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कमिश्नरेट के दो साल : थोड़ा मिला, बहुत की जरूरत है...
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नोएडा (सुशांत समदर्शी)। गौतमबुद्ध नगर कमिश्नरेट सिस्टम 13 जनवरी को दो साल का हो जाएगा। इन दो सालों में कमिश्नरेट सिस्टम ने बेहतर काम किया है और पुलिस के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ा है। गंभीर अपराध में कमी आई है और संसाधन बढ़े हैं, लेकिन स्ट्रीट क्राइम की स्थिति में बहुत सुधार नहीं हुआ है। नए थाने बनाए गए हैं लेकिन पुलिस के व्यवहार को लेकर अभी बहुत काम होना बाकी है। हालांकि कमिश्नरेट सिस्टम से पुलिस व्यवस्था में सकारात्मक परिवर्तन देखा जा रहा है।
13 जनवरी 2020 को प्रदेश में पहली बार लखनऊ और गौतमबुद्ध नगर में कमिश्नरेट सिस्टम लागू किया गया था। जिले के पहले पुलिस कमिश्नर के रूप में आलोक सिंह की नियुक्ति हुई, जो अब भी तैनात हैं। कमिश्नरेट सिस्टम शुरू होने के बाद ही कोविड-19 संक्रमण का दौर आया। इस वैश्विक महामारी में पुलिस ने आधारभूत संरचना को विकसित करते हुए दो लाख से अधिक लोगों की मदद की। कमिश्नरेट सिस्टम लागू होने के बाद जिले में हर तरह के अपराधों में कमी दर्ज की गई है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के वर्ष 2020 के जारी आंकड़े बताते हैं कि वर्ष 2020 में वर्ष 2019 की तुलना में करीब 3500 एफआईआर कम हुई है। जिले में वर्ष 2019 की तुलना में हत्या, चोरी, लूट, डकैती, महिला अपराध से बाल अपराध में भारी कमी दर्ज की गई है। प्रदेश के अन्य कमिश्नरेट से भी नोएडा पुलिस का प्रदर्शन अच्छा रहा है। वर्ष 2020 के आंकड़ों के मुताबिक जिले में सभी तरह के अपराध में कमी आई है।
एनसीआरबी के आंकड़े
दर्ज एफआईआर
वर्ष 2019 : 12792
वर्ष 2020 : 9251
अपराध वर्ष 2019 वर्ष 2020
हत्या 97 84
महिला अपराध 960 775
बाल अपराध 301 144
साइबर अपराध 2474 1585
वाहन चोरी 2404 1308
लूट, स्नेचिंग 179 77
महिला सुरक्षा में सबसे बेहतर
महिला सुरक्षा के मामलों में प्रदेश के अन्य कमिश्नरेट की तुलना में नोएडा का सबसे बेहतर प्रदर्शन रहा है। वर्ष 2020 में नोएडा और लखनऊ कमिश्नरेट एक साथ बना था। बाद में कानपुर और वाराणसी में भी इसकी शुरुआत हुई। वर्ष 2020 में जहां गौतमबुद्ध नगर में महिला अपराध के 960 मामले आए तो लखनऊ कमिश्नरेट में 2636 मामले दर्ज किए गए, जबकि कानपुर में 1537 और वाराणसी में 1083 मामले सामने आए।
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पांच नए थाने क्रियाशील किए गए
कमिश्नरेट सिस्टम बनने के बाद जिले में 10 नए थाने बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया था। नए साल में 5 नए थाने सेक्टर-63, फेज-1, सेक्टर-113, सेक्टर-126 और सेक्टर-142 को क्रियाशील कर दिया गया है। इन थानों में काम शुरू कर दिया गया है। इन थानों के शुरू होने से पुलिस व पब्लिक के बीच कम होगी और पुलिस बल आसानी से अपने क्षेत्र की निगरानी कर सकेगा।
पुलिस बल और संसाधन में बढ़ोतरी
कमिश्नरेट बनने के बाद पुलिसिंग को और दक्ष और पारदर्शी बनाने का काम किया गया है। कमिश्नरेट गठन के बाद जिले को 13 चार पहिया और 189 दो पहिया वाहन अतिरिक्त मिले हैं। नए साल में और भी पुलिसकर्मी मिलेंगे। कमिश्नरेट गठन के बाद 25 इंस्पेक्टर, 275 सब इंस्पेक्टर, 41 मुख्य आरक्षी और 773 सिपाही की वृद्धि हुई है।
गैंगस्टर की 200 करोड़ से अधिक की संपत्ति जब्त
पुलिस ने इस वर्ष माफिया और गैंगस्टरों की आर्थिक रूप से कमर तोड़ने का काम किया। पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के अंतर्गत सुंदर भाटी, अनिल दुजाना, सिंहराज आदि गिरोह की लगभग 200 करोड़ की संपत्ति जब्त की जा चुकी है। माफिया और गैंगस्टर के खिलाफ अभियान जारी है। जल्द अन्य संपत्तियां भी जब्त की जाएंगी। वहीं, इसी वर्ष पूर्व प्रधान हरेंद्र नागर की हत्या में गैंगस्टर सुंदर भाटी समेत 12 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुुनाई गई।
कमिश्नरेट सिस्टम बनने के बाद पुलिस पर लोगों का भरोसा और विश्वास बढ़ा है। हम लोग लगातार निवासियों से जुड़कर उनकी समस्या को सुन रहे हैं और निराकरण का प्रयास कर रहे हैं। आगे भी इसी तरह से काम करेंगे और जिले में बेहतर सुरक्षा का वातावरण तैयार करेंगे। - आलोक सिंह, पुलिस कमिश्नर
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13 जनवरी 2020 को प्रदेश में पहली बार लखनऊ और गौतमबुद्ध नगर में कमिश्नरेट सिस्टम लागू किया गया था। जिले के पहले पुलिस कमिश्नर के रूप में आलोक सिंह की नियुक्ति हुई, जो अब भी तैनात हैं। कमिश्नरेट सिस्टम शुरू होने के बाद ही कोविड-19 संक्रमण का दौर आया। इस वैश्विक महामारी में पुलिस ने आधारभूत संरचना को विकसित करते हुए दो लाख से अधिक लोगों की मदद की। कमिश्नरेट सिस्टम लागू होने के बाद जिले में हर तरह के अपराधों में कमी दर्ज की गई है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के वर्ष 2020 के जारी आंकड़े बताते हैं कि वर्ष 2020 में वर्ष 2019 की तुलना में करीब 3500 एफआईआर कम हुई है। जिले में वर्ष 2019 की तुलना में हत्या, चोरी, लूट, डकैती, महिला अपराध से बाल अपराध में भारी कमी दर्ज की गई है। प्रदेश के अन्य कमिश्नरेट से भी नोएडा पुलिस का प्रदर्शन अच्छा रहा है। वर्ष 2020 के आंकड़ों के मुताबिक जिले में सभी तरह के अपराध में कमी आई है।
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एनसीआरबी के आंकड़े
दर्ज एफआईआर
वर्ष 2019 : 12792
वर्ष 2020 : 9251
अपराध वर्ष 2019 वर्ष 2020
हत्या 97 84
महिला अपराध 960 775
बाल अपराध 301 144
साइबर अपराध 2474 1585
वाहन चोरी 2404 1308
लूट, स्नेचिंग 179 77
महिला सुरक्षा में सबसे बेहतर
महिला सुरक्षा के मामलों में प्रदेश के अन्य कमिश्नरेट की तुलना में नोएडा का सबसे बेहतर प्रदर्शन रहा है। वर्ष 2020 में नोएडा और लखनऊ कमिश्नरेट एक साथ बना था। बाद में कानपुर और वाराणसी में भी इसकी शुरुआत हुई। वर्ष 2020 में जहां गौतमबुद्ध नगर में महिला अपराध के 960 मामले आए तो लखनऊ कमिश्नरेट में 2636 मामले दर्ज किए गए, जबकि कानपुर में 1537 और वाराणसी में 1083 मामले सामने आए।
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पांच नए थाने क्रियाशील किए गए
कमिश्नरेट सिस्टम बनने के बाद जिले में 10 नए थाने बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया था। नए साल में 5 नए थाने सेक्टर-63, फेज-1, सेक्टर-113, सेक्टर-126 और सेक्टर-142 को क्रियाशील कर दिया गया है। इन थानों में काम शुरू कर दिया गया है। इन थानों के शुरू होने से पुलिस व पब्लिक के बीच कम होगी और पुलिस बल आसानी से अपने क्षेत्र की निगरानी कर सकेगा।
पुलिस बल और संसाधन में बढ़ोतरी
कमिश्नरेट बनने के बाद पुलिसिंग को और दक्ष और पारदर्शी बनाने का काम किया गया है। कमिश्नरेट गठन के बाद जिले को 13 चार पहिया और 189 दो पहिया वाहन अतिरिक्त मिले हैं। नए साल में और भी पुलिसकर्मी मिलेंगे। कमिश्नरेट गठन के बाद 25 इंस्पेक्टर, 275 सब इंस्पेक्टर, 41 मुख्य आरक्षी और 773 सिपाही की वृद्धि हुई है।
गैंगस्टर की 200 करोड़ से अधिक की संपत्ति जब्त
पुलिस ने इस वर्ष माफिया और गैंगस्टरों की आर्थिक रूप से कमर तोड़ने का काम किया। पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के अंतर्गत सुंदर भाटी, अनिल दुजाना, सिंहराज आदि गिरोह की लगभग 200 करोड़ की संपत्ति जब्त की जा चुकी है। माफिया और गैंगस्टर के खिलाफ अभियान जारी है। जल्द अन्य संपत्तियां भी जब्त की जाएंगी। वहीं, इसी वर्ष पूर्व प्रधान हरेंद्र नागर की हत्या में गैंगस्टर सुंदर भाटी समेत 12 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुुनाई गई।
कमिश्नरेट सिस्टम बनने के बाद पुलिस पर लोगों का भरोसा और विश्वास बढ़ा है। हम लोग लगातार निवासियों से जुड़कर उनकी समस्या को सुन रहे हैं और निराकरण का प्रयास कर रहे हैं। आगे भी इसी तरह से काम करेंगे और जिले में बेहतर सुरक्षा का वातावरण तैयार करेंगे। - आलोक सिंह, पुलिस कमिश्नर