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यूपी रेरा का एक्शन: बिल्डर प्रोजेक्ट को नहीं बेच सकेंगे, 2707 एजेंटों पर कार्रवाई; NCR के 1867 सूची से बाहर
Sat, 15 Feb 2025 04:59 PM IST
अनुज कुमार
माई सिटी रिपोर्टर, ग्रेटर नोएडा
माई सिटी रिपोर्टर, ग्रेटर नोएडा
Published by: अनुज कुमार
Updated Sat, 15 Feb 2025 04:59 PM IST
सार
यूपी रेरा के अफसरों ने बताया कि प्रोजेक्टों के एजेंट पेज से भी इनका नाम हटा दिया गया है। प्रदेश का कोई भी बिल्डर इन एजेंट के माध्यम से अपने प्रोजेक्ट को बिकवा नहीं सकता है। साथ ही एजेंट भी काम नहीं कर सकते है। अगर कहीं पर ऐसा मामला मिला तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Instagram
विस्तार
उत्तर प्रदेश भूसंपदा विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) ने 2707 एजेंटों को अपनी पंजीकृत सूची से बाहर कर दिया है। इन एजेंटों के बिल्डर प्रोजेक्टों को बेचने पर भी रोक लगा दी है। इनमें एनसीआर के 1867 और नॉन एनसीआर के 840 एजेंट शामिल है। यूपी रेरा ने चेतावनी दी है कि अगर किसी ने बिल्डर प्रोजेक्ट को बेचा तो उन पर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही इस संबंध में बिल्डरों को भी चेतावनी जारी की है।
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यूपी रेरा में इस समय 6715 एजेंट पंजीकृत थे। इनमें एनसीआर के 4448 और नॉन एनसीआर के 2267 एजेंट शामिल है। यूपी रेरा ने पिछले वर्ष सभी एजेंट के लिए प्रशिक्षण लेना जरुरी कर दिया था। प्रशिक्षण के बाद सभी को यूपी रेरा का प्रमाण पत्र हासिल करना था। उसके आधार पर ही यूपी रेरा में उनका पंजीकरण होगा। साथ ही बिना प्रमाण पत्र के नवीनीकरण पर भी रोक लगा दी थी।
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अब प्रदेश के 2707 एजेंटों का पंजीकरण समाप्त हो गया है। वो नवीनीकरण भी नहीं करा सकते है। जिस पर यूपी रेरा ने शनिवार को इन 2707 एजेंटों को अपनी पंजीकृत सूची से बाहर कर दिया है। साथ ही किसी भी बिल्डर प्रोजेक्टों को बेचने पर रोक लगा दी है।
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अब तक 416 ने लिया प्रशिक्षण, 240 पुराने
यूपी रेरा ने दिसंबर माह से एजेंटों का प्रशिक्षण शुरू किया है। लखनऊ में 5 और गौतमबुद्ध नगर में एक बैच पूरा हो चुका है। वहीं कानपुर में भी प्रशिक्षण शुरू होगा। अफसरों ने बताया कि अब तक 416 एजेंटों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इनमें एनसीआर के 179 और नॉन एनसीआर के 237 एजेंट शामिल है। जबकि इन 416 में से 240 एजेंट पुराने है।
नियमों की अनदेखी कर रहे है एजेंट
यूपी रेरा ने प्रचार प्रसार के लिए नियम निर्धारित किए हुए है, लेकिन ज्यादातर एजेंट उनका उल्लंघन कर रहे है। प्रचार प्रसार में यूपी रेरा का पंजीकरण और अन्य जानकारी नहीं दे रहे है। साथ ही पंजीकरण से पूर्व ही प्रोजेक्ट को बेच रहे है। काफी जगह खरीदारों के साथ व्यवहार भी गलत मिला है। इस मनमानी को रोकने के लिए यूपी रेरा ने प्रशिक्षण देने का फैसला लिया। जहां एजेंटों को नियमों का पाठ पढ़ाया जा रहा है। पढ़ने के बाद उनको परीक्षा पास करनी जरुरी है। परीक्षा पास करने पर ही प्रमाण पत्र जारी किया जा रहा है।
प्रदेश के 2707 एजेंटों का पंजीकरण समाप्त हो चुका है। वो अब किसी प्रोजेक्टों को नहीं बेच सकते है। उनको प्रशिक्षण लेकर अपना पंजीकरण कराना होगा। प्रशिक्षण में एजेंटों को काम करने का तरीका सिखाया जा रहा है। प्रशिक्षण के प्रमाण पत्र से ही एजेंटों का यूपी रेरा में पंजीकरण होगा। बिना प्रमाण पत्र के नवीनीकरण भी नहीं होगा। -संजय भूसरेड्डी, चेयरमैन यूपी रेरा