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Noida News: अब डीयू में डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग पर बवाल
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पुलिस से धक्कामुक्की व नोकझोंक, धारा 144 लगाकर 24 छात्रों को हिरासत में लिया
बवाल की आशंका को देखते हुए डीयू प्रॉक्टर ने पहले ही दे दी थी पुलिस को सूचना
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
प्रतिबंधित डॉक्यूमेंट्री इंडिया : द मोदी क्वेश्चन की स्क्रीनिंग को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। जेएनयू, जामिया से होते हुए अब यह विवाद शुक्रवार को डीयू व आंबडेकर विश्वविद्यालय तक पहुंच गया। दिल्ली विश्वविद्यालय में स्क्रीनिंग को लेकर दोपहर बाद जमकर हंगामा हुआ। वाम संगठन एसएफआई, आइसा, एयूडी, केरल स्टूडेंट ग्रुप से जुड़े कार्यकर्ता नॉर्थ कैंपस में डॉक्यूमेंट्री नहीं देखने देने के विरोध में प्रदर्शन करने लगे। वहीं, कुछ अन्य वाम संगठन से जुड़े छात्रों व एनएसयूआई ने इस डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग का आह्वान किया था। भीम आर्मी से जुड़े कार्यकर्ता भी वहां पहुंचे थे।
आर्ट फैकल्टी स्थित गेट-4 पर डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग लैपटॉप पर करने का प्रयास किया गया। कैंपस में मौजूद ने छात्रों को वहां से हटाकर पुलिस ने धारा-144 लगा दी। इससे पहले डीयू की ओर से इस प्रस्तावित स्क्रीनिंग को लेकर पुलिस को सूचना दे दी गई थी। कई संगठनों के छात्र अलग-अलग समय पर आते रहे। इस दौरान उनकी पुलिस से नोकझोंक व हाथापाई होती रही। पुलिस सभी को हिरासत में लेकर वहां से हटाती रही। उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त सागर सिंह कलसी ने बताया कि पुलिस ने 24 छात्रों को हिरासत में लिया था, जिन्हें शाम को छोड़ दिया गया। कुछ लोग डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग के लिए पहुंचे थे। उन्हें कई बार मना किया गया, लेकिन जब वह नहीं माने तो उन्हें हिरासत में लिया। बाद में उन्होंने अंदर भी स्क्रीनिंग करने का प्रयास किया, तब वहां से भी हिरासत में लिया गया। वहीं, डीयू प्रॉक्टर रजनी अब्बी ने बताया कि स्क्रीनिंग की अनुमति किसी ने नहीं मांगी थी और न ही हमने किसी को अनुमति दी थी। पहले ही दिल्ली पुलिस को सूचना दे दी गई थी, ताकि कैंपस का माहौल खराब नहीं हो। कैंपस में पुलिस की चाक चौबंद व्यवस्था थी। हंगामे को देखते हुए डीयू के सभी गेट भी बंद दिए गए थे।
एनएसयूआई ने स्क्रीनिंग की घोषणा की थी
एनएसयूआई की ओर से आर्ट फैकल्टी में शाम चार बजे डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग रखी गई थी। इसकी स्क्रीनिंग का प्रयास किया गया, लेकिन छात्र सफल नहीं हुए।
आंबेडकर विश्वविद्यालय में काटी बिजली
कश्मीरी गेट स्थित डॉ. बीआर आंबेडकर विश्वविद्यालय में छात्र संगठन एसएफआई (स्टूडेेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया) ने डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग का प्रयास किया। ऐसे में प्रशासन ने बवाल की आंशका को देखते हुए बिजली काट दी। इस पर छात्रों ने डॉक्यूमेंट्री डाउनलोड करने का क्यूआर कोड जारी कर दिया और मोबाइल व लैपटॉप पर डॉक्यूमेंट्री देखी। इस दौरान एबीवीपी से जुड़े कुछ छात्र जय श्रीराम के नारे लगाने लगे। माहौल खराब होने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी। इसके बाद पुलिस मौके पर जुटी रही।
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बवाल की आशंका को देखते हुए डीयू प्रॉक्टर ने पहले ही दे दी थी पुलिस को सूचना
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
प्रतिबंधित डॉक्यूमेंट्री इंडिया : द मोदी क्वेश्चन की स्क्रीनिंग को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। जेएनयू, जामिया से होते हुए अब यह विवाद शुक्रवार को डीयू व आंबडेकर विश्वविद्यालय तक पहुंच गया। दिल्ली विश्वविद्यालय में स्क्रीनिंग को लेकर दोपहर बाद जमकर हंगामा हुआ। वाम संगठन एसएफआई, आइसा, एयूडी, केरल स्टूडेंट ग्रुप से जुड़े कार्यकर्ता नॉर्थ कैंपस में डॉक्यूमेंट्री नहीं देखने देने के विरोध में प्रदर्शन करने लगे। वहीं, कुछ अन्य वाम संगठन से जुड़े छात्रों व एनएसयूआई ने इस डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग का आह्वान किया था। भीम आर्मी से जुड़े कार्यकर्ता भी वहां पहुंचे थे।
आर्ट फैकल्टी स्थित गेट-4 पर डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग लैपटॉप पर करने का प्रयास किया गया। कैंपस में मौजूद ने छात्रों को वहां से हटाकर पुलिस ने धारा-144 लगा दी। इससे पहले डीयू की ओर से इस प्रस्तावित स्क्रीनिंग को लेकर पुलिस को सूचना दे दी गई थी। कई संगठनों के छात्र अलग-अलग समय पर आते रहे। इस दौरान उनकी पुलिस से नोकझोंक व हाथापाई होती रही। पुलिस सभी को हिरासत में लेकर वहां से हटाती रही। उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त सागर सिंह कलसी ने बताया कि पुलिस ने 24 छात्रों को हिरासत में लिया था, जिन्हें शाम को छोड़ दिया गया। कुछ लोग डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग के लिए पहुंचे थे। उन्हें कई बार मना किया गया, लेकिन जब वह नहीं माने तो उन्हें हिरासत में लिया। बाद में उन्होंने अंदर भी स्क्रीनिंग करने का प्रयास किया, तब वहां से भी हिरासत में लिया गया। वहीं, डीयू प्रॉक्टर रजनी अब्बी ने बताया कि स्क्रीनिंग की अनुमति किसी ने नहीं मांगी थी और न ही हमने किसी को अनुमति दी थी। पहले ही दिल्ली पुलिस को सूचना दे दी गई थी, ताकि कैंपस का माहौल खराब नहीं हो। कैंपस में पुलिस की चाक चौबंद व्यवस्था थी। हंगामे को देखते हुए डीयू के सभी गेट भी बंद दिए गए थे।
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एनएसयूआई ने स्क्रीनिंग की घोषणा की थी
एनएसयूआई की ओर से आर्ट फैकल्टी में शाम चार बजे डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग रखी गई थी। इसकी स्क्रीनिंग का प्रयास किया गया, लेकिन छात्र सफल नहीं हुए।
आंबेडकर विश्वविद्यालय में काटी बिजली
कश्मीरी गेट स्थित डॉ. बीआर आंबेडकर विश्वविद्यालय में छात्र संगठन एसएफआई (स्टूडेेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया) ने डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग का प्रयास किया। ऐसे में प्रशासन ने बवाल की आंशका को देखते हुए बिजली काट दी। इस पर छात्रों ने डॉक्यूमेंट्री डाउनलोड करने का क्यूआर कोड जारी कर दिया और मोबाइल व लैपटॉप पर डॉक्यूमेंट्री देखी। इस दौरान एबीवीपी से जुड़े कुछ छात्र जय श्रीराम के नारे लगाने लगे। माहौल खराब होने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी। इसके बाद पुलिस मौके पर जुटी रही।
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