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Noida News: आज फिर से प्राधिकरण के खिलाफ हुंकार भरेंगे किसान
Tue, 18 Jul 2023 01:12 AM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
Updated Tue, 18 Jul 2023 01:12 AM IST
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61 दिन धरने पर बैठने के बाद भी नहीं हुईं समस्याएं दूर, प्राधिकरण पर धोखा देने का आरोप
-मुचलके का डर दिखाकर किसानों को धरने पर जाने से रोकने का प्रयास कर रही पुलिस
-55 गांवों के किसान, कई संगठन और राजनैतिक दल के लोग होंगे प्राधिकरण पर धरने में शामिल
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। समस्याओं को दूर कराने का वादा कर धरना समाप्त कराने वाले प्राधिकरण के अधिकारियों पर किसानों ने धोखेबाजी आरोप लगाया है। इसके विरोध में किसान मंगलवार को फिर से राशन-पानी लेकर प्राधिकरण के खिलाफ हुंकार भरेंगे। इस बार 55 गांवों के किसान, कई संगठन और राजनैतिक दलों के लोग भी धरने में शामिल होंगे। वहीं, 30 किसानों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके घर पहुंचकर गिरफ्तारी और मुकदमा दर्ज करने की धमकी दी है। उन्होंने कहा कि पहले की तरह पुलिस उनके आंदोलन को कुचलना चाहती है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं होने देंगे।
दरअसल, अखिल भारतीय किसान सभा के नेतृत्व में अपनी मांगों को लेकर 61 दिन तक प्राधिकरण पर धरना चला था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आने से पहले प्राधिकरण-प्रशासन और पुलिस समेत आला अधिकारियों ने हटाने का प्रयास किया। मामला बिगड़ता चला गया और 33 किसान गिरफ्तार कर लिए गए। इसके बाद किसानों में आक्रोश पैदा हो गया तो सभी संगठनों ने अखिल भारतीय किसान सभा को समर्थन देकर दोबारा धरना शुरू कराया था। इसके बाद राज्य सभा सदस्य सुरेंद्र सिंह नागर के आश्वासन पर पर किसान मान गए और सीएम के आने से पहले धरना समाप्त कर दिया। मगर प्राधिकरण अधिकारियों ने किसानों की बात मानने से इंकार कर दिया। किसान नेता डॉ. रुपेश वर्मा ने बताया कि अब आरपार की लड़ाई होगी। समझौता तभी होगा जब सारी मांगें पूरी हो जाएंगी। उन्होंने कहा, इटैड़ा, पतवाड़ी, खोदना खुर्द, सादोंपुर, पाली, घंघोला, बिसरख, बादलपुर और कासना समेत गांवों में पुलिस करीब 30 नेताओं के घर पहुंची। उनको पहले ही 2.5 लाख रुपये के मुचलके में पाबंद के लिए नोटिस जारी किया जा चुका है। अब किसानों को धमकी दी जा रही है कि यदि वह धरने में शामिल हुए तो मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
बैठक कर तैयार की गई रणनीति
किसानों की जिला एक्शन कमेटी की बैठक खोदना खुर्द गांव में हुई। जहां मंगलवार के आंदोलन की योजना बनाने के लिए कई निर्णय लिए गए। किस संगठन को क्या करना है और भीड़ को किस तरह शांति से ले जाना है, इस पर चर्चा हुई। बैठक में किसान सभा के संयोजक वीर सिंह नागर, सूबेदार ब्रह्मपाल, जगवीर नंबरदार, गवरी मुखिया, सतीश यादव, प्रशांत भाटी, मोहित नागर, हरेंद्र खारी, अजय पाल भाटी, निशांत रावल व अजब सिंह नेताजी समेत लोग उपस्थित रहे।
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किसानों की मांगें
-नए जमीन अधिग्रहण कानून को लागू किया जाए
-किसानों को 10 फीसदी आबादी भूखंड दिए जाएं
-प्रभावित परिवारों के युवाओं को रोजगार मिले
-स्कूल-अस्पतालों में किसानों का आरक्षण लागू हो
-भूमिहीनों काे 40 वर्ग मीटर का भूखंड दिए जाएं
-आबादी में न्यूनतम 120 वर्ग मीटर का भूखंड मिले
-लीज बैक के सभी मामलों का निपटारा कराया जाए
-किसानों का 17.5 फीसदी कोटा बहाल किया जाए
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-मुचलके का डर दिखाकर किसानों को धरने पर जाने से रोकने का प्रयास कर रही पुलिस
-55 गांवों के किसान, कई संगठन और राजनैतिक दल के लोग होंगे प्राधिकरण पर धरने में शामिल
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। समस्याओं को दूर कराने का वादा कर धरना समाप्त कराने वाले प्राधिकरण के अधिकारियों पर किसानों ने धोखेबाजी आरोप लगाया है। इसके विरोध में किसान मंगलवार को फिर से राशन-पानी लेकर प्राधिकरण के खिलाफ हुंकार भरेंगे। इस बार 55 गांवों के किसान, कई संगठन और राजनैतिक दलों के लोग भी धरने में शामिल होंगे। वहीं, 30 किसानों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके घर पहुंचकर गिरफ्तारी और मुकदमा दर्ज करने की धमकी दी है। उन्होंने कहा कि पहले की तरह पुलिस उनके आंदोलन को कुचलना चाहती है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं होने देंगे।
दरअसल, अखिल भारतीय किसान सभा के नेतृत्व में अपनी मांगों को लेकर 61 दिन तक प्राधिकरण पर धरना चला था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आने से पहले प्राधिकरण-प्रशासन और पुलिस समेत आला अधिकारियों ने हटाने का प्रयास किया। मामला बिगड़ता चला गया और 33 किसान गिरफ्तार कर लिए गए। इसके बाद किसानों में आक्रोश पैदा हो गया तो सभी संगठनों ने अखिल भारतीय किसान सभा को समर्थन देकर दोबारा धरना शुरू कराया था। इसके बाद राज्य सभा सदस्य सुरेंद्र सिंह नागर के आश्वासन पर पर किसान मान गए और सीएम के आने से पहले धरना समाप्त कर दिया। मगर प्राधिकरण अधिकारियों ने किसानों की बात मानने से इंकार कर दिया। किसान नेता डॉ. रुपेश वर्मा ने बताया कि अब आरपार की लड़ाई होगी। समझौता तभी होगा जब सारी मांगें पूरी हो जाएंगी। उन्होंने कहा, इटैड़ा, पतवाड़ी, खोदना खुर्द, सादोंपुर, पाली, घंघोला, बिसरख, बादलपुर और कासना समेत गांवों में पुलिस करीब 30 नेताओं के घर पहुंची। उनको पहले ही 2.5 लाख रुपये के मुचलके में पाबंद के लिए नोटिस जारी किया जा चुका है। अब किसानों को धमकी दी जा रही है कि यदि वह धरने में शामिल हुए तो मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
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बैठक कर तैयार की गई रणनीति
किसानों की जिला एक्शन कमेटी की बैठक खोदना खुर्द गांव में हुई। जहां मंगलवार के आंदोलन की योजना बनाने के लिए कई निर्णय लिए गए। किस संगठन को क्या करना है और भीड़ को किस तरह शांति से ले जाना है, इस पर चर्चा हुई। बैठक में किसान सभा के संयोजक वीर सिंह नागर, सूबेदार ब्रह्मपाल, जगवीर नंबरदार, गवरी मुखिया, सतीश यादव, प्रशांत भाटी, मोहित नागर, हरेंद्र खारी, अजय पाल भाटी, निशांत रावल व अजब सिंह नेताजी समेत लोग उपस्थित रहे।
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किसानों की मांगें
-नए जमीन अधिग्रहण कानून को लागू किया जाए
-किसानों को 10 फीसदी आबादी भूखंड दिए जाएं
-प्रभावित परिवारों के युवाओं को रोजगार मिले
-स्कूल-अस्पतालों में किसानों का आरक्षण लागू हो
-भूमिहीनों काे 40 वर्ग मीटर का भूखंड दिए जाएं
-आबादी में न्यूनतम 120 वर्ग मीटर का भूखंड मिले
-लीज बैक के सभी मामलों का निपटारा कराया जाए
-किसानों का 17.5 फीसदी कोटा बहाल किया जाए