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Noida News: साइबर ठगी के मामले में इनामी बदमाश गिरफ्तार
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साइबर ठगी के मामले में इनामी बदमाश गिरफ्तार
डेढ़ साल से फरार चल रहा था, गिरोह के सदस्यों को सिम पहुंचाने का काम करता था आरोपी
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। बिसरख कोतवाली पुलिस ने साइबर ठगी के मामले में वांछित 50 हजार के इनामी बदमाश को गिरफ्तार कर लिया। बुलंदशहर निवासी आरोपी इमरान उर्फ तोतला (32) डेढ़ साल से फरार चल रहा था। आरोपी चीन और कंबोडिया से जुड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर ठग गिरोह का सक्रिय सदस्य है।
आरोपी गिरोह के सदस्यों को सिम पहुंचाने का काम करता था। गिरोह के सदस्यों के पकड़े जाने के बाद से मोबाइल बंद कर परिजनों से दूरी बनाए हुए था। आरोपी युवाओं को विदेश भेजने में भी मदद करता था। पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरोह के कई साथी भारत में बिना वीजा के घुसे विदेशी नागरिकों के साथ मिलकर विभिन्न मोबाइल कंपनियों जियो, बीएसएनएल, एयरटेल और वीआई के सिम कार्ड फर्जी पहचान पत्रों पर हासिल करते थे। इन सिम कार्ड्स को सक्रिय करने के बाद मोबाइल पर आने वाले एसएमएस और ओटीपी जैसी महत्वपूर्ण सूचनाओं को फिजीएप नामक चीनी एप के माध्यम से कंबोडिया में बैठे चीनी नागरिकों को भेजा जाता था। इसके बाद विदेश में बैठे गिरोह के सदस्य इन सूचनाओं का इस्तेमाल कर भारत की नामचीन कंपनियों का डाटा हैक करते और फिर यहां के लोगों से बड़े पैमाने पर साइबर ठगी करते थे। डीसीपी सेंट्रल नोएडा शक्ति मोहन अवस्थी का कहना है कि आरोपी इमरान की गिरफ्तारी के लिए लंबे समय से प्रयास किए जा रहे थे। उसकी तलाश में इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और लोकल इंटेलिजेंस का सहारा लिया गया। पुलिस टीम ने चार मूर्ति की तरफ जाने वाली सर्विस लेन पर घेराबंदी कर उसे दबोच लिया।
बेरोजगारों को विदेश भेजता था ठग
गिरोह भारतीय युवाओं को कंप्यूटर ऑपरेटर की नौकरी का झांसा देकर विदेश बुलाता और वहां जाकर उनसे जबरन साइबर फ्रॉड कराया जाता था। नौकरी करने से इन्कार करने वालों को विदेशी पुलिस से गिरफ्तार भी करा दिया जाता था। इस प्रकरण से जुड़े मामले में बिसरख कोतवाली पुलिस ने पहले ही कई गिरफ्तारियां की थीं। पुलिस ने चीनी नागरिक सू यूमिंग, नेपाली नागरिक अनिल थापा मगर और भारतीय नागरिक विनोद उर्फ अगस्त्य भाटी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इन सबके खिलाफ थाना बिसरख कोतवाली में धोखाधड़ी व विदेशी अधिनियम के तहत केस दर्ज है। ठगी के लिए भारतीय सिम का प्रयोग कर लोगों को फोन किया जाता था। आरोपियों ने गाजियाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब के युवाओं को ठगा था।
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डेढ़ साल से फरार चल रहा था, गिरोह के सदस्यों को सिम पहुंचाने का काम करता था आरोपी
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। बिसरख कोतवाली पुलिस ने साइबर ठगी के मामले में वांछित 50 हजार के इनामी बदमाश को गिरफ्तार कर लिया। बुलंदशहर निवासी आरोपी इमरान उर्फ तोतला (32) डेढ़ साल से फरार चल रहा था। आरोपी चीन और कंबोडिया से जुड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर ठग गिरोह का सक्रिय सदस्य है।
आरोपी गिरोह के सदस्यों को सिम पहुंचाने का काम करता था। गिरोह के सदस्यों के पकड़े जाने के बाद से मोबाइल बंद कर परिजनों से दूरी बनाए हुए था। आरोपी युवाओं को विदेश भेजने में भी मदद करता था। पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरोह के कई साथी भारत में बिना वीजा के घुसे विदेशी नागरिकों के साथ मिलकर विभिन्न मोबाइल कंपनियों जियो, बीएसएनएल, एयरटेल और वीआई के सिम कार्ड फर्जी पहचान पत्रों पर हासिल करते थे। इन सिम कार्ड्स को सक्रिय करने के बाद मोबाइल पर आने वाले एसएमएस और ओटीपी जैसी महत्वपूर्ण सूचनाओं को फिजीएप नामक चीनी एप के माध्यम से कंबोडिया में बैठे चीनी नागरिकों को भेजा जाता था। इसके बाद विदेश में बैठे गिरोह के सदस्य इन सूचनाओं का इस्तेमाल कर भारत की नामचीन कंपनियों का डाटा हैक करते और फिर यहां के लोगों से बड़े पैमाने पर साइबर ठगी करते थे। डीसीपी सेंट्रल नोएडा शक्ति मोहन अवस्थी का कहना है कि आरोपी इमरान की गिरफ्तारी के लिए लंबे समय से प्रयास किए जा रहे थे। उसकी तलाश में इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और लोकल इंटेलिजेंस का सहारा लिया गया। पुलिस टीम ने चार मूर्ति की तरफ जाने वाली सर्विस लेन पर घेराबंदी कर उसे दबोच लिया।
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बेरोजगारों को विदेश भेजता था ठग
गिरोह भारतीय युवाओं को कंप्यूटर ऑपरेटर की नौकरी का झांसा देकर विदेश बुलाता और वहां जाकर उनसे जबरन साइबर फ्रॉड कराया जाता था। नौकरी करने से इन्कार करने वालों को विदेशी पुलिस से गिरफ्तार भी करा दिया जाता था। इस प्रकरण से जुड़े मामले में बिसरख कोतवाली पुलिस ने पहले ही कई गिरफ्तारियां की थीं। पुलिस ने चीनी नागरिक सू यूमिंग, नेपाली नागरिक अनिल थापा मगर और भारतीय नागरिक विनोद उर्फ अगस्त्य भाटी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इन सबके खिलाफ थाना बिसरख कोतवाली में धोखाधड़ी व विदेशी अधिनियम के तहत केस दर्ज है। ठगी के लिए भारतीय सिम का प्रयोग कर लोगों को फोन किया जाता था। आरोपियों ने गाजियाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब के युवाओं को ठगा था।
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