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Noida News: जागिए... हेलमेट न लगाने से गई एक और जान
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सड़क हादसे व उनमें मरने वालों की संख्या में इजाफा लोगों पर कोई असर नहीं डाल रहा। हेलमेट न पहनने की गलती शनिवार को भी एक बाइक सवार के लिए भारी पड़ गई। सादाबाद में डिवाइडर से सिर टकराने के कारण उसकी मौत हो गई।
जिले में यह रोज की स्थिति है। ऐसे सैकड़ों परिवार हैं, जिन्होंने हादसे में कमाने वाला ही खो दिया। उनकी पत्नी, बच्चे या पिता को घर की जिम्मेदारी उठानी पड़ी।
केस-1
छह माह की बच्ची को छोड़ गए बेटा-बहू :
चंदपा के गांव कुंवरपुर के रहने वाले बनवारी की कहानी हृदय को झंकझोर देने वाली है। एक ही हादसे ने उनका सबकुछ छीन लिया। बेटा-बहू छह की बच्ची को छोड़कर चले गए थे, जो अब ढाई साल की है। छह नवंबर 2023 को अलीगढ़-आगरा बाइपास पर बनवारी के बेटे विष्णु व विष्णु की पत्नी नगमा की सड़क हादसे में मृत्यु हुई थी। दोनों संभल से बाइक पर गांव से लौट रहे थे। नगमा के हाथ में छह माह की खुशबू थी। रास्ते में ट्रक ने बाइक में टक्कर मार दी। बच्ची उछल कर दूर जा गिरी। विष्णु व नगमा दोनों की मौत हो गई। पिता के अनुसार विष्णु घर में बड़ा था तथा उसी पर सारी जिम्मेदारी थी। अब तक परिवार भावनात्मक व आर्थिक रूप से दोनों की मौतों से उभर नहीं पाया है। बनवीर ने लोगों से अपील की है कि वे सड़क पर चलें तो हेलमेट का प्रयोग अवश्य करें।
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केस-2
16 साल की उम्र में संभालनी पड़ी घर की जिम्मेदारी :
दो साल पहले पिता की सड़क हादसे की मृत्यु के बाद 16 वर्ष के सोनू को अपनी मां तीन भाई बहनों की जिम्मेदारी उठानी पड़ी। जो उम्र पढ़ाई की थी, उसमें मेहनत मजदूरी की और अभी भी कर रहा रहा है। सासनी के गांव ततारपुर मोहरिया के रहने वाले अशोक कुमार(35) की आठ मई 2023 को सड़क हादसे में मृत्यु हो गई थी। घटना के वक्त वे बाइक से गांव के ही बाबूलाल के साथ काम से पाली रजापुर बैंक जा रहे थे। रास्ते में अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। सिर की चोट के कारण हालत गंभीर थी। इसलिए अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज ले जाते समय मृत्यु हो गई थी। ऐसे में सोनू ने छोटी उम्र में बड़ी जिम्मेदारी उठाई और पढ़ाई छोड़ काम कर निकल गया। सोनू ने भी लोगों से यातायात नियमों के पालन की अपील की है।
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जिले में यह रोज की स्थिति है। ऐसे सैकड़ों परिवार हैं, जिन्होंने हादसे में कमाने वाला ही खो दिया। उनकी पत्नी, बच्चे या पिता को घर की जिम्मेदारी उठानी पड़ी।
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केस-1
छह माह की बच्ची को छोड़ गए बेटा-बहू :
चंदपा के गांव कुंवरपुर के रहने वाले बनवारी की कहानी हृदय को झंकझोर देने वाली है। एक ही हादसे ने उनका सबकुछ छीन लिया। बेटा-बहू छह की बच्ची को छोड़कर चले गए थे, जो अब ढाई साल की है। छह नवंबर 2023 को अलीगढ़-आगरा बाइपास पर बनवारी के बेटे विष्णु व विष्णु की पत्नी नगमा की सड़क हादसे में मृत्यु हुई थी। दोनों संभल से बाइक पर गांव से लौट रहे थे। नगमा के हाथ में छह माह की खुशबू थी। रास्ते में ट्रक ने बाइक में टक्कर मार दी। बच्ची उछल कर दूर जा गिरी। विष्णु व नगमा दोनों की मौत हो गई। पिता के अनुसार विष्णु घर में बड़ा था तथा उसी पर सारी जिम्मेदारी थी। अब तक परिवार भावनात्मक व आर्थिक रूप से दोनों की मौतों से उभर नहीं पाया है। बनवीर ने लोगों से अपील की है कि वे सड़क पर चलें तो हेलमेट का प्रयोग अवश्य करें।
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केस-2
16 साल की उम्र में संभालनी पड़ी घर की जिम्मेदारी :
दो साल पहले पिता की सड़क हादसे की मृत्यु के बाद 16 वर्ष के सोनू को अपनी मां तीन भाई बहनों की जिम्मेदारी उठानी पड़ी। जो उम्र पढ़ाई की थी, उसमें मेहनत मजदूरी की और अभी भी कर रहा रहा है। सासनी के गांव ततारपुर मोहरिया के रहने वाले अशोक कुमार(35) की आठ मई 2023 को सड़क हादसे में मृत्यु हो गई थी। घटना के वक्त वे बाइक से गांव के ही बाबूलाल के साथ काम से पाली रजापुर बैंक जा रहे थे। रास्ते में अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। सिर की चोट के कारण हालत गंभीर थी। इसलिए अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज ले जाते समय मृत्यु हो गई थी। ऐसे में सोनू ने छोटी उम्र में बड़ी जिम्मेदारी उठाई और पढ़ाई छोड़ काम कर निकल गया। सोनू ने भी लोगों से यातायात नियमों के पालन की अपील की है।