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99 फर्जी आईडी बनाकर खरीदारी कर ठगी में दो गिरफ्तार
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नोएडा। साइबर पुलिस ने ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन पर 99 फर्जी आईडी बनाकर ऑनलाइन शॉपिंग कर धोखाधड़ी करने के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। हरियाणा के हिसार से पकड़े गए दोनों आरोपियों की पहचान अनिल उर्फ आलोक और सचिन के रूप में हुई है। वहीं आरोपियों का साथी अनिल नैन फरार हो गया है। आरोपियों के अलग-अलग खातों में रखे करीब 26 लाख रुपये को फ्रीज करा दिए गए हैं। आरोपियों ने करीब 200 सामान खरीदने के बाद बाद उसके बदले डमी रखकर वापस कर दिए थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से तीन मोबाइल फोन व अन्य दस्तावेज व इलेक्ट्रॉनिक्स सामान बरामद किया है। इनमें एक बीएससी पास है जबकि दूसरा 12वीं पास है।
साइबर पुलिस ने बताया कि अमेजन कंपनी की ओर से फर्जी आईडी बनाकर धोखाधड़ी करने की शिकायत दी गई थी। आरोपी फर्जी आईडी से सामान ऑर्डर करते थे। अलग-अलग स्थानों पर इसकी डिवलरी कराते थे। डिवलरी के बाद शिकायत करते हुए उसे वापस लेने को कहते थे। सामान लौटाते वक्त डमी या पत्थर रखकर वापस करते थे। साथ ही वापसी का वीडियो भी तैयार करते थे। तीनों ने लेकिन 200 से अधिक सामान की डिलीवरी लेने के बाद वापस कर दी। संदेह होने पर कंपनी की ओर से शिकायत की गई। आरोप है कि इस पूरे खेल में आरोपियों के साथ कुछ डिलीवरी वॉय भी मिले हुए थे।
पुलिस की पड़ताल में आरोपियों की पहचान हरियाणा के हिसार स्थित उकलाना निवासी अनिल उर्फ आलोक और सचिन के रूप में हुई है। अनिल बीटेक कर चुका है। जबकि सचिन 12वीं पास है। पहचान होने के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी उनके घर से करते हुए कई बैंकों में रखी करीब 26 लाख रुपये की राशि को फ्रीज कराया गया है।
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आरोपियों ने बताया कि वह वर्चुअल नंबर के माध्यम से ओटीपी प्राप्त कर अमेजन पर फर्जी नामों से अकाउंट बनाते थे। उन अकाउंट के माध्यम से विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोडक्ट को कैश ऑन डिलीवरी व प्रीपेड ऑर्डर करते थे। फर्जी पतों से उन ऑर्डर की डिलीवरी लेने के बाद कम कीमत पर गफ्फार मार्केट, करोलबाग व दिल्ली एनसीआर में बेचते थे।
नोएडा में पहले भी हो चुका है इस तरह का फर्जीवाड़ा
फेज-थ्री कोतवाली ने करीब तीन माह पहले भी इसी तरह का फर्जीवाडा करने वाले कुछ आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पकड़े गए आरोपी अलग-अलग मोबाइल नंबरों से ऑर्डर कर सामान मंगाते थे और डमी आदि रखकर ऑर्डर को निरस्त करा देते थे। इसके बाद पैसे भी वापस आ जाते थे और सामान भी ले लेते थे।
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साइबर पुलिस ने बताया कि अमेजन कंपनी की ओर से फर्जी आईडी बनाकर धोखाधड़ी करने की शिकायत दी गई थी। आरोपी फर्जी आईडी से सामान ऑर्डर करते थे। अलग-अलग स्थानों पर इसकी डिवलरी कराते थे। डिवलरी के बाद शिकायत करते हुए उसे वापस लेने को कहते थे। सामान लौटाते वक्त डमी या पत्थर रखकर वापस करते थे। साथ ही वापसी का वीडियो भी तैयार करते थे। तीनों ने लेकिन 200 से अधिक सामान की डिलीवरी लेने के बाद वापस कर दी। संदेह होने पर कंपनी की ओर से शिकायत की गई। आरोप है कि इस पूरे खेल में आरोपियों के साथ कुछ डिलीवरी वॉय भी मिले हुए थे।
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पुलिस की पड़ताल में आरोपियों की पहचान हरियाणा के हिसार स्थित उकलाना निवासी अनिल उर्फ आलोक और सचिन के रूप में हुई है। अनिल बीटेक कर चुका है। जबकि सचिन 12वीं पास है। पहचान होने के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी उनके घर से करते हुए कई बैंकों में रखी करीब 26 लाख रुपये की राशि को फ्रीज कराया गया है।
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आरोपियों ने बताया कि वह वर्चुअल नंबर के माध्यम से ओटीपी प्राप्त कर अमेजन पर फर्जी नामों से अकाउंट बनाते थे। उन अकाउंट के माध्यम से विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोडक्ट को कैश ऑन डिलीवरी व प्रीपेड ऑर्डर करते थे। फर्जी पतों से उन ऑर्डर की डिलीवरी लेने के बाद कम कीमत पर गफ्फार मार्केट, करोलबाग व दिल्ली एनसीआर में बेचते थे।
नोएडा में पहले भी हो चुका है इस तरह का फर्जीवाड़ा
फेज-थ्री कोतवाली ने करीब तीन माह पहले भी इसी तरह का फर्जीवाडा करने वाले कुछ आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पकड़े गए आरोपी अलग-अलग मोबाइल नंबरों से ऑर्डर कर सामान मंगाते थे और डमी आदि रखकर ऑर्डर को निरस्त करा देते थे। इसके बाद पैसे भी वापस आ जाते थे और सामान भी ले लेते थे।