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Noida News: यूपी रेरा ने 85% शिकायतों के निस्तारण का किया दावा
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आंकड़ों से नाखुश खरीदार बोले- रिफंड के तीन हजार से ज्यादा मामले अभी हैं लंबित
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1810 शिकायतों का निस्तारण जिले में किया गया
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा।
उत्तर प्रदेश भूसंपदा विनियामक प्राधिकरण ने खरीदारों की 85 प्रतिशत शिकायतों का निस्तारण करने का दावा किया है। चालू वर्ष में ही 2394 में से 1810 शिकायतों का निस्तारण किया गया लेकिन खरीदार इससे सहमत नहीं है। उनका कहना है कि रिफंड के तीन हजार से अधिक केस अभी भी लंबित हैं। बड़ी संख्या में आदेशों का पालन नहीं किया गया है। हाल ही में खरीदारों के संगठन नेफोवा ने केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय की केंद्रीय सलाहकार परिषद की बैठक में भी मुद्दा उठाया था।
यूपी रेरा के अफसरों ने रविवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दावा किया कि यूपी रेरा में अब तक 58545 शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं। इनमें से 50812 का निस्तारण हो चुका है जो करीब 85 प्रतिशत है। ये देश में सबसे अधिक है। देश में सभी रेरा में दर्ज शिकायतों का 39 प्रतिशत हिस्सा यूपी रेरा का है। पूरे देश में शिकायतों का निस्तारण 40 प्रतिशत है। अफसरों ने बताया कि वर्ष 2025 में अब तक 2394 शिकायतें आ चुकी हैं। इनमें से 1810 का निस्तारण हो चुका है। सबसे अधिक शिकायतें गौतमबुद्ध नगर के बाद लखनऊ, गाजियाबाद, वाराणसी और मेरठ के खरीदारों की हैं।
वहीं, खरीदार यूपी रेरा के दावों से नाखुश हैं। उनका कहना है कि शिकायतों के निस्तारण और दावे में काफी अंतर है। अभी भी काफी शिकायतकर्ता न्याय मिलने का इंतजार कर रहे हैं। बड़ी संख्या में आदेशों का पालन लंबित है। रिकवरी सर्टिफिकेट (आरसी) पर वसूली नहीं हो रही है। हाल ही में केंद्रीय सलाहकार परिषद की बैठक में भी यूपी रेरा से निस्तारण में खरीदारों के पक्ष में होने वाले फैसलों का ब्योरा मांगा गया। वहां नेफोवा ने कुछ सुझाव के साथ यूपी रेरा के कार्यों की निगरानी करने की मांग की है।
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यूपी रेरा ने 85 प्रतिशत शिकायतों के निस्तारण का दावा किया है लेकिन इनमें से कितने खरीदारों के पक्ष में गए हैं। इसकी जानकारी भी यूपी रेरा को देनी चाहिए। रेरा जाने के बाद भी बड़ी संख्या में खरीदार परेशान हैं। सरकार को इसमें दखल देना चाहिए। -अभिषेक कुमार, अध्यक्ष नेफोवा
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1810 शिकायतों का निस्तारण जिले में किया गया
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा।
उत्तर प्रदेश भूसंपदा विनियामक प्राधिकरण ने खरीदारों की 85 प्रतिशत शिकायतों का निस्तारण करने का दावा किया है। चालू वर्ष में ही 2394 में से 1810 शिकायतों का निस्तारण किया गया लेकिन खरीदार इससे सहमत नहीं है। उनका कहना है कि रिफंड के तीन हजार से अधिक केस अभी भी लंबित हैं। बड़ी संख्या में आदेशों का पालन नहीं किया गया है। हाल ही में खरीदारों के संगठन नेफोवा ने केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय की केंद्रीय सलाहकार परिषद की बैठक में भी मुद्दा उठाया था।
यूपी रेरा के अफसरों ने रविवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दावा किया कि यूपी रेरा में अब तक 58545 शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं। इनमें से 50812 का निस्तारण हो चुका है जो करीब 85 प्रतिशत है। ये देश में सबसे अधिक है। देश में सभी रेरा में दर्ज शिकायतों का 39 प्रतिशत हिस्सा यूपी रेरा का है। पूरे देश में शिकायतों का निस्तारण 40 प्रतिशत है। अफसरों ने बताया कि वर्ष 2025 में अब तक 2394 शिकायतें आ चुकी हैं। इनमें से 1810 का निस्तारण हो चुका है। सबसे अधिक शिकायतें गौतमबुद्ध नगर के बाद लखनऊ, गाजियाबाद, वाराणसी और मेरठ के खरीदारों की हैं।
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वहीं, खरीदार यूपी रेरा के दावों से नाखुश हैं। उनका कहना है कि शिकायतों के निस्तारण और दावे में काफी अंतर है। अभी भी काफी शिकायतकर्ता न्याय मिलने का इंतजार कर रहे हैं। बड़ी संख्या में आदेशों का पालन लंबित है। रिकवरी सर्टिफिकेट (आरसी) पर वसूली नहीं हो रही है। हाल ही में केंद्रीय सलाहकार परिषद की बैठक में भी यूपी रेरा से निस्तारण में खरीदारों के पक्ष में होने वाले फैसलों का ब्योरा मांगा गया। वहां नेफोवा ने कुछ सुझाव के साथ यूपी रेरा के कार्यों की निगरानी करने की मांग की है।
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यूपी रेरा ने 85 प्रतिशत शिकायतों के निस्तारण का दावा किया है लेकिन इनमें से कितने खरीदारों के पक्ष में गए हैं। इसकी जानकारी भी यूपी रेरा को देनी चाहिए। रेरा जाने के बाद भी बड़ी संख्या में खरीदार परेशान हैं। सरकार को इसमें दखल देना चाहिए। -अभिषेक कुमार, अध्यक्ष नेफोवा