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मुंबई-हैदराबाद से भी बड़ी यूपी की फिल्म सिटी को मिली शासन से मंजूरी
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ग्रेटर नोएडा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महत्वाकांक्षी परियोजना यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में प्रस्तावित फिल्म सिटी के बिड डॉक्यूमेंट (बोली दस्तावेज या निविदा प्रपत्र) के रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) को शासन की मंजूरी मिल गई है। मुंबई-हैदराबाद से भी बड़ी इस फिल्म सिटी की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट पर शासन ने पहले ही मुहर लगा दी थी।
प्रेसवार्ता में अधिकारियों ने बताया कि अब शासन की मजूरी के बाद यमुना प्राधिकरण ने निविदा जारी कर दी है। बोली दस्तावेज सोमवार को यमुना प्राधिकरण के पोर्टल और एनआईसी की वेबसाइट पर डाल दिए जाएंगे, इन्हें 23 नवंबर से अपलोड कर आवेदन किया जा सकेगा। 8 दिसंबर को दोपहर 2:30 बजे प्री बिड होगी। इसके बाद नए साल में निर्माण शुरू हो जाएगा। दस हजार करोड़ की परियोजना पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल पर तीन चरणों में विकसित होगी। इसमें 17 हजार करोड़ का निवेश होगा और 50 हजार लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। परियोजना का पहला चरण वर्ष 2024 में पूरा कर लिया जाएगा।
यमुना प्राधिकरण के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया कि यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे सेक्टर-21 में फिल्म सिटी 1000 हजार एकड़ में बनेगी। शासन ने फिल्म सिटी विकसित करने के लिए सलाहकार और विकासकर्ता की नियुक्ति के लिए नोडल एजेंसी नामित कर प्राधिकरण को जिम्मेदारी सौंपी है। फिल्म सिटी की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट पर शासन में गठित समिति ने 12 अगस्त को मुहर लगा दी थी। फिल्म सिटी के लिए हाइब्रिड फाइनेंशियल मॉडल तय किया गया है। इसमें सालाना तय शुल्क और लाभांश में भी हिस्सेदारी मिलेगी। प्राधिकरण ने परियोजना के विकास के लिए वैश्विक निविदा निकालने के निविदा प्रपत्र तैयार किए थे, ताकि विदेशी विकासकर्ता कंपनी भी निविदा में हिस्सा ले सकें। शनिवार को शासन ने यीडा के प्रस्ताव को मंजूरी देकर निविदा निकालने के निर्देश दिए हैं।
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740 एकड़ में फिल्म फैसिलिटी मिलेगी
सीईओ ने बताया कि फिल्म सिटी की 1000 एकड़ भूमि में से 740 एकड़ में फिल्म फैसिलिटी, 40 एकड़ में फिल्म संस्थान और 120 एकड़ में एम्यूजमेंट पार्क विकसित होगा। रिटेल व अन्य वाणिज्यिक योजना जैसे होटल, रेस्तरां, विला और कार्यालय 100 एकड़ में विकसित किए जाने हैं।
2500 करोड़ होना चाहिए कंपनी का टर्नओवर
निविदा प्रपत्र भरने के लिए फिल्म सिटी की विकासकर्ता कंपनी की तकनीक और वित्तीय योग्यता भी तय गई है। आवेदन करने वाले कंपनी का सालाना टर्नओवर तीन फाइनेंशियल वर्ष में 2500 करोड़ रुपये होनी चाहिए। वहीं, फिल्म और मीडिया क्षेत्र में पात्र परियोजनाओं पर निर्माण आदि का अनुभव होना चाहिए। इसमें दो श्रेणी हैं। पहली फिल्म और दूसरी ओटीटी प्लेटफार्म की श्रेणी है।
एयरपोर्ट की तर्ज पर होगी फिल्म सिटी की कनेक्टिविटी
सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया कि 23 नवंबर से निविदा पत्र डाउनलोड किया जा सकता है जो भी आपत्तियां प्राप्त होंगी, उनका निस्तारण कर गठित कमेटी के सामने रखकर 8 दिसंबर को प्री बिड होगी। नोएडा एयरपोर्ट से जिन मार्गों की कनेक्टिविटी होगी, उन्हें फिल्म सिटी से भी जोड़ा जाएगा। इसके अलावा एयरपोर्ट मेट्रो, पॉड टैक्सी से भी फिल्म सिटी को जोड़ा जाएगा, ताकि जो लोग पर्यटन के हिसाब से एयरपोर्ट आकर फिल्म सिटी आना चाहें तो वह आ सकते हैं।
40 साल की कंसेशन की अवधि
फिल्म सिटी का विकास हाई ब्रिड फाइनेंशियल मॉडल पर होगा। कंसेशन अवधि 40 साल होगी, जिसेेेे 30 साल और बढ़ाया जा सकेगा। विकासकर्ता कंपनी को सालाना प्रीमियम देना होगा। सालाना आय में प्राधिकरण की भी हिस्सेदारी होगी।
फिल्म सिटी में होंगे कई आकर्षण
फिल्म सिटी में स्टूडियो हॉलीवुड की तर्ज पर बनाने (जिससे दृश्य और रियल लगे), मल्टीलेवल पार्किंग, लैंड स्केपिंग, भारतीय फिल्मों के इतिहास से रूबरू कराने के लिए म्यूजियम आदि का भी प्रस्ताव है, जो आकर्षण का केंद्र होंगे।
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प्रेसवार्ता में अधिकारियों ने बताया कि अब शासन की मजूरी के बाद यमुना प्राधिकरण ने निविदा जारी कर दी है। बोली दस्तावेज सोमवार को यमुना प्राधिकरण के पोर्टल और एनआईसी की वेबसाइट पर डाल दिए जाएंगे, इन्हें 23 नवंबर से अपलोड कर आवेदन किया जा सकेगा। 8 दिसंबर को दोपहर 2:30 बजे प्री बिड होगी। इसके बाद नए साल में निर्माण शुरू हो जाएगा। दस हजार करोड़ की परियोजना पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल पर तीन चरणों में विकसित होगी। इसमें 17 हजार करोड़ का निवेश होगा और 50 हजार लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। परियोजना का पहला चरण वर्ष 2024 में पूरा कर लिया जाएगा।
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यमुना प्राधिकरण के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया कि यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे सेक्टर-21 में फिल्म सिटी 1000 हजार एकड़ में बनेगी। शासन ने फिल्म सिटी विकसित करने के लिए सलाहकार और विकासकर्ता की नियुक्ति के लिए नोडल एजेंसी नामित कर प्राधिकरण को जिम्मेदारी सौंपी है। फिल्म सिटी की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट पर शासन में गठित समिति ने 12 अगस्त को मुहर लगा दी थी। फिल्म सिटी के लिए हाइब्रिड फाइनेंशियल मॉडल तय किया गया है। इसमें सालाना तय शुल्क और लाभांश में भी हिस्सेदारी मिलेगी। प्राधिकरण ने परियोजना के विकास के लिए वैश्विक निविदा निकालने के निविदा प्रपत्र तैयार किए थे, ताकि विदेशी विकासकर्ता कंपनी भी निविदा में हिस्सा ले सकें। शनिवार को शासन ने यीडा के प्रस्ताव को मंजूरी देकर निविदा निकालने के निर्देश दिए हैं।
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740 एकड़ में फिल्म फैसिलिटी मिलेगी
सीईओ ने बताया कि फिल्म सिटी की 1000 एकड़ भूमि में से 740 एकड़ में फिल्म फैसिलिटी, 40 एकड़ में फिल्म संस्थान और 120 एकड़ में एम्यूजमेंट पार्क विकसित होगा। रिटेल व अन्य वाणिज्यिक योजना जैसे होटल, रेस्तरां, विला और कार्यालय 100 एकड़ में विकसित किए जाने हैं।
2500 करोड़ होना चाहिए कंपनी का टर्नओवर
निविदा प्रपत्र भरने के लिए फिल्म सिटी की विकासकर्ता कंपनी की तकनीक और वित्तीय योग्यता भी तय गई है। आवेदन करने वाले कंपनी का सालाना टर्नओवर तीन फाइनेंशियल वर्ष में 2500 करोड़ रुपये होनी चाहिए। वहीं, फिल्म और मीडिया क्षेत्र में पात्र परियोजनाओं पर निर्माण आदि का अनुभव होना चाहिए। इसमें दो श्रेणी हैं। पहली फिल्म और दूसरी ओटीटी प्लेटफार्म की श्रेणी है।
एयरपोर्ट की तर्ज पर होगी फिल्म सिटी की कनेक्टिविटी
सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया कि 23 नवंबर से निविदा पत्र डाउनलोड किया जा सकता है जो भी आपत्तियां प्राप्त होंगी, उनका निस्तारण कर गठित कमेटी के सामने रखकर 8 दिसंबर को प्री बिड होगी। नोएडा एयरपोर्ट से जिन मार्गों की कनेक्टिविटी होगी, उन्हें फिल्म सिटी से भी जोड़ा जाएगा। इसके अलावा एयरपोर्ट मेट्रो, पॉड टैक्सी से भी फिल्म सिटी को जोड़ा जाएगा, ताकि जो लोग पर्यटन के हिसाब से एयरपोर्ट आकर फिल्म सिटी आना चाहें तो वह आ सकते हैं।
40 साल की कंसेशन की अवधि
फिल्म सिटी का विकास हाई ब्रिड फाइनेंशियल मॉडल पर होगा। कंसेशन अवधि 40 साल होगी, जिसेेेे 30 साल और बढ़ाया जा सकेगा। विकासकर्ता कंपनी को सालाना प्रीमियम देना होगा। सालाना आय में प्राधिकरण की भी हिस्सेदारी होगी।
फिल्म सिटी में होंगे कई आकर्षण
फिल्म सिटी में स्टूडियो हॉलीवुड की तर्ज पर बनाने (जिससे दृश्य और रियल लगे), मल्टीलेवल पार्किंग, लैंड स्केपिंग, भारतीय फिल्मों के इतिहास से रूबरू कराने के लिए म्यूजियम आदि का भी प्रस्ताव है, जो आकर्षण का केंद्र होंगे।