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Noida News: नियमों के खिलाफ भर्ती मामले में दो पूर्व सीएमएस से दो घंटे पूछताछ
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संवाद न्यूज एजेंसी
नोएडा। सेक्टर-39 स्थित जिला अस्पताल में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत नियमों को दरकिनार कर 17 स्वास्थ्यकर्मियों की भर्ती के मामले में सोमवार को जांच अधिकारी एसडीएम पूर्वा ने अस्पताल की दो पूर्व सीएमएस से करीब दो घंटे तक पूछताछ की। दोनों सीएमएस के कार्यकाल के दौरान ही संबंधित भर्तियां की गई थीं।
सेक्टर-39 स्थित सीएमओ कार्यालय में शाम करीब सवा पांच बजे एसडीएम पूर्वा पहुंचीं। इसके बाद जिला अस्पताल में वर्ष 2023 और 2025 के दौरान सीएमएस रहीं दोनों अधिकारियों को पूछताछ के लिए बुलाया गया। जांच के दौरान उनसे स्वास्थ्यकर्मियों की नियुक्ति के लिए निर्धारित नियम, भर्ती प्रक्रिया और शासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के संबंध में जानकारी ली गई। अधिकारियों से भर्ती से जुड़े दस्तावेज और उस समय लिए गए निर्णयों को लेकर भी सवाल किए गए। जानकारी के अनुसार, जांच अधिकारी दोनों पूर्व सीएमएस के बयान और उपलब्ध दस्तावेज का मिलान करने के बाद अपनी रिपोर्ट तैयार करेंगी। रिपोर्ट जल्द ही जिलाधिकारी को सौंपे जाने की उम्मीद है। बताया गया कि जिला अस्पताल में अगस्त 2023 और वर्ष 2025 के अलग-अलग महीनों में स्वास्थ्यकर्मियों की नियुक्ति की गई थी। हालांकि, मई 2023 में ही शासन स्तर से स्थानीय स्तर पर मानव संसाधन से जुड़ी नियुक्तियों पर रोक लगा दी गई थी।
इसके बावजूद जिला अस्पताल प्रबंधन की ओर से स्वास्थ्यकर्मियों की भर्ती कर ली गई। बाद में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की ओर से नियुक्त किए गए कर्मचारियों की ज्वाइनिंग तिथि की जानकारी मांगे जाने पर मामला सामने आया। मामला उजागर होने के बाद सीएमओ ने संबंधित स्वास्थ्यकर्मियों के वेतन पर रोक लगा दी थी। इसके साथ ही शासन स्तर से हुई जांच के आधार पर दोनों तत्कालीन सीएमएस से कर्मचारियों को दिए गए वेतन की करीब 50 लाख रुपये की राशि की रिकवरी करने के निर्देश भी दिए गए हैं। अब जांच अधिकारी की रिपोर्ट के बाद मामले में आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
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भर्ती स्वास्थ्यकर्मी पहले से ही किसी आउटसोर्स कंपनी की ओर से रखे गए थे। आज हमको बुलाया था सब कुछ ठीक है। आगे भी जांच में साथ देंगे। -डॉ. अजय राणा, पूर्व सीएमएस
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नोएडा। सेक्टर-39 स्थित जिला अस्पताल में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत नियमों को दरकिनार कर 17 स्वास्थ्यकर्मियों की भर्ती के मामले में सोमवार को जांच अधिकारी एसडीएम पूर्वा ने अस्पताल की दो पूर्व सीएमएस से करीब दो घंटे तक पूछताछ की। दोनों सीएमएस के कार्यकाल के दौरान ही संबंधित भर्तियां की गई थीं।
सेक्टर-39 स्थित सीएमओ कार्यालय में शाम करीब सवा पांच बजे एसडीएम पूर्वा पहुंचीं। इसके बाद जिला अस्पताल में वर्ष 2023 और 2025 के दौरान सीएमएस रहीं दोनों अधिकारियों को पूछताछ के लिए बुलाया गया। जांच के दौरान उनसे स्वास्थ्यकर्मियों की नियुक्ति के लिए निर्धारित नियम, भर्ती प्रक्रिया और शासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के संबंध में जानकारी ली गई। अधिकारियों से भर्ती से जुड़े दस्तावेज और उस समय लिए गए निर्णयों को लेकर भी सवाल किए गए। जानकारी के अनुसार, जांच अधिकारी दोनों पूर्व सीएमएस के बयान और उपलब्ध दस्तावेज का मिलान करने के बाद अपनी रिपोर्ट तैयार करेंगी। रिपोर्ट जल्द ही जिलाधिकारी को सौंपे जाने की उम्मीद है। बताया गया कि जिला अस्पताल में अगस्त 2023 और वर्ष 2025 के अलग-अलग महीनों में स्वास्थ्यकर्मियों की नियुक्ति की गई थी। हालांकि, मई 2023 में ही शासन स्तर से स्थानीय स्तर पर मानव संसाधन से जुड़ी नियुक्तियों पर रोक लगा दी गई थी।
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इसके बावजूद जिला अस्पताल प्रबंधन की ओर से स्वास्थ्यकर्मियों की भर्ती कर ली गई। बाद में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की ओर से नियुक्त किए गए कर्मचारियों की ज्वाइनिंग तिथि की जानकारी मांगे जाने पर मामला सामने आया। मामला उजागर होने के बाद सीएमओ ने संबंधित स्वास्थ्यकर्मियों के वेतन पर रोक लगा दी थी। इसके साथ ही शासन स्तर से हुई जांच के आधार पर दोनों तत्कालीन सीएमएस से कर्मचारियों को दिए गए वेतन की करीब 50 लाख रुपये की राशि की रिकवरी करने के निर्देश भी दिए गए हैं। अब जांच अधिकारी की रिपोर्ट के बाद मामले में आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
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भर्ती स्वास्थ्यकर्मी पहले से ही किसी आउटसोर्स कंपनी की ओर से रखे गए थे। आज हमको बुलाया था सब कुछ ठीक है। आगे भी जांच में साथ देंगे। -डॉ. अजय राणा, पूर्व सीएमएस