफ नारेबाजी की। महिला किसान 2:40 बजे संदीप पेपर मिल पर एकत्र हो गईं। पुलिस ने उन्हें वहीं पर रोककर समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं मानी और बेरिकेडिंग के पास पहुंच गई। महिला पुलिसकर्मियों से नोकझोंक करते हुए महिलाएं प्राधिकरण दफ्तर जाने की जिद पर अड़ गई। बाद में अफसरों और पुलिसकर्मियों के समझाने के बाद महिलाओं ने बीच सड़क पर ही मटके फोड़ते हुए प्रदर्शन किया।
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इस अवसर पर किसानों को संबोधित करते हुए किसान नेता सुखवीर खलीफा ने कहा कि वह अपना हक मांग रहे हैं। एक परिवार में तीन भाई है एक को 10 फीसदी तो दूसरे को पांच फीसदी प्लाट दे दिया, लेकिन तीसरे भाई को कुछ नहीं दे रहे हैं। किसानों को मुआवजा पूरा नहीं दिया है। पुरानी आबादियों पर प्राधिकरण ने अपना नाम चढ़ा लिया है। जबकि आज तक किसान उसी जमीन पर रहते आ रहे हैं। किसान नेता राजेंद्र यादव ने कहा कि जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाएगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
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ऐ बेटी तू तो हमारी ही औलाद है, हमें आज प्राधिकरण जाणै से ना रौको
महिलाएं पुलिस द्वारा लगाए गए बैरियर के पास पहुंची तो महिला पुलिसकर्मियों ने उनको रोक दिया। भंवरकली ने महिाल पुलिसकर्मी से कहा कि ऐ बेटी तू तो हमै मत रोको तुम तो हमारी औलाद हो। हम तुम्हारै को हक दिलाणे के लिए ही जा रहे हैं। इस पर भी महिला पुलिसकर्मियों ने उन्हें आगे नहीं जाने दिया तो महिलाओं ने वहीं मटकी फोड़ दी।
कांग्रेस, आप और सपा के कार्यकर्ता रहे शामिल
किसानों के मटका फोड़ प्रदर्शन में तीन पार्टियों के कार्यकर्ता और पदाधिकारी शामिल हुए। आप की ओर से विधान सभा प्रत्याशी व जिलाध्यक्ष भूपेंद्र जादौन समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। जबकि कांग्रेस के गौतम अवाना समेत अन्य कई पदाधिकारी-कार्यकर्ता भी शामिल हुए।समाजवादी पार्टी से सुनील चौधरी समेत काफी कार्यकर्ता-पदाधिकारी मौजूद रहे।