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दबंगों से परेशान दो सैनिक परिवारों ने गांव छोड़ा, पुलिस ने किया इनकार

Thu, 31 Dec 2020 12:05 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 31 Dec 2020 12:05 AM IST
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Two army personal's families troubled by bullying left the village, police denied
गांव छोड़ने वाला परिवार। - फोटो : Grnoida
दबंगों से परेशान दो सैनिक परिवारों ने गांव छोड़ा, पुलिस ने किया इनकार
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जेवर। कोतवाली क्षेत्र के चौरोली में दबंगों से परेशान दो सैनिक परिवारों ने गांव छोड़ दिया। पीड़ितों का आरोप है कि आरोपी आए दिन गाली-गलौज और मारपीट करते हैं। आरोपी बुजुर्गों तक को नहीं छोड़ते हैं। वहीं, कोतवाली में शिकायत करने पर पुलिस आरोपियों पर कार्रवाई करने बजाय समझौते का दबाव बनाती है। जब इसका विरोध करो तो फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दी जाती है। दबंगई से परेशान एक परिवार ने मंगलवार शाम और दूसरे ने बुधवार सुबह गांव छोड़ दिया। वहीं, कोतवाली पुलिस ने सभी आरोपों को निराधार और गलत बताया है।
पहली मामला : चौरोली निवासी हरवीर सिंह के दो बेटे अरुण और प्रवीण सेना में हैं। हरवीर सिंह का आरोप है कि डेढ़ माह पूर्व गांव के दबंगों ने उनके और भाई के साथ घर में घुसकर मारपीट की थी। इसकी शिकायत कोतवाली पुलिस से की थी। आरोप है कि मामले में पुलिस ने आरोपियों के साथ-साथ उनके खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कर दिया, लेकिन कोई गिरफ्तारी नहीं की गई। उधर, आरोपी लगातार परिजनों को धमकी देते रहे। हरवीर ने बताया कि उनके बेटे ने सोशल मीडिया और आला अधिकारियों से मामले की शिकायत करने की बात कही। इसकी भनक लगने पर पुलिस ने मुकदमे से उनका नाम हटाने का आश्वासन दिया था, लेकिन कार्रवाई नहीं की। वहीं, हरवीर के बेटे ने प्रवीण ने फोन पर हुई वार्ता में बताया कि दबंगों के डर से माहौल रहने के लायक नहीं रहा तो उन्होंने अपने अफसरों को मामले की जानकारी दी। इसके बाद परिवार को गांव छोड़ने के लिए कह दिया। सैन्य अधिकारियों ने परिवार को बरेली कैंट में रखने की इजाजत दे दी है। परिवार फिलहाल बरेली कैंट में रह रहा है।
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दूसरी मामला : चैरोली में ही रहने वाले अशोक व योगेश शर्मा का परिवार पुश्तैनी मकान में रहता है। आरोप है कि कुछ दबंगों ने घर के सामने बने चबूतरे को तोड़ दिया। इसकी शिकायत पुलिस से की गई थी। इसी बात से आरोपी रंजिश मानने लगे। 28 दिसंबर को आरोपियों ने घर में घुसकर परिजनों से मारपीट व महिलाओं से अभद्रता करते हुए जमकर उत्पात मचाया। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने कुछ आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया, लेकिन उनके खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कर आरोपियों को थाने से ही छोड़ दिया। अशोक शर्मा का बड़ा बेटा शिवकुमार सेना में तैनात है। शिवकुमार ने बताया कि पुलिस द्वारा दबंगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने और गांव में भय का माहौल होने के कारण उनके चाचा योगेश शर्मा व पिता अशोक शर्मा ने बुधवार को गांव छोड़ दिया। शिवकुमार ने भी पुलिस अधिकारियों से मिलकर मामले में उचित कार्रवाई की मांग की है।
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चबूतरे को लेकर दोनों पक्षों में पथराव और मारपीट हुई थी। पुलिस ने किसी भी मामले सैनिकों के परिवार पर कार्रवाई नहीं की है, न किसी की गिरफ्तारी हुई है। वहीं, किसी भी परिवार के गांव छोड़ने की खबर पूरी तरह से निराधार और गलत है।
- राजेश कुमार सिंह, डीसीपी तृतीय (ग्रेटर नोएडा)
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