'हाये रे महंगाई, कौन सी सब्जी खाएं': दोगुना हुआ टमाटर, तो मिर्च भी हुई तीखी; थाली में गायब हो रही हरी सब्जियों
गृहिणियां का कहना है कि सब्जी इतनी महंगी हो गई हैं कि समझ नहीं आता है कि आखिर बनाएं तो बनाएं क्या। महिलाएं अब महंगी सब्जियों के विकल्प तलाश रही हैं। कभी इमली, कभी अमचूर, तो कभी बेसन की कढ़ी पका रही हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मानसून के दस्तक देते ही सब्जियों के भाव आमजन के पसीने छुड़ा रहे हैं। बारिश के कारण कम आपूर्ति के चलते सब्जियों के दामों में जोरदार उछाल आया है। महंगाई की मार से अछूते मध्यम वर्गीय परिवार के थाली से हरी सब्जियों का मात्रा कम होता जा रहा है। लगभग सभी सब्जियों के दामों में बढ़ोतरी देखी जा रही है।
महंगाई की इस मार ने रसोई के बजट को बिगाड़ा
मिर्च 120 रूपये प्रति किलो, नींबू 80, करेला, तोरई, टमाटर और बैगन का भाव 60 रूपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। परवल, लौकी, टिंडा, शिमला मिर्च, बींस, बोदी, काशीफल, कुंद्रू, फूल गोभी, बंद गोभी, खीरा, भिंडी जैसी हरी सब्जियों के दाम भी तेजी के साथ बढ़ रहे हैं। महंगाई की इस मार ने रसोई के बजट को बिगाड़ दिया है।
गृहिणियां का कहना है कि सब्जी इतनी महंगी हो गई हैं कि समझ नहीं आता है कि आखिर बनाएं तो बनाएं क्या। महिलाएं अब महंगी सब्जियों के विकल्प तलाश रही हैं। कभी इमली, कभी अमचूर, तो कभी बेसन की कढ़ी पका रही हैं।
बरसात ने सब्जियों पर डाला बुरा असर
स्वाद के साथ-साथ बजट में संतुलन बनाना फिलहाल मध्यम वर्गीय परिवार के लिए चुनौती बना हुआ है। जब तक मौसम और आपूर्ति की स्थिति नहीं सुधरती, तब तक थाली से कुछ पसंदीदा सब्जियां गायब रहने वाली हैं। जेवर मंडी के सब्जी विक्रेताओं का कहना है कि बरसात ने सब्जियों की फसल पर बुरा असर डाला है। जेवर के मंगरौली रोड के सब्जी विक्रेता राजपाल सिंह ने बताया कि बारिश के कारण सब्जी से लदे वाहनों को पहुंचने में ज्यादा समय लग रहा है। आपूर्ति में हो रही परेशानी के कारण पिछले एक महीने की तुलना में सब्जियों के भाव चढ़ गए हैं।
| सब्जी | पहले | अब |
| नींबू | 60 | 80 |
| करेला | 30 | 60 |
| शिमला मिर्च | 80 | 160 |
| भिंडी | 30 | 40 |
| टमाटर | 30 | 60 |
| काशी फल | 20 | 30 |
| बोदी | 30 | 50 |
| कुंदरू | 40 | 50 |
| खीरा | 30 | 40 |
| बैगन | 30 | 60 |
| बंद गोभी | 20 | 40 |
| फूल गोभी | 60 | 100 |
| मिर्ची | 20 | 120 |
| तोरई | 30 | 60 |
कुछ सब्जियां दे रहीं राहत
आलू, प्याज, काशीफल, लौकी जैसी सब्जियों के दाम अब भी अपेक्षाकृत सामान्य बने हुए हैं, जो लोगों को थोड़ी राहत दे रहे हैं।