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7 महीने से जिला अस्पताल में नहीं हो रहे मोतियाबिंद के ऑपरेशन, सौंपा पत्र
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नगीना। क्षेत्र के गणमान्य लोगों और सामाजिक संगठनों के तत्वावधान में बुधवार को एक ज्ञापन पत्र मुख्यमंत्री मनोहर लाल, उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला और स्वास्थ्य एवं गृहमंत्री अनिल विज के नाम नगीना के उप तहसीलदार को भेजा गया। पत्र में जिला स्वास्थ्य विभाग पर लोगों ने गंभीर आरोप लगाए। पहला आरोप यह है कि 15 मई 2019 के बाद एक भी मोतियाबिंद की सर्जरी जिला अस्पताल मांडीखेड़ा में नहीं हुई।
दूसरा 4 लाख रुपये की लागत से ए-स्कैन मशीन लेंस डालने के लिए नहीं खरीदी जा रही। बताया कि गत वर्ष केवल 188 सर्जरी सफेद मोतियाबिंद की हुई है। जबकि साल 2018 में 719, साल 2017 में 1554 तथा साल 2016 में 1430 सफेद मोतियाबिंद की सर्जरी हुई थी। सामाजिक संगठन गालिब मौजी चैरिटी के उपाध्यक्ष नसीम ने बताया कि मई से दिसंबर 2019 तक सफेद मोतियाबिंद का कोई भी ऑपरेशन नहीं हुआ। कई ऐसे मरीज है जो 7 महीने से तारीख पर तारीख लेकर परेशान हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा केवल चार लाख की ए-स्कैन मशीन नहीं खरीदी जा रही। यह मशीन 7 महीने पहले खराब हुई थी अभी तक नई नहीं मंगाई गई।
जिलाधिकारी केवल बहाना बनाते हैं, काम नहीं कर रहे हैं। समाजसेवी ओमप्रकाश एडवोकेट, जैन समाज के पूर्व प्रधान मुनीराम जैन ने बताया कि दर्जनों ऐसे मरीज हैं महीनों से अपने सफेद मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराने का इंतजार कर रहे थे। अब उनकी आंखें खराब होने के कगार पर पहुंच चुकी है, उन्हें कम दिखाई देने लगा है। उन्होंने बताया कि चिकित्सक कहते हैं मेडिकल कॉलेज नलहड़ में ऑपरेशन करा लो। लोग बताते है कि वहां ऑपरेशन बढ़िया नहीं होते इसलिए हर कोई जिला अस्पताल मांडीखेड़ा में ही कराना चाहता है। पहले कह रहे थे कि ऑपरेशन थिएटर में निर्माण कार्य चल रहा है वह भी कई महीने पहले पूरा हो चुका। फिर भी सर्जरी शुरू नहीं की गई। मोतियाबिंद के मरीज बिल्कुल तंग आ चुके हैं।
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अस्पताल के नेत्र रोग सर्जन डॉक्टर बलजिंदर सैनी ने बातचीत में बताया कि उन्होंने अपनी तरफ से जिला प्रशासन और पंचकुला को रिपोर्ट भेज दी है। अगर यह मेरे अधिकार क्षेत्र की बात नहीं है। यह सिविल सर्जन के लेवल की बात है वे कई बार मांग रख चुके हैं। पुरानी मशीन ठीक नहीं हो रही है। इस मामले में जिले के आला अधिकारी कुछ बोलने के लिए तैयार नहीं है। सिविल सर्जन डॉक्टर राजीव बातिश का कहना है कि अभी जिला उपायुक्त प्रशिक्षण पर गए हुए हैं, उनके आते ही नई मशीन अगले सप्ताह में खरीद ली जाएगी।
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दूसरा 4 लाख रुपये की लागत से ए-स्कैन मशीन लेंस डालने के लिए नहीं खरीदी जा रही। बताया कि गत वर्ष केवल 188 सर्जरी सफेद मोतियाबिंद की हुई है। जबकि साल 2018 में 719, साल 2017 में 1554 तथा साल 2016 में 1430 सफेद मोतियाबिंद की सर्जरी हुई थी। सामाजिक संगठन गालिब मौजी चैरिटी के उपाध्यक्ष नसीम ने बताया कि मई से दिसंबर 2019 तक सफेद मोतियाबिंद का कोई भी ऑपरेशन नहीं हुआ। कई ऐसे मरीज है जो 7 महीने से तारीख पर तारीख लेकर परेशान हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा केवल चार लाख की ए-स्कैन मशीन नहीं खरीदी जा रही। यह मशीन 7 महीने पहले खराब हुई थी अभी तक नई नहीं मंगाई गई।
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जिलाधिकारी केवल बहाना बनाते हैं, काम नहीं कर रहे हैं। समाजसेवी ओमप्रकाश एडवोकेट, जैन समाज के पूर्व प्रधान मुनीराम जैन ने बताया कि दर्जनों ऐसे मरीज हैं महीनों से अपने सफेद मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराने का इंतजार कर रहे थे। अब उनकी आंखें खराब होने के कगार पर पहुंच चुकी है, उन्हें कम दिखाई देने लगा है। उन्होंने बताया कि चिकित्सक कहते हैं मेडिकल कॉलेज नलहड़ में ऑपरेशन करा लो। लोग बताते है कि वहां ऑपरेशन बढ़िया नहीं होते इसलिए हर कोई जिला अस्पताल मांडीखेड़ा में ही कराना चाहता है। पहले कह रहे थे कि ऑपरेशन थिएटर में निर्माण कार्य चल रहा है वह भी कई महीने पहले पूरा हो चुका। फिर भी सर्जरी शुरू नहीं की गई। मोतियाबिंद के मरीज बिल्कुल तंग आ चुके हैं।
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अस्पताल के नेत्र रोग सर्जन डॉक्टर बलजिंदर सैनी ने बातचीत में बताया कि उन्होंने अपनी तरफ से जिला प्रशासन और पंचकुला को रिपोर्ट भेज दी है। अगर यह मेरे अधिकार क्षेत्र की बात नहीं है। यह सिविल सर्जन के लेवल की बात है वे कई बार मांग रख चुके हैं। पुरानी मशीन ठीक नहीं हो रही है। इस मामले में जिले के आला अधिकारी कुछ बोलने के लिए तैयार नहीं है। सिविल सर्जन डॉक्टर राजीव बातिश का कहना है कि अभी जिला उपायुक्त प्रशिक्षण पर गए हुए हैं, उनके आते ही नई मशीन अगले सप्ताह में खरीद ली जाएगी।