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संशोधित::: बरेली के ध्यानार्थ.... यमुना बाढ़ के मैदान में मॉडल के रूप में विकसित हो रही नम भूमि
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-असिता और बांसेरा को देखने पहुंचा उत्तर प्रदेश के अधिकारियों का प्रतिनिधिमंडल
-दिल्ली के उपराज्यपाल से मुलाकात कर परियोजना के बारे में जुटाई जानकारी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। यमुना बाढ़ के मैदान में नम भूमि का विकास अब एक मॉडल के रूप में हो रहा है। खासकर यमुना किनारे असिता व बांसेरा का निर्माण पड़ोसी राज्यों को खासा लुभा रहा है। दिल्ली विकास प्राधिकरण के इस कार्य को देखने के लिए ही उत्तर प्रदेश के बरेली जिले से एक प्रतिनिधिमंडल दिल्ली पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली के उपराज्यपाल एके सक्सेना से मुलाकात कर परियोजनाओं की जानकारी जुटाई।
दरअसल शनिवार को यमुना बाढ़ क्षेत्र के विकास को देखने बरेली की मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल, बरेली विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष योगेंद्र सिंह और नगर आयुक्त, बरेली निधि गुप्त वत्स के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने असिता, बांसेरा और धौला कुआं-आईजीआई एयरपोर्ट रोड का दौरा किया। प्रतिनिधिमंडल ने सराय काले खां स्थित वेस्ट टू वंडर पार्क का भी दौरा किया। अधिकारियों ने यमुना बाढ़ के मैदानों के जीर्णोद्धार और कायाकल्प के विवरण की भी जांच की और कहा कि असिता और बांसेरा का जिस तरह से विकास हुआ है उसी तर्ज पर बरेली में राम गंगा नदी के घाटों के साथ दोहराया जा सकता है। उपराज्यपाल ने समय और उपलब्ध संसाधनों का सही उपयोग करने की आवश्यकता पर बल दिया। अधिकारियों को बताया कि शीर्ष स्तर पर नियमित निगरानी के साथ ही जमीनी मूल्यांकन किसी भी परियोजना के समय पर और प्रभावी कार्यान्वयन की कुंजी है।
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बॉयोडायवर्सिटी पार्क भी कम नहीं
दिल्ली विकास प्राधिकरण द्वारा दिल्ली में विकसित किए गए बॉयोडायवर्सिटी पार्क भी अपना छाप छोड़ रहा है। उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश समेत कई राज्यों के अधिकारी इसका दौरा कर चुके हैं। हापुड़, बुलंदशहर समेत उत्तर प्रदेश के कई शहरों में भी इस तरह का प्रयास जल्द शुरू किया जा सकता है। दरअसल इस नम भूमि के विकसित करने का मकसद पर्यावरण को बेहतर करना है ही साथ ही विदेशी पक्षियों का बसेरा बनाना, नदियों के तट पर एक ऐसा नम भूमि बनाना है।
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-दिल्ली के उपराज्यपाल से मुलाकात कर परियोजना के बारे में जुटाई जानकारी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। यमुना बाढ़ के मैदान में नम भूमि का विकास अब एक मॉडल के रूप में हो रहा है। खासकर यमुना किनारे असिता व बांसेरा का निर्माण पड़ोसी राज्यों को खासा लुभा रहा है। दिल्ली विकास प्राधिकरण के इस कार्य को देखने के लिए ही उत्तर प्रदेश के बरेली जिले से एक प्रतिनिधिमंडल दिल्ली पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली के उपराज्यपाल एके सक्सेना से मुलाकात कर परियोजनाओं की जानकारी जुटाई।
दरअसल शनिवार को यमुना बाढ़ क्षेत्र के विकास को देखने बरेली की मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल, बरेली विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष योगेंद्र सिंह और नगर आयुक्त, बरेली निधि गुप्त वत्स के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने असिता, बांसेरा और धौला कुआं-आईजीआई एयरपोर्ट रोड का दौरा किया। प्रतिनिधिमंडल ने सराय काले खां स्थित वेस्ट टू वंडर पार्क का भी दौरा किया। अधिकारियों ने यमुना बाढ़ के मैदानों के जीर्णोद्धार और कायाकल्प के विवरण की भी जांच की और कहा कि असिता और बांसेरा का जिस तरह से विकास हुआ है उसी तर्ज पर बरेली में राम गंगा नदी के घाटों के साथ दोहराया जा सकता है। उपराज्यपाल ने समय और उपलब्ध संसाधनों का सही उपयोग करने की आवश्यकता पर बल दिया। अधिकारियों को बताया कि शीर्ष स्तर पर नियमित निगरानी के साथ ही जमीनी मूल्यांकन किसी भी परियोजना के समय पर और प्रभावी कार्यान्वयन की कुंजी है।
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बॉयोडायवर्सिटी पार्क भी कम नहीं
दिल्ली विकास प्राधिकरण द्वारा दिल्ली में विकसित किए गए बॉयोडायवर्सिटी पार्क भी अपना छाप छोड़ रहा है। उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश समेत कई राज्यों के अधिकारी इसका दौरा कर चुके हैं। हापुड़, बुलंदशहर समेत उत्तर प्रदेश के कई शहरों में भी इस तरह का प्रयास जल्द शुरू किया जा सकता है। दरअसल इस नम भूमि के विकसित करने का मकसद पर्यावरण को बेहतर करना है ही साथ ही विदेशी पक्षियों का बसेरा बनाना, नदियों के तट पर एक ऐसा नम भूमि बनाना है।
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