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अर्बनेक बिल्डर खत्म करेगा 750 खरीदारों का सात साल का इंतजार
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नोएडा के सेक्टर-62 स्थित बिज लाइफ प्रोजेक्ट।
- फोटो : Grnoida
ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश भूसंपदा विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) ने नोएडा के सेक्टर-62 स्थित बिज लाइफ प्रोजेक्ट को पूरा करने की जिम्मेदारी अर्बनेक बिल्डिंग टेक्नोलॉजीज बिल्डर को दी है। यह एनसीआर का पहला प्रोजेक्ट है। जिसमें दूसरे बिल्डर को काम की अनुमति दी गई है। यूपी रेरा ने बिल्डर से 15 दिन के अंदर कार्ययोजना मांगी है। वहीं नया बिल्डर आने से खरीदारों में एक नई उम्मीद जगी है। खरीदार सात साल से कब्जा मिलने का इंतजार कर रहे हैं। नोएडा के सेक्टर-62 में बिज लाइफ नाम से व्यावसायिक प्रोजेक्ट है, जो प्रॉपलेरिटी इंफ्राटेक बिल्डर का है।
बिल्डर ने वर्ष 2014 में प्रोजेक्ट लांच किया था। 2019 में बिल्डर को कब्जा देना था, लेकिन नहीं दे सका। प्रोजेक्ट पर निर्माण कार्य भी लंबे समय से रुका है। कई वर्ष से बिल्डर भी गायब है। अर्बनेक बिल्डर ने एसोसिएशन से संपर्क कर प्रोजेक्ट को पूरा करने का प्रस्ताव दिया था। एसोसिएशन ने प्रस्ताव यूपी रेरा के समक्ष रखा। यूपी रेरा ने कुल खरीदारों में से दो तिहाई की सहमति मांगी। सहमति के बाद मंगलवार को प्रोजेक्ट को पूरा करने की जिम्मेदारी अर्बनेक बिल्डिंग टेक्नोलॉजीज को देने का आदेश जारी कर दिया है। अर्बनेक सॉलट्रेन बिल्डिंग टेक्नोलॉजी लिमिटेड के साथ मिलकर प्रोजेक्ट पूरा करेगा।
यूपी रेरा में दिया था 2023 तक पूरा करने का समय
बिल्डर प्रॉपलेरिटी इंफ्राटेक ने वर्ष 2017 में बिज लाइफ प्रोजेक्ट यूपी रेरा में पंजीकृत कराया था। रेरा ने बिल्डर को वर्ष 2023 तक प्रोजेक्ट पूरा करने का समय दिया था। रेरा पंजीकरण के तहत अभी प्रोजेक्ट पूरा करने का समय है। खरीदारों ने बताया कि नए बिल्डर ने तीन से चार साल में प्रोजेक्ट को पूरा करने का वादा किया है। वहीं, बिज लाइफ प्रॉपर्टी बायर्स वेलफेयर एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी सचिन गुलाटी ने बताया कि खरीदारों ने लंबा संघर्ष किया है।
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वर्ष 2017 में सेक्टर-58 कोतवाली में बिल्डर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी दायर की थी। इस पर ईडी की जांच चल रही है। उन्होंने बताया कि बिल्डर करीब 200 करोड़ लेकर फरार हो गया है। यूपी रेरा के सचिव राजेश कुमार त्यागी ने बताया कि अधिनियम की धारा-15 के तहत बिज लाइफ प्रोजेक्ट अर्बनेक बिल्डर को दिया है। खरीदारों की सहमति से आदेश जारी किया गया है। इससे पहले लखनऊ में अंसल का एक प्रोजेक्ट अन्य बिल्डर को दिया गया था।
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बिल्डर ने वर्ष 2014 में प्रोजेक्ट लांच किया था। 2019 में बिल्डर को कब्जा देना था, लेकिन नहीं दे सका। प्रोजेक्ट पर निर्माण कार्य भी लंबे समय से रुका है। कई वर्ष से बिल्डर भी गायब है। अर्बनेक बिल्डर ने एसोसिएशन से संपर्क कर प्रोजेक्ट को पूरा करने का प्रस्ताव दिया था। एसोसिएशन ने प्रस्ताव यूपी रेरा के समक्ष रखा। यूपी रेरा ने कुल खरीदारों में से दो तिहाई की सहमति मांगी। सहमति के बाद मंगलवार को प्रोजेक्ट को पूरा करने की जिम्मेदारी अर्बनेक बिल्डिंग टेक्नोलॉजीज को देने का आदेश जारी कर दिया है। अर्बनेक सॉलट्रेन बिल्डिंग टेक्नोलॉजी लिमिटेड के साथ मिलकर प्रोजेक्ट पूरा करेगा।
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यूपी रेरा में दिया था 2023 तक पूरा करने का समय
बिल्डर प्रॉपलेरिटी इंफ्राटेक ने वर्ष 2017 में बिज लाइफ प्रोजेक्ट यूपी रेरा में पंजीकृत कराया था। रेरा ने बिल्डर को वर्ष 2023 तक प्रोजेक्ट पूरा करने का समय दिया था। रेरा पंजीकरण के तहत अभी प्रोजेक्ट पूरा करने का समय है। खरीदारों ने बताया कि नए बिल्डर ने तीन से चार साल में प्रोजेक्ट को पूरा करने का वादा किया है। वहीं, बिज लाइफ प्रॉपर्टी बायर्स वेलफेयर एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी सचिन गुलाटी ने बताया कि खरीदारों ने लंबा संघर्ष किया है।
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वर्ष 2017 में सेक्टर-58 कोतवाली में बिल्डर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी दायर की थी। इस पर ईडी की जांच चल रही है। उन्होंने बताया कि बिल्डर करीब 200 करोड़ लेकर फरार हो गया है। यूपी रेरा के सचिव राजेश कुमार त्यागी ने बताया कि अधिनियम की धारा-15 के तहत बिज लाइफ प्रोजेक्ट अर्बनेक बिल्डर को दिया है। खरीदारों की सहमति से आदेश जारी किया गया है। इससे पहले लखनऊ में अंसल का एक प्रोजेक्ट अन्य बिल्डर को दिया गया था।