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Noida News: तमसा- मंजूषा के संगम में आज श्रद्धालु लगाएंगे आस्था की डुबकी
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14 दुर्वासा धाम पर पहले दिन स्नान को उमड़े श्रद्धालु। संवाद
अहरौला/ फूलपुर। कार्तिक पूर्णिमा पर क्षेत्र के दुर्वासा धाम में तीन दिवसीय मेला लगता है। इसकी तैयारी पूरी हो चुकी है। कार्तिक पूर्णिमा पर यहां के तमसा- मंजूषा के संगम में डुबकी लगाने के लिए मंगलवार को बटोर के दिन ही सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। कार्तिक पूर्णिमा पर जिले के भैरव बाबा धाम, अवंतिकापुरी, दत्तात्रेय, बागलखरांव पोखरा आदि पौराणिक स्थानों पर सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाते हैं। ऋषि दुर्वासा धाम में तो संगम में स्नान के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है।
कार्तिक पूर्णिमा पर आस्था की डुबकी लगाने के लिए श्रद्धालु मेला क्षेत्र में डेरा डाल दिए हैं। उधर पुलिस प्रशासन ने भी सभी तैयारी पूरी कर लिया है। मेला क्षेत्र के चार प्रवेश द्वारों को पुलिस ने बैरीकेडिंग लगाकर बड़े वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दिया है। मेला क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पीएसी, पुलिस जवानों सहित फायर ब्रिगेड, सुलभ शौचालय, पीने के पानी को टैंकर की उपलब्धता रहेगी। वहीं, संगम में सुरक्षित स्नान के लिए पुल तक रस्सी बांधी गई है। आकस्मिक घटना से निपटने के लिए पांच गोताखोरों को भी लगाया गया है। कार्तिक पूर्णिमा के स्नान के बाद पंचकोसी परिक्रमा का विशेष महत्व है। संगम में स्नान के बाद मान्यता है की पांच कोस में पढ़ने वाले गांवों में पंचकोसी परिक्रमा होती है जिससे स्नान का पुण्य दोगुना हो जाता है। श्रद्धालु स्नान के बाद पंचकोसी परिक्रमा करते हैं। पंचकोसी परिक्रमा के अंतर्गत शंभूपुर, गौरीपूरा, कल्होरा धाम, फूलपुर, फुलवरिया, दुबारा, गहजी आदि गांव के नाम जुड़े हैं।
अवंतिकापुरी सरोवर में आज हजारों श्रद्धालु लगाएंगे डुबकी
रानी की सराय। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने मंगलवार को कार्तिक पूर्णिमा को लगने वाले स्नान मेले के मद्देनजर अवंतिकापुरी स्थित सरोवर का निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया, आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अवंतिकापुरी सरोवर, जो लगभग 84 बीघे में फैला है, जिले का प्रमुख स्नान स्थल है। यहां लगभग 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं के स्नान करने की संभावना है। श्रद्धालु स्नान कर मंदिरों में जल चढ़ाने और मेले में भाग लेने के लिए आएंगे। बताया कि कार्तिक पूर्णिमा के दिन जिले में 27 स्थानों पर स्नान कार्यक्रम होता है, जिनमें अधिकांश तमसा नदी के किनारे तथा कुछ प्रमुख पोखरे शामिल हैं। सुरक्षा एवं प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के निर्देश देते हुए कहा कि सरोवर एवं पूरे परिसर साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि सरोवर में पानी गहरा होने के कारण बैरिकेटिंग की जाए, ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। साथ ही स्नान घाटों पर गोताखोरों की तैनाती और पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की जाए। बाद में अवंतिकापुरी धाम पर चल रहे महायज्ञ में पहुंच पूजन-अर्चन किया। निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी प्रशासन राहुल विश्वकर्मा, मुख्य राजस्व अधिकारी संजीव ओझा, अपर पुलिस अधीक्षक (नगर) मधुवन कुमार सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी पवन कुमार आदि अधिकारी उपस्थित रहे। इसके पूर्व एसडीएम निजामाबाद चंद्रप्रकाश सिंह, तहसीलदार चमन सिंह, खंड विकास अधिकारी मुहम्मदपुर ने भी मेला क्षेत्र का निरीक्षण किया।
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कार्तिक पूर्णिमा पर आस्था की डुबकी लगाने के लिए श्रद्धालु मेला क्षेत्र में डेरा डाल दिए हैं। उधर पुलिस प्रशासन ने भी सभी तैयारी पूरी कर लिया है। मेला क्षेत्र के चार प्रवेश द्वारों को पुलिस ने बैरीकेडिंग लगाकर बड़े वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दिया है। मेला क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पीएसी, पुलिस जवानों सहित फायर ब्रिगेड, सुलभ शौचालय, पीने के पानी को टैंकर की उपलब्धता रहेगी। वहीं, संगम में सुरक्षित स्नान के लिए पुल तक रस्सी बांधी गई है। आकस्मिक घटना से निपटने के लिए पांच गोताखोरों को भी लगाया गया है। कार्तिक पूर्णिमा के स्नान के बाद पंचकोसी परिक्रमा का विशेष महत्व है। संगम में स्नान के बाद मान्यता है की पांच कोस में पढ़ने वाले गांवों में पंचकोसी परिक्रमा होती है जिससे स्नान का पुण्य दोगुना हो जाता है। श्रद्धालु स्नान के बाद पंचकोसी परिक्रमा करते हैं। पंचकोसी परिक्रमा के अंतर्गत शंभूपुर, गौरीपूरा, कल्होरा धाम, फूलपुर, फुलवरिया, दुबारा, गहजी आदि गांव के नाम जुड़े हैं।
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अवंतिकापुरी सरोवर में आज हजारों श्रद्धालु लगाएंगे डुबकी
रानी की सराय। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने मंगलवार को कार्तिक पूर्णिमा को लगने वाले स्नान मेले के मद्देनजर अवंतिकापुरी स्थित सरोवर का निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया, आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अवंतिकापुरी सरोवर, जो लगभग 84 बीघे में फैला है, जिले का प्रमुख स्नान स्थल है। यहां लगभग 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं के स्नान करने की संभावना है। श्रद्धालु स्नान कर मंदिरों में जल चढ़ाने और मेले में भाग लेने के लिए आएंगे। बताया कि कार्तिक पूर्णिमा के दिन जिले में 27 स्थानों पर स्नान कार्यक्रम होता है, जिनमें अधिकांश तमसा नदी के किनारे तथा कुछ प्रमुख पोखरे शामिल हैं। सुरक्षा एवं प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के निर्देश देते हुए कहा कि सरोवर एवं पूरे परिसर साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि सरोवर में पानी गहरा होने के कारण बैरिकेटिंग की जाए, ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। साथ ही स्नान घाटों पर गोताखोरों की तैनाती और पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की जाए। बाद में अवंतिकापुरी धाम पर चल रहे महायज्ञ में पहुंच पूजन-अर्चन किया। निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी प्रशासन राहुल विश्वकर्मा, मुख्य राजस्व अधिकारी संजीव ओझा, अपर पुलिस अधीक्षक (नगर) मधुवन कुमार सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी पवन कुमार आदि अधिकारी उपस्थित रहे। इसके पूर्व एसडीएम निजामाबाद चंद्रप्रकाश सिंह, तहसीलदार चमन सिंह, खंड विकास अधिकारी मुहम्मदपुर ने भी मेला क्षेत्र का निरीक्षण किया।
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