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शिकायत से परेशान यूपीपीसीबी ने ट्विटर अकाउंट ब्लॉक किया
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ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) के स्थानीय कार्यालय ने अपने ट्विटर हैंडल पर एक सामाजिक कार्यकर्ता के अकाउंट को ब्लॉक कर दिया। आरोप है कि सामाजिक कार्यकर्ता लगातार प्रदूषण की शिकायत कर रहे हैं। इससे परेशान होकर यूपीपीसीबी ने ऐसा किया। मुख्यमंत्री से शिकायत और सोशल मीडिया पर किरकिरी होने के कुछ घंटे बाद यूपीपीसीबी ने अकाउंट को अनब्लॉक कर दिया।
ग्रेनो वेस्ट निवासी मनीष कुमार सामाजिक कार्यकर्ता के साथ नेफोवा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष हैं। वह कई साल से ग्रेनो वेस्ट और ग्रेनो की समस्याओं को ट्विटर के माध्यम से संबंधित विभाग तक पहुंचा रहे हैं। प्रदूषण से संबंधित शिकायत भी यूपीपीसीबी से करते रहते हैं। इसी से परेशान होकर यूपीपीसीबी के गौतमबुद्ध नगर कार्यालय के ट्विटर हैंडल पर मनीष कुमार के अकाउंट को ब्लॉक कर दिया गया। बुधवार सुबह मनीष कुमार को जानकारी हुई। इसके बाद उन्होंने ट्विटर पर मुख्यमंत्री के साथ केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और यूपीपीसीबी के लखनऊ कार्यालय में शिकायत की। कुछ ही देर में सोशल मीडिया पर यह मामला तूल पकड़ गया। यूपीपीसीबी लखनऊ कार्यालय से भी इस संबंध में क्षेत्राधिकारी से जवाब तलब किया गया। इसके बाद यूपीपीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी ने संबंधित कर्मचारियों को निर्देश देकर अकाउंट को अनब्लॉक कराया।
अकाउंट को जान बुझकर ब्लॉक नहीं किया गया था। ऐसा गलती से हुआ है। जैसे ही इसकी जानकारी मिली, वैसे ही अकाउंट को अनब्लॉक करा दिया गया।
- भुवन यादव, क्षेत्राधिकारी यूपीपीसीबी
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ग्रेनो वेस्ट निवासी मनीष कुमार सामाजिक कार्यकर्ता के साथ नेफोवा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष हैं। वह कई साल से ग्रेनो वेस्ट और ग्रेनो की समस्याओं को ट्विटर के माध्यम से संबंधित विभाग तक पहुंचा रहे हैं। प्रदूषण से संबंधित शिकायत भी यूपीपीसीबी से करते रहते हैं। इसी से परेशान होकर यूपीपीसीबी के गौतमबुद्ध नगर कार्यालय के ट्विटर हैंडल पर मनीष कुमार के अकाउंट को ब्लॉक कर दिया गया। बुधवार सुबह मनीष कुमार को जानकारी हुई। इसके बाद उन्होंने ट्विटर पर मुख्यमंत्री के साथ केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और यूपीपीसीबी के लखनऊ कार्यालय में शिकायत की। कुछ ही देर में सोशल मीडिया पर यह मामला तूल पकड़ गया। यूपीपीसीबी लखनऊ कार्यालय से भी इस संबंध में क्षेत्राधिकारी से जवाब तलब किया गया। इसके बाद यूपीपीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी ने संबंधित कर्मचारियों को निर्देश देकर अकाउंट को अनब्लॉक कराया।
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अकाउंट को जान बुझकर ब्लॉक नहीं किया गया था। ऐसा गलती से हुआ है। जैसे ही इसकी जानकारी मिली, वैसे ही अकाउंट को अनब्लॉक करा दिया गया।
- भुवन यादव, क्षेत्राधिकारी यूपीपीसीबी