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Noida News: ट्रकों ने रोकी उद्योगों की राह, उद्यमी परेशान

Wed, 16 Sep 2026 05:42 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 16 Sep 2026 05:42 PM IST
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Trucks block the way for industries; entrepreneurs distressed.
संवाद ---- चंचल कुमार वार्ष्णेय
उद्योग विहार एक्सटेंशन में 200 से अधिक ट्रकों के खड़े रहने से 165 एमएसएमई इकाइयों का संचालन प्रभावित, नाली-सीवर और स्ट्रीट लाइट की समस्या भी
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माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। औद्योगिक सेक्टर उद्योग विहार एक्सटेंशन, ईकोटेक-2 में बुधवार को आयोजित अमर उजाला संवाद में उद्यमियों ने अतिक्रमण और मूलभूत सुविधाओं के अभाव की शिकायत की। उद्यमियों का आरोप है कि सेक्टर की चार बड़ी कंपनियों के ट्रकों के सड़कों पर खड़े रहने से बाकी 165 एमएसएमई उद्योगों का संचालन मुश्किल हो गया है। मुख्य सड़क पर ट्रकों की कतार लगी रहने से छोटे उद्योगों तक पहुंचना भी मुश्किल हो जाता है। नाली, सीवर और साफ-सफाई जैसी मूलभूत सुविधाएं भी बदहाल हैं। उद्यमियों का कहना है कि इन समस्याओं के बीच उद्योगों के साथ शहर का समुचित विकास संभव नहीं है।
उद्यमियों ने बताया कि सेक्टर में करीब 200 कंपनियां हैं। इनमें चार बड़ी कंपनियां हैं, जबकि बाकी एमएसएमई उद्योग हैं। उद्यमियों के मुताबिक, रोजाना 200 से अधिक ट्रक सेक्टर में आते हैं और मुख्य 24 मीटर चौड़ी सड़क पर खड़े रहते हैं। इससे कई बार करीब दो किलोमीटर लंबी सड़क से गुजरना भी मुश्किल हो जाता है। आरोप है कि ट्रकों के चालक सड़क किनारे जुआ खेलते और शराब पीते हैं। इससे सेक्टर का माहौल भी खराब हो रहा है।
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उद्यमियों के मुताबिक, सेक्टर में चोरी की वारदात भी बढ़ रही हैं, लेकिन पुलिस की नियमित गश्त नहीं होती। सीवर लाइन चोक है और नालियां बंद पड़ी हैं। कई जगह नालियां टूटी हुई हैं। सेक्टर में पानी की नियमित आपूर्ति नहीं है। वहीं, ज्यादातर स्ट्रीट लाइटें खराब होने से रात में अंधेरा रहता है।
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मुख्य सड़क का चौड़ीकरण होना चाहिए। सड़कों पर खड़े होने वाले ट्रकों को हटाया जाए। -चंचल कुमार वार्ष्णेय
अतिक्रमण बढ़ता जा रहा है। जगह-जगह दुकानें खुल चुकी है। कबाड़ियों की संख्या बढ़ती जा रही है। -अभ्युदय सिंह
पानी की लाइन है लेकिन वह जगह-जगह से फट चुकी है। प्राधिकरण ने पानी की आपूर्ति ही बंद कर दी। -विनोद पटेल
मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। प्राधिकरण से शिकायत की जा रही है लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। -दुर्गेश सिंह
सेक्टर की स्ट्रीट लाइटें खराब हैं। अंधेरा छाया रहता है। जंगल की तरफ दीवार न होने सेे वारदात बढ़ रही है। -देवेंद्र सिंह
कूड़ा उठाने की व्यवस्था नहीं है। सफाईकर्मी कूड़े को छोड़कर चले जाते हैं। बारिश में जलभराव होता है। -वीरेंद्र चौधरी

संवाद ---- चंचल कुमार वार्ष्णेय

संवाद ---- चंचल कुमार वार्ष्णेय

संवाद ---- चंचल कुमार वार्ष्णेय

संवाद ---- चंचल कुमार वार्ष्णेय

संवाद ---- चंचल कुमार वार्ष्णेय

संवाद ---- चंचल कुमार वार्ष्णेय

संवाद ---- चंचल कुमार वार्ष्णेय

संवाद ---- चंचल कुमार वार्ष्णेय

संवाद ---- चंचल कुमार वार्ष्णेय

संवाद ---- चंचल कुमार वार्ष्णेय

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