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Noida News: जयंती पर महेंद्र सिंह टिकैत को श्रद्धांजलि
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-धरना स्थल पर दो सांडों की भिड़ंत से मची भगदड़, ग्रामीणों ने भागकर बचाई जान
संवाद न्यूज एजेंसी
रबूपुरा। भारतीय किसान यूनियन (लोकशक्ति) के बैनर तले चल रहे अनिश्चितकालीन धरने के दौरान सोमवार को ग्रामीणाें ने किसान नेता चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत की जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान धरनास्थल पर दो सांड लड़ते हुए पहुंच गए। इसके चलते धरना स्थल पर मौजूद किसानों में भगदड़ मच गई। उन्होंनेे भाग कर अपनी जान बचाई।
वक्ताओं ने कहा कि चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत न केवल किसानों के हक की आवाज थे, बल्कि उन्होंने भारतीय किसान आंदोलन को एक दिशा व दशा दी। श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित किसानों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर संकल्प लिया कि किसान आंदोलन को तब तक जारी रखेंगे, जब तक किसानों को न्याय नहीं मिल जाता। धरने पर एकाएक दो सांड स्थल में घुस आए। सांडों के धरनास्थल पर लड़ने से वहां अफरा-तफरी मच गई। बाद में किसानों ने मिलकर किसी तरह सांडों को खदेड़ा। धरना स्थल पर राष्ट्रीय अध्यक्ष मास्टर श्यौराज, कुमरपाल, शिवचरण सिंह, हरिओम सिंह, रन्नू, मनवीर, गज़ब ठाकुर, ओमवीर सिंह भाटी, लखपत सिंह, हरवीर सिंह, धर्मपाल मीणा सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
रबूपुरा। भारतीय किसान यूनियन (लोकशक्ति) के बैनर तले चल रहे अनिश्चितकालीन धरने के दौरान सोमवार को ग्रामीणाें ने किसान नेता चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत की जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान धरनास्थल पर दो सांड लड़ते हुए पहुंच गए। इसके चलते धरना स्थल पर मौजूद किसानों में भगदड़ मच गई। उन्होंनेे भाग कर अपनी जान बचाई।
वक्ताओं ने कहा कि चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत न केवल किसानों के हक की आवाज थे, बल्कि उन्होंने भारतीय किसान आंदोलन को एक दिशा व दशा दी। श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित किसानों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर संकल्प लिया कि किसान आंदोलन को तब तक जारी रखेंगे, जब तक किसानों को न्याय नहीं मिल जाता। धरने पर एकाएक दो सांड स्थल में घुस आए। सांडों के धरनास्थल पर लड़ने से वहां अफरा-तफरी मच गई। बाद में किसानों ने मिलकर किसी तरह सांडों को खदेड़ा। धरना स्थल पर राष्ट्रीय अध्यक्ष मास्टर श्यौराज, कुमरपाल, शिवचरण सिंह, हरिओम सिंह, रन्नू, मनवीर, गज़ब ठाकुर, ओमवीर सिंह भाटी, लखपत सिंह, हरवीर सिंह, धर्मपाल मीणा सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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