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अपनों से दूर होने के डर से कोरोना की जांच नहीं करा रहे ग्रामीण
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ग्रेटर नोएडा। कोरोना की दूसरी लहर का कहर गांवों में बरपा तो मुख्यमंत्री के नोएडा दौरे के बाद जिले के ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग के साथ प्रशासनिक अमला सक्रिय हुआ है। लगातार गांवों में जांच कैंप आयोजित किए जा रहे हैं, इसके बाद भी लोग कोरोना जांच कराने आगे नहीं आ रहे हैं। इससे गांवों में जाने वाली टीमें शत प्रतिशत ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जांच नहीं कर पा रही हैैं। लोगों को डर सता रहा है कि संक्रमित रिपोर्ट आई तो लोग उनसे दूरी बना लेंगे। उनके अपने भी दूर हो जाएंगे। वहीं, जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वह अधिक से अधिक संख्या में जांच करा कर कोरोना को हराने में सहयोग करें।
गांव के लोगों को जांच के लिए जागरूक करने के लिए तमाम प्रयास किए जा रहे हैं। जिला प्रशासन ने इसके लिए गांवों में निगरानी समिति गठित कर दी है। समिति के सदस्य घर-घर जाकर कुशलक्षेम पूछ रहे हैं। संक्रमितों को मेडिकल किट मुहैया कराने के साथ उन्हें जांच के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है। इसके बाद भी गांव के लोग जांच के लिए सामने नहीं आ रहे हैं। लोगों को इस बात का डर सता रहा है कि कोरोना संक्रमित पाए जाने पर उनके गांव व घर के लोग उनसे दूर हो जाएंगे। अस्पताल में सही से इलाज नहीं मिल पाएगा। इससे बढ़िया वह बिना कराए ही इस मुसीबत का सामना कर लेंगे, लेकिन उनकी यही लापरवाही उनके अपनों को भी संक्रमित कर मुसीबत में डाल सकती है। इसलिए जिला प्रशासन ने बीमार के साथ स्वस्थ लोगों को भी जांच कराने की अपील की है।
बीते एक सप्ताह में हुई जांच
संक्रमण के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग व जिला प्रशासन के प्रयास से जांच कार्य में तेजी देखने के लिए मिल रहा है। अब विभाग ने गांवों में टीम बनाकर 25 सेक्टर व 220 गांवों में जांच अभियान शुरू कर दिया है। एक सप्ताह में 32945 एंटीजन व 20188 आरटीपीसीआर जांच की गई, जिसमें 4042 लोग संक्रमित मिले हैं। विभाग का लक्ष्य है कि प्रतिदिन करीब 7500 लोगों की जांच कराई जाए, ताकि संक्रमण को रोकने में मदद मिल सकें।
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कोरोना टेस्ट के बाद रिपोर्ट में संक्रमित आने पर मरीज के साथ छुआछूत का व्यवहार होने लगता है। मरने के बाद शव के साथ भी बेकद्री हो रही है। अपने भी दूरी बना लेते हैं। इन सब हालातों को देखकर जांच कराने से डर लगता है। - गुलाब सिंह, जारचा
लोग कोरोना संक्रमण को लेकर काफी डरे हुए हैं। हाल में ही बिलासपुर व दादुपुर में जांच कैंप लगा था। यहां मात्र 50 लोगों ने जांच कराई। मामूली सर्दी, खांसी व बुखार के पीड़ित जांच रिपोर्ट भी पॉजीटिव आ रहे हैं। कुछ मामलों में बिना लक्षण वाले भी संक्रमित मिल रहे हैं, इससे लोग और डरे हुए हैं। - पंकज शर्मा, दनकौर।
गांवों में जांच अभियान के साथ लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। लोगों को निगरानी समिति व अधिकारियों की टीम लगातार जागरूक कर रही है। शुक्रवार को जिलाधिकारी सुहास एलवाई स्वयं भी मलकपुर व हबीबपुर गांव में जांच करा रहे लोगों के साथ स्वास्थ्य विभाग की टीम का हौसला बढ़ाने के लिए पहुंचे थे। - प्रसून द्विवेदी, एसडीएम सदर
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गांव के लोगों को जांच के लिए जागरूक करने के लिए तमाम प्रयास किए जा रहे हैं। जिला प्रशासन ने इसके लिए गांवों में निगरानी समिति गठित कर दी है। समिति के सदस्य घर-घर जाकर कुशलक्षेम पूछ रहे हैं। संक्रमितों को मेडिकल किट मुहैया कराने के साथ उन्हें जांच के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है। इसके बाद भी गांव के लोग जांच के लिए सामने नहीं आ रहे हैं। लोगों को इस बात का डर सता रहा है कि कोरोना संक्रमित पाए जाने पर उनके गांव व घर के लोग उनसे दूर हो जाएंगे। अस्पताल में सही से इलाज नहीं मिल पाएगा। इससे बढ़िया वह बिना कराए ही इस मुसीबत का सामना कर लेंगे, लेकिन उनकी यही लापरवाही उनके अपनों को भी संक्रमित कर मुसीबत में डाल सकती है। इसलिए जिला प्रशासन ने बीमार के साथ स्वस्थ लोगों को भी जांच कराने की अपील की है।
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बीते एक सप्ताह में हुई जांच
संक्रमण के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग व जिला प्रशासन के प्रयास से जांच कार्य में तेजी देखने के लिए मिल रहा है। अब विभाग ने गांवों में टीम बनाकर 25 सेक्टर व 220 गांवों में जांच अभियान शुरू कर दिया है। एक सप्ताह में 32945 एंटीजन व 20188 आरटीपीसीआर जांच की गई, जिसमें 4042 लोग संक्रमित मिले हैं। विभाग का लक्ष्य है कि प्रतिदिन करीब 7500 लोगों की जांच कराई जाए, ताकि संक्रमण को रोकने में मदद मिल सकें।
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कोरोना टेस्ट के बाद रिपोर्ट में संक्रमित आने पर मरीज के साथ छुआछूत का व्यवहार होने लगता है। मरने के बाद शव के साथ भी बेकद्री हो रही है। अपने भी दूरी बना लेते हैं। इन सब हालातों को देखकर जांच कराने से डर लगता है। - गुलाब सिंह, जारचा
लोग कोरोना संक्रमण को लेकर काफी डरे हुए हैं। हाल में ही बिलासपुर व दादुपुर में जांच कैंप लगा था। यहां मात्र 50 लोगों ने जांच कराई। मामूली सर्दी, खांसी व बुखार के पीड़ित जांच रिपोर्ट भी पॉजीटिव आ रहे हैं। कुछ मामलों में बिना लक्षण वाले भी संक्रमित मिल रहे हैं, इससे लोग और डरे हुए हैं। - पंकज शर्मा, दनकौर।
गांवों में जांच अभियान के साथ लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। लोगों को निगरानी समिति व अधिकारियों की टीम लगातार जागरूक कर रही है। शुक्रवार को जिलाधिकारी सुहास एलवाई स्वयं भी मलकपुर व हबीबपुर गांव में जांच करा रहे लोगों के साथ स्वास्थ्य विभाग की टीम का हौसला बढ़ाने के लिए पहुंचे थे। - प्रसून द्विवेदी, एसडीएम सदर