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Noida News: राष्ट्र विरोधी नारे लिखने वाले दो खालिस्तान समर्थक गिरफ्तार
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दोनों विदेश में बैठे गुरपंत सिंह पन्नू के इशारे पर काम कर रहे थे
नारे लिखने के एवज में दो लाख मिलने थे, मिले दो हजार रुपये
एसएफजे ने वीडियो जारी कर लालकिले पर झंडा फहराने की धमकी दी थी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने देश का माहौल खराब करने के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। पश्चिमी दिल्ली में 26 जनवरी से पहले सिख फॉर जस्टिस रेफरेंडम 2020 के नारे लिखे जाने के मामले में दो आरोपियों विक्रम सिंह व बलराम सिंह को गिरफ्तार किया है। दोनों ने सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) के कहने पर राष्ट्रविरोधी नारे लिखे थे। दोनों विदेश में बैठे गुरपंत सिंह पन्नू के इशारों पर काम कर रहे थे। एसएफजे ने आपत्तिजनक स्लोगन लिखने के लिए दो लाख रुपये देने को कहा था, लेकिन सिर्फ दो हजार रुपये मिले थे। एसएफजे खालिस्तानी संगठन है, जो देश विरोधी गतिविधियों में शामिल रहता है। 2019 से ही केंद्र सरकार ने इस पर प्रतिबंध लगा दिया था।
एसएफजे की ओर से 26 जनवरी से पहले सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर लालकिले पर हमले और खालिस्तानी झंडा फहराने की धमकी दी गई थी। 12 जनवरी को विकासपुरी, जनकपुरी, पश्चिम विहार, पीरागढ़ी और पश्चिमी दिल्ली के अन्य इलाकों में खालिस्तान के समर्थन में दीवारों पर राष्ट्रविरोधी नारे लिखे मिले थे। सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो में गुरपंत सिंह पन्नू ने दावा किया था कि राष्ट्रविरोधी नारे एसएफजे के कैडरों ने लिखे हैं। साथ ही, कहा गया था कि खालिस्तानी समर्थक दिल्ली में पहुंच चुके हैं और 26 जनवरी को लालकिले पर झंडा फहराएंगे। इन समर्थकों ने अंग्रेजी व गुरमुखी में खालिस्तान जिंदाबाद, एसएफजे, 1984, पंजाब बनेगा खालिस्तान और रेफरेंडम 2020 वोट फॉर खालिस्तान जैसे राष्ट्रविरोधी नारे लिखे थे।
अज्ञात लोगों के खिलाफ दो समुदायों के बीच दुश्मनी भड़काने और आपराधिक साजिश रचने का मामला दर्ज कर एसीपी ललित मोहन नेगी की देखरेख में इंस्पेक्टर सुनील राजैन, इंस्पेक्टर रविंद्र जोशी, विनय पाल व अरविंद की टीम ने जांच शुरू की। पुलिस ने इन नारों को मिटवा दिया था। सीसीटीवी की फुटेज की पड़ताल के बाद इंस्पेक्टर सुनीज व रविंद्र जोशी की टीम ने तिलक विहार, तिलक नगर निवासी विक्रम सिंह (29) और भरतपुर निवासी बलराम सिंह (34) को गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों को आगे बड़ा काम करने के लिए ज्यादा रकम देने का भी वादा किया गया था। स्पेशल सेल व खुफिया विभाग की टीमें फिलहाल दोनों से पूछताछ कर रही हैं।
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नारे लिखने के बाद वीडियो बनाई थी
दोनों आरोपियों ने पूछताछ में खुलासा किया है कि उन्हें नारे लिखने के लिए एवज में दो लाख रुपये देने का वादा किया गया था। 18 व 19 जनवरी की रात आपत्तिजनक नारे लिखे थे। इसके बाद वीडियो बनाई थीं। ये वीडियो एसएफजे के सीनियर कैडर को भेजी गई थी। इसके बाद पन्नू ने वीडियो को यू-ट्यूब पर डाल दिया था।
आरोपियों से बरामद सामान
स्प्लेंडर बाइक, विभिन्न रंग के स्प्रे पेंट की छह बोतलें, दो मोबाइल, कपड़े व जूते
एसएफजे का समर्थक है विक्रम
दोनों आरोपी ऐरोसिटी के एक होटल में ड्राइवर की नौकरी करते थे। विक्रम सिंह एसएफजे के सीनियर कैडर के नजदीकी हैं। इस कैडर ने विक्रम से संपर्क साधा और कहा कि वह एसएफजे के चीफ पन्नू का खास है। उसने विक्रम को पश्चिमी दिल्ली में राष्ट्रविरोधी नारे लिखने के लिए कहा था। विक्रम ने पैसे का लालच देकर बलराम को साजिश में शामिल कर लिया।
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नारे लिखने के एवज में दो लाख मिलने थे, मिले दो हजार रुपये
एसएफजे ने वीडियो जारी कर लालकिले पर झंडा फहराने की धमकी दी थी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने देश का माहौल खराब करने के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। पश्चिमी दिल्ली में 26 जनवरी से पहले सिख फॉर जस्टिस रेफरेंडम 2020 के नारे लिखे जाने के मामले में दो आरोपियों विक्रम सिंह व बलराम सिंह को गिरफ्तार किया है। दोनों ने सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) के कहने पर राष्ट्रविरोधी नारे लिखे थे। दोनों विदेश में बैठे गुरपंत सिंह पन्नू के इशारों पर काम कर रहे थे। एसएफजे ने आपत्तिजनक स्लोगन लिखने के लिए दो लाख रुपये देने को कहा था, लेकिन सिर्फ दो हजार रुपये मिले थे। एसएफजे खालिस्तानी संगठन है, जो देश विरोधी गतिविधियों में शामिल रहता है। 2019 से ही केंद्र सरकार ने इस पर प्रतिबंध लगा दिया था।
एसएफजे की ओर से 26 जनवरी से पहले सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर लालकिले पर हमले और खालिस्तानी झंडा फहराने की धमकी दी गई थी। 12 जनवरी को विकासपुरी, जनकपुरी, पश्चिम विहार, पीरागढ़ी और पश्चिमी दिल्ली के अन्य इलाकों में खालिस्तान के समर्थन में दीवारों पर राष्ट्रविरोधी नारे लिखे मिले थे। सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो में गुरपंत सिंह पन्नू ने दावा किया था कि राष्ट्रविरोधी नारे एसएफजे के कैडरों ने लिखे हैं। साथ ही, कहा गया था कि खालिस्तानी समर्थक दिल्ली में पहुंच चुके हैं और 26 जनवरी को लालकिले पर झंडा फहराएंगे। इन समर्थकों ने अंग्रेजी व गुरमुखी में खालिस्तान जिंदाबाद, एसएफजे, 1984, पंजाब बनेगा खालिस्तान और रेफरेंडम 2020 वोट फॉर खालिस्तान जैसे राष्ट्रविरोधी नारे लिखे थे।
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अज्ञात लोगों के खिलाफ दो समुदायों के बीच दुश्मनी भड़काने और आपराधिक साजिश रचने का मामला दर्ज कर एसीपी ललित मोहन नेगी की देखरेख में इंस्पेक्टर सुनील राजैन, इंस्पेक्टर रविंद्र जोशी, विनय पाल व अरविंद की टीम ने जांच शुरू की। पुलिस ने इन नारों को मिटवा दिया था। सीसीटीवी की फुटेज की पड़ताल के बाद इंस्पेक्टर सुनीज व रविंद्र जोशी की टीम ने तिलक विहार, तिलक नगर निवासी विक्रम सिंह (29) और भरतपुर निवासी बलराम सिंह (34) को गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों को आगे बड़ा काम करने के लिए ज्यादा रकम देने का भी वादा किया गया था। स्पेशल सेल व खुफिया विभाग की टीमें फिलहाल दोनों से पूछताछ कर रही हैं।
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नारे लिखने के बाद वीडियो बनाई थी
दोनों आरोपियों ने पूछताछ में खुलासा किया है कि उन्हें नारे लिखने के लिए एवज में दो लाख रुपये देने का वादा किया गया था। 18 व 19 जनवरी की रात आपत्तिजनक नारे लिखे थे। इसके बाद वीडियो बनाई थीं। ये वीडियो एसएफजे के सीनियर कैडर को भेजी गई थी। इसके बाद पन्नू ने वीडियो को यू-ट्यूब पर डाल दिया था।
आरोपियों से बरामद सामान
स्प्लेंडर बाइक, विभिन्न रंग के स्प्रे पेंट की छह बोतलें, दो मोबाइल, कपड़े व जूते
एसएफजे का समर्थक है विक्रम
दोनों आरोपी ऐरोसिटी के एक होटल में ड्राइवर की नौकरी करते थे। विक्रम सिंह एसएफजे के सीनियर कैडर के नजदीकी हैं। इस कैडर ने विक्रम से संपर्क साधा और कहा कि वह एसएफजे के चीफ पन्नू का खास है। उसने विक्रम को पश्चिमी दिल्ली में राष्ट्रविरोधी नारे लिखने के लिए कहा था। विक्रम ने पैसे का लालच देकर बलराम को साजिश में शामिल कर लिया।