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Noida News: राजधानी में बढ़ेंगे वाहनों के फिटनेस जांच केंद्र
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परिवहन विभाग की तरफ से पांच जिलों में स्थापित किया जाएगा ऑटोमेटेड टेस्टिंग केंद्र
20 मिनट में किसी भी वाहन की जांच होगी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। राजधानी में अब वाहन चालकों को फिटनेस जांच के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। जल्द ही दिल्ली परिवहन विभाग पांच जिलों में फिटनेस जांच केंद्र स्थापित करेगा। फिलहाल, केवल बुराड़ी और झुलझुली क्षेत्र में ही फिटनेस जांच केंद्र हैं। बुराड़ी में छोटे व झुलझुली में बड़े वाहनों की जांच होती है। ऐसे में दोनों केंद्रों पर वाहनों का दबाव अधिक होता है।
परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि केंद्र खोलने के लिए निविदा जारी कर दी गई है। उत्तरी, उत्तर पश्चिम, पश्चिम, दक्षिण और दक्षिण पूर्व जिले में निजी कंपनियां केंद्र स्थापित कर संचालन करेंगी। उत्तरी जिले में निजी कंपनी को जमीन परिवहन विभाग देगा। अन्य जिलों में निजी कंपनियों को ही जमीन का प्रबंध करना होगा। यह फिटनेस केंद्र पूरी तरह से ऑटोमैटिक होंगे। इसमें 20 मिनट में किसी भी वाहन के फिटनेस की जांच हो जाएगी। स्वचालित मशीनों से वाहन के फिटनेस की सटीक जांच होती है। इसमें किसी भी तरह की गड़बड़ी आशंका नहीं होती।
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सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि ऑटोमेटेड टेस्टिंग केंद्र में ही वाहनों के फिटनेस की जांच करवाई जाए। इसमें हल्के निजी वाहनों को दूर रखा गया है और केवल 15 साल से अधिक पुराने वाहनों के फिर से रजिस्ट्रेशन के समय फिटनेस की जांच करानी होती है। ध्यान देने की बात है कि आठ वर्ष तक पुराने भारी, मझोले और हल्के कामर्शियल वाहनों को हर दो वर्ष में फिटनेस जांच अनिवार्य रूप से करानी होती है। वहीं, आठ साल से पुराने कामर्शियल वाहनों के लिए हर साल की अनिवार्यता है।
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हर जिले में खोला जाएगा केंद्र
परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पांच जिलों में ऑटोमेटेड टेस्टिंग केंद्र खोलने की योजना पायलट प्रोजेक्ट है। इन पांचों के शुरू होने के बाद यह देखा जाएगा कि वाहनों की जांच औसत प्रति दिन कितनी होती है। अगर यह सफल रहा तो दिल्ली के सभी जिलों में ऑटोमेटेड टेस्टिंग केंद्र शुरू किया जाएगा। दिल्ली में कम से कम 15 लाख से अधिक बड़े, मध्यम और हल्के कामर्शियल वाहन पंजीकृत हैं। सिर्फ दो जगहो पर जांच होने से वाहनों को केंद्र तक पहुंचने में समय के साथ ही ईंधन भी अधिक लगता है।