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Noida News: ट्रामा सेंटर 25 तक होगा विभाग के हवाले
Sun, 21 Sep 2025 01:12 AM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
Updated Sun, 21 Sep 2025 01:12 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। ट्रामा सेंटर में नवीनीकरण का कार्य आखिरी दौर में है। ट्रामा सेंटर का भवन 25 सितंबर तक स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर कर दिया जाएगा। जो काम बाकी रह गया है उन्हें पूरा करने के लिए दिनरात मजदूर लगाए गए हैं। भूतल का काम पूरा होने के बाद इसके प्रथम तल पर काम लगाया जाएगा। इसका एस्टीमेट बनाया जा रहा है।
पीडब्ल्यूडी के जेई विजय कुमार ने बताया कि ट्रामा सेंटर का नवीनीकरण कार्य गत वर्ष शुरू हुआ था। इसमें कई कमियां थी, जिन्हें दूर करने का जिम्मा पीडब्ल्यूडी को सौंपा गया था। इसके फर्श को भी अब ऊंचा उठाया गया है। इसलिए इसमें अब पानी नहीं भरेगा। इसके अलावा अंदर कई दीवारों को तोड़ कर बड़े स्तर पर बदलाव किया गया है।
सारे दरवाजे, शौचालय आदि नए बनाए गए हैं। दीवारों पर टाइलें लगा दी गई हैं। पहले इसकी छत में फॉल सिलिंग नहीं थी, जो अब इसमें लगाई जा रही है। उन्होंने बताया कि ट्रामा सेंटर से निकलने वाले वेस्ट पानी के कनेक्शन को पाइप से सिविल अस्पताल से जोड़ा गया है। इससे ट्रामा सेंटर की पानी की निकासी का समाधान होगा।
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अब जिला नागरिक अस्पताल व ट्रामा सेंटर के बीच में फाइबर शेड लगाई जाएगी। इसे अस्पताल में ही बनाया जा रहा है। अस्पताल में आने वाले मरीजों को ट्रामा सेंटर जाना पड़ता है। दूसरा सिटी स्कैन की सुविधा भी ट्रामा सेंटर में ही है। बारिश के दिनों में मरीजों को यहां से वहां जाने में परेशानी होती है। इसलिए अब शेड लगने से मरीजों का बारिश व धूप से बचाव होगा।
शव गृह के पीछे मेडिकल वेस्ट डालने के लिए अलग से कमरा बना दिया गया है। इसी के पास ही एंबुलेंस की वाशिंग के लिए स्टैंड बना दिया है। अस्पताल के गेट पर ही कैटल ट्रैप बनाया जाएगा। इससे गोवंश अस्पताल के अंदर नहीं घुसेंगे। उन्होंने बताया कि जिला अस्पताल की पोर्च में भी फॉल सिलिंग लगा दी गई है।
जेई विजय कुमार ने बताया कि अस्पताल के गेट के पास बिजली निगम का ट्रांसफार्मर रखा है। यहां पर लोगों के लिए खतरा हो सकता है। गत दिनों यहां करंट लगने से एक गोवंश की मौत हो गई थी। इसलिए सुरक्षा के लिए ट्रांसफार्मर के चारों तरफ तार लगाई जाएगी। इससे किसी को करंट नहीं लगेगा। साथ ही अस्पताल के चारों तरफ दीवारों पर सुरक्षा के लिए कंटीली तार लगा दी गई है।
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यमुनानगर। ट्रामा सेंटर में नवीनीकरण का कार्य आखिरी दौर में है। ट्रामा सेंटर का भवन 25 सितंबर तक स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर कर दिया जाएगा। जो काम बाकी रह गया है उन्हें पूरा करने के लिए दिनरात मजदूर लगाए गए हैं। भूतल का काम पूरा होने के बाद इसके प्रथम तल पर काम लगाया जाएगा। इसका एस्टीमेट बनाया जा रहा है।
पीडब्ल्यूडी के जेई विजय कुमार ने बताया कि ट्रामा सेंटर का नवीनीकरण कार्य गत वर्ष शुरू हुआ था। इसमें कई कमियां थी, जिन्हें दूर करने का जिम्मा पीडब्ल्यूडी को सौंपा गया था। इसके फर्श को भी अब ऊंचा उठाया गया है। इसलिए इसमें अब पानी नहीं भरेगा। इसके अलावा अंदर कई दीवारों को तोड़ कर बड़े स्तर पर बदलाव किया गया है।
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सारे दरवाजे, शौचालय आदि नए बनाए गए हैं। दीवारों पर टाइलें लगा दी गई हैं। पहले इसकी छत में फॉल सिलिंग नहीं थी, जो अब इसमें लगाई जा रही है। उन्होंने बताया कि ट्रामा सेंटर से निकलने वाले वेस्ट पानी के कनेक्शन को पाइप से सिविल अस्पताल से जोड़ा गया है। इससे ट्रामा सेंटर की पानी की निकासी का समाधान होगा।
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अब जिला नागरिक अस्पताल व ट्रामा सेंटर के बीच में फाइबर शेड लगाई जाएगी। इसे अस्पताल में ही बनाया जा रहा है। अस्पताल में आने वाले मरीजों को ट्रामा सेंटर जाना पड़ता है। दूसरा सिटी स्कैन की सुविधा भी ट्रामा सेंटर में ही है। बारिश के दिनों में मरीजों को यहां से वहां जाने में परेशानी होती है। इसलिए अब शेड लगने से मरीजों का बारिश व धूप से बचाव होगा।
शव गृह के पीछे मेडिकल वेस्ट डालने के लिए अलग से कमरा बना दिया गया है। इसी के पास ही एंबुलेंस की वाशिंग के लिए स्टैंड बना दिया है। अस्पताल के गेट पर ही कैटल ट्रैप बनाया जाएगा। इससे गोवंश अस्पताल के अंदर नहीं घुसेंगे। उन्होंने बताया कि जिला अस्पताल की पोर्च में भी फॉल सिलिंग लगा दी गई है।
जेई विजय कुमार ने बताया कि अस्पताल के गेट के पास बिजली निगम का ट्रांसफार्मर रखा है। यहां पर लोगों के लिए खतरा हो सकता है। गत दिनों यहां करंट लगने से एक गोवंश की मौत हो गई थी। इसलिए सुरक्षा के लिए ट्रांसफार्मर के चारों तरफ तार लगाई जाएगी। इससे किसी को करंट नहीं लगेगा। साथ ही अस्पताल के चारों तरफ दीवारों पर सुरक्षा के लिए कंटीली तार लगा दी गई है।