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Noida News: गांवों के रास्तों पर भरा रहता है पानी, आनाजाना हुआ मुश्किल
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- बिलासपुर के गढ़ी आजमपुर गांव में ग्रामीणों ने कहा शिकायतों के बाद भी अधिकारी नहीं दे रहे ध्यान
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। गढ़ी आजमपुर गांव के लिए मुख्य रास्ते पर पानी भरा रहता है। ग्रामीणों को आने-जाने में समस्याओं का सामना करना पड़ता है। मजबूरी में ग्रामीणों को घूमकर दूसरे लंबे रास्ते से गांव जाना पड़ता है। गांव ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण के अंतर्गत आता है। ग्रामिणों का दावा है कि कई बार शिकायत के बाद भी अधिकारी कार्रवाई नहीं करते।
बृहस्पतिवार को आयोजित संवाद में ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं साझा कीं। कार्यक्रम में ग्रामीणों का कहना है कि शुरू में पंचायत व्यवस्था में प्रधान से शिकायत करने पर सुनवाई हो जाती थी। अब प्राधिकरण क्षेत्र में गांव के आने पर ऊपर तक अधिकारियों तक पहुंचना आसान नहीं होता। गांव की छोटी-बड़ी समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा। गांव के मुख्य रास्ते की दोनों ओर नालियां टूटी हैं। ग्रामीणों ने बताया कि बाग के बगल वाले रास्ते पर पानी भरा रहता है। ऐसे में यहां से निकलना आसान नहीं होता है। दूसरी ओर, लंबे रास्ते से जाना होता है। यह नहर वाला रास्ता भी कच्चा होने के कारण बारिश के दौरान बंद हो जाता है।
ग्रामीणों ने बताया कि इसके अलावा खेरली गांव से आने वाले रास्ते पर कई काॅलोनियां बनी हैं। यहां भी पानी निकासी ने होने का कारण निकलना मुश्किल है। इसके अलावा गांव में पेयजल लाइन बिछी है लेकिन पेयजल की सप्लाई आज तक नहीं हो पाई है।
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कोट
गांव में 2010 में टयूबवेल लगने के साथ-साथ पाइपलाइन बिछाई गई थी। 15 वर्ष बीतने के बाद भी पेयजल आपूर्ति शुरू नहीं हुई है। - सुरेंद्र सिंह पांचाल, निवासी
प्राथमिक स्कूल में बारिश के दौरान पानी भर जाता है। स्कूल में पानी का सोख्ता बना जिसे ढका नहीं गया है। किसी भी दिन हादसा हो सकता है। - हवलदार अमरपाल सिंह, निवासी
अस्तोली गांव में बन रहे डंपिंग ग्राउंड के रास्ते के सहारे नाला बनाने की ग्रामीणों ने मांग की है। लंबे समय से मांग के बावजूद सुनवाई नहीं हुई है। - कैप्टन राजपाल सिंह, निवासी
मच्छर मारने की दवा का छिड़काव लंबे समय से नहीं हुआ है। मुख्य सड़क पर छिड़काव कर कर्मी चले जाते हैं। - रणवीर सिंह, निवासी
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। गढ़ी आजमपुर गांव के लिए मुख्य रास्ते पर पानी भरा रहता है। ग्रामीणों को आने-जाने में समस्याओं का सामना करना पड़ता है। मजबूरी में ग्रामीणों को घूमकर दूसरे लंबे रास्ते से गांव जाना पड़ता है। गांव ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण के अंतर्गत आता है। ग्रामिणों का दावा है कि कई बार शिकायत के बाद भी अधिकारी कार्रवाई नहीं करते।
बृहस्पतिवार को आयोजित संवाद में ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं साझा कीं। कार्यक्रम में ग्रामीणों का कहना है कि शुरू में पंचायत व्यवस्था में प्रधान से शिकायत करने पर सुनवाई हो जाती थी। अब प्राधिकरण क्षेत्र में गांव के आने पर ऊपर तक अधिकारियों तक पहुंचना आसान नहीं होता। गांव की छोटी-बड़ी समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा। गांव के मुख्य रास्ते की दोनों ओर नालियां टूटी हैं। ग्रामीणों ने बताया कि बाग के बगल वाले रास्ते पर पानी भरा रहता है। ऐसे में यहां से निकलना आसान नहीं होता है। दूसरी ओर, लंबे रास्ते से जाना होता है। यह नहर वाला रास्ता भी कच्चा होने के कारण बारिश के दौरान बंद हो जाता है।
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ग्रामीणों ने बताया कि इसके अलावा खेरली गांव से आने वाले रास्ते पर कई काॅलोनियां बनी हैं। यहां भी पानी निकासी ने होने का कारण निकलना मुश्किल है। इसके अलावा गांव में पेयजल लाइन बिछी है लेकिन पेयजल की सप्लाई आज तक नहीं हो पाई है।
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गांव में 2010 में टयूबवेल लगने के साथ-साथ पाइपलाइन बिछाई गई थी। 15 वर्ष बीतने के बाद भी पेयजल आपूर्ति शुरू नहीं हुई है। - सुरेंद्र सिंह पांचाल, निवासी
प्राथमिक स्कूल में बारिश के दौरान पानी भर जाता है। स्कूल में पानी का सोख्ता बना जिसे ढका नहीं गया है। किसी भी दिन हादसा हो सकता है। - हवलदार अमरपाल सिंह, निवासी
अस्तोली गांव में बन रहे डंपिंग ग्राउंड के रास्ते के सहारे नाला बनाने की ग्रामीणों ने मांग की है। लंबे समय से मांग के बावजूद सुनवाई नहीं हुई है। - कैप्टन राजपाल सिंह, निवासी
मच्छर मारने की दवा का छिड़काव लंबे समय से नहीं हुआ है। मुख्य सड़क पर छिड़काव कर कर्मी चले जाते हैं। - रणवीर सिंह, निवासी