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नौकरी दिलाने के नाम पर दो हजार लोगों से ठगी
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी।
नोएडा। निजी कंपनियों में नौकरी लगवाने के नाम पर दो हजार से अधिक लोगों को ठगने वाले गिरोह का कोतवाली सेक्टर-58 पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि मास्टरमाइंड युवती समेत तीन आरोपियों की तलाश की जा रही है। आरोपी क्विकर व नौकरी डॉट कॉम से डाटा लेकर नौकरी के इच्छुक युवक-युवतियों ये संपर्क करते थे। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी के पास से 14 कीपैड मोबाइल, एक स्मार्ट फोन व पांच कंप्यूटर बरामद किए हैं।
नोएडा जोन के एसीपी टू रजनीश वर्मा ने बताया कि कोतवाली सेक्टर-58 पुलिस ने मंगलवार रात को सेक्टर-58 से गीता कॉलोनी दिल्ली निवासी राजेश कुमार को गिरफ्तार किया। उससे पूछताछ में पता चला कि आरोपियों ने सेक्टर-58 के सी ब्लॉक में ऑफिस खोल रखा था। ये लोग क्विकर व नौकरी डॉट कॉम से नौकरी के इच्छुक युवक-युवतियों का डाटा लेते थे। इसके बाद अलग-अलग नंबरों से फोन कर निजी कंपनियों, बैंकों में नौकरी दिलाने का झांसा देते थे। प्रोसेसिंग फीस और रजिस्ट्रेशन शुल्क आदि के नाम से प्रति अभ्यर्थी 15 से 20 हजार रुपये लेते थे। इसके बाद मोबाइल बंद कर देते थे। करीब एक स्थान पर एक महीने तक ऑफिस चलाने के बाद वहां से दूसरी जगह शिफ्ट कर लेते थे। आरोपी राजेश तब पकड़ा गया जब वह दफ्तर सेक्टर-58 से सेक्टर-65 में शिफ्ट कर रहा था।
चार साल में 21 स्थानों पर बदले दफ्तर
एसीपी ने बताया कि कि गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ में पता चला है कि आरोपी एक स्थान पर एक से डेढ़ महीने तक ऑफिस चलाते थे। आरोपियों ने नोएडा, दिल्ली से लेकर एनसीआर के अन्य शहरों में चार साल के दौरान 21 स्थानों पर दफ्तर बदले हैं। एक स्थान पर सौ से अधिक लोगों को ठगने के बाद दफ्तर को बंद कर देते थे। नौकरी के इच्छुक लोगों से 15 से 20 हजार रुपये ही ठगते थे। इस कारण पीड़ित इनका फॉलोअप व पुलिस से शिकायत नहीं करते थे। इसका फायदा उठाकर करीब चार वर्षों से ये लोग ठगी कर रहे थे।
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मास्टरमाइंड युवती करती थी फोन
गिरोह को चार आरोपी मिलकर चलाते हैं। मास्टरमाइंड एकता पांडेय आई पैड मोबाइल से अलग-अलग सिम से युवक-युवतियों को फोन करती थी और झांसे में लेकर प्रोसेसिंग व रजिस्ट्रेशन फीस वसूलती थी। गिरोह में दो अन्य युवक भी शामिल हैं जो क्विकर व नौकरी डॉट कॉम से डाटा लेते थे। गिरफ्तार राजेश बीए पास है।
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नोएडा जोन के एसीपी टू रजनीश वर्मा ने बताया कि कोतवाली सेक्टर-58 पुलिस ने मंगलवार रात को सेक्टर-58 से गीता कॉलोनी दिल्ली निवासी राजेश कुमार को गिरफ्तार किया। उससे पूछताछ में पता चला कि आरोपियों ने सेक्टर-58 के सी ब्लॉक में ऑफिस खोल रखा था। ये लोग क्विकर व नौकरी डॉट कॉम से नौकरी के इच्छुक युवक-युवतियों का डाटा लेते थे। इसके बाद अलग-अलग नंबरों से फोन कर निजी कंपनियों, बैंकों में नौकरी दिलाने का झांसा देते थे। प्रोसेसिंग फीस और रजिस्ट्रेशन शुल्क आदि के नाम से प्रति अभ्यर्थी 15 से 20 हजार रुपये लेते थे। इसके बाद मोबाइल बंद कर देते थे। करीब एक स्थान पर एक महीने तक ऑफिस चलाने के बाद वहां से दूसरी जगह शिफ्ट कर लेते थे। आरोपी राजेश तब पकड़ा गया जब वह दफ्तर सेक्टर-58 से सेक्टर-65 में शिफ्ट कर रहा था।
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चार साल में 21 स्थानों पर बदले दफ्तर
एसीपी ने बताया कि कि गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ में पता चला है कि आरोपी एक स्थान पर एक से डेढ़ महीने तक ऑफिस चलाते थे। आरोपियों ने नोएडा, दिल्ली से लेकर एनसीआर के अन्य शहरों में चार साल के दौरान 21 स्थानों पर दफ्तर बदले हैं। एक स्थान पर सौ से अधिक लोगों को ठगने के बाद दफ्तर को बंद कर देते थे। नौकरी के इच्छुक लोगों से 15 से 20 हजार रुपये ही ठगते थे। इस कारण पीड़ित इनका फॉलोअप व पुलिस से शिकायत नहीं करते थे। इसका फायदा उठाकर करीब चार वर्षों से ये लोग ठगी कर रहे थे।
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मास्टरमाइंड युवती करती थी फोन
गिरोह को चार आरोपी मिलकर चलाते हैं। मास्टरमाइंड एकता पांडेय आई पैड मोबाइल से अलग-अलग सिम से युवक-युवतियों को फोन करती थी और झांसे में लेकर प्रोसेसिंग व रजिस्ट्रेशन फीस वसूलती थी। गिरोह में दो अन्य युवक भी शामिल हैं जो क्विकर व नौकरी डॉट कॉम से डाटा लेते थे। गिरफ्तार राजेश बीए पास है।