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समाज की एकता सबसे बड़ी शक्ति : भागवत
Tue, 25 Nov 2025 12:28 AM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
Updated Tue, 25 Nov 2025 12:28 AM IST
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14- संघ प्रमुख का सम्मान करते महंत वैदेही बल्लभ शरण व अन्य- संवाद
अयोध्या। गुरुद्वारा ब्रह्मकुंड में आयोजित गुरु तेग बहादुर के बलिदान दिवस समारोह में सोमवार को संघ प्रमुख ने समाज को एकजुट रहने और सामाजिक समरसता को मजबूत करने का संदेश दिया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि समाज की एकता हमारे देश की सबसे बड़ी शक्ति है और इस मजबूत रखना हम सबकी जिम्मेदारी है।
गुरु तेग बहादुर का जीवन त्याग, साहस और धर्म की रक्षा के लिए किए गए अतुलनीय समर्पण का अद्वितीय उदाहरण है। ऐसे महापुरुषों के मार्गदर्शन में ही समाज मजबूत, संवेदनशील और एक-दूसरे के प्रति सहज बनता है। उन्होंने कहा कि गुरु परंपरा हमें सिखाती है कि विविधता में ही भारत की शक्ति है। सामाजिक समरसता, सहयोग और पारस्परिक विश्वास ही देश को आगे ले जाने वाली वास्तविक ऊर्जा है।
समारोह में पहुंचे संघ प्रमुख ने गुरु तेग बहादुर जी को श्रद्धा-सुमन अर्पित करते हुए उनके अमर योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि गुरु तेग बहादुर का बलिदान पूरे राष्ट्र की प्रेरणा है। उन्होंने मानवता की रक्षा के लिए अपना शीश समर्पित किया। आज उनके दिखाए मार्ग पर चलना ही सच्ची श्रद्धांजलि है।
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गुरुद्वारा परिसर में कीर्तन, सब्द-गायन और अरदास के बीच कार्यक्रम का वातावरण भाव-विभोर करता रहा। संघ प्रमुख ने उपस्थित श्रद्धालुओं से समाज में सौहार्द, परस्पर सम्मान और राष्ट्रहित की भावना को प्राथमिकता देने की अपील की। इससे पहले गुरुद्वारा के मुख्यमग्रंथी ज्ञानी गुरुजीत सिंह, महंत बलजीत सिंह व चरनजीत सिंह ने संघ प्रमुख का अभिनंदन किया। इस माैके पर संघ के स्वांतरंजन, प्रेमकुमार, अनिल, सुभाष, अखिलेश व डाॅ. अशोक दुबे माैजूद रहे।
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गुरु तेग बहादुर का जीवन त्याग, साहस और धर्म की रक्षा के लिए किए गए अतुलनीय समर्पण का अद्वितीय उदाहरण है। ऐसे महापुरुषों के मार्गदर्शन में ही समाज मजबूत, संवेदनशील और एक-दूसरे के प्रति सहज बनता है। उन्होंने कहा कि गुरु परंपरा हमें सिखाती है कि विविधता में ही भारत की शक्ति है। सामाजिक समरसता, सहयोग और पारस्परिक विश्वास ही देश को आगे ले जाने वाली वास्तविक ऊर्जा है।
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समारोह में पहुंचे संघ प्रमुख ने गुरु तेग बहादुर जी को श्रद्धा-सुमन अर्पित करते हुए उनके अमर योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि गुरु तेग बहादुर का बलिदान पूरे राष्ट्र की प्रेरणा है। उन्होंने मानवता की रक्षा के लिए अपना शीश समर्पित किया। आज उनके दिखाए मार्ग पर चलना ही सच्ची श्रद्धांजलि है।
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गुरुद्वारा परिसर में कीर्तन, सब्द-गायन और अरदास के बीच कार्यक्रम का वातावरण भाव-विभोर करता रहा। संघ प्रमुख ने उपस्थित श्रद्धालुओं से समाज में सौहार्द, परस्पर सम्मान और राष्ट्रहित की भावना को प्राथमिकता देने की अपील की। इससे पहले गुरुद्वारा के मुख्यमग्रंथी ज्ञानी गुरुजीत सिंह, महंत बलजीत सिंह व चरनजीत सिंह ने संघ प्रमुख का अभिनंदन किया। इस माैके पर संघ के स्वांतरंजन, प्रेमकुमार, अनिल, सुभाष, अखिलेश व डाॅ. अशोक दुबे माैजूद रहे।