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Noida News: हवा साफ रखने के लिए बजट पर ही राज्य सरकारों की 'कुंडली'

Sun, 10 Dec 2023 01:02 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 10 Dec 2023 01:02 AM IST
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To keep the air clean, the "horoscope" of the state governments is based on the budget itself.
हवा साफ रखने के लिए बजट पर ही राज्य सरकारों की 'कुंडली'
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एनसीएपी और 15वें वित्त आयोग में मिले बजट को वायु प्रदूषण खत्म करने के लिए नहीं किया जा सका उपयोग

एनजीटी ने यूपी, पंजाब, हरियाणा सहित नौ राज्यों से दोबारा बजट के उपयोग पर रिपोर्ट मांगी


माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। एक तरफ देश के कई राज्य वायु प्रदूषण के संकट से जूझ रहे हैं। दूसरी तरह राज्य सरकारें नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम (एनसीएपी) और 15वें वित्त आयोग में मिले बजट को ही खर्च नहीं कर पा रही हैं। जहां खर्च भी हुआ, वहां कई काम ऐसे हुए, जिनका वायु प्रदूषण को कम करने से कोई संबंध ही नहीं था। एनजीटी ने अब इस मामले में यूपी, पंजाब, हरियाणा सहित नौ राज्यों से दोबारा बजट के उपयोग पर रिपोर्ट मांगी है।
एनजीटी के चेयरमैन जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव, सदस्य जस्टिस सुधीर अग्रवाल और डॉ. ए सेंथिल वेल के संयुक्त आदेश के मुताबिक, यूपी, बिहार, हरियाणा, पंजाब, महाराष्ट्र, झारखंड, गुजरात, राजस्थान, मध्यप्रदेश के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने बजट खर्च और इससे हुए काम पर रिपोर्ट दीं। रिपोर्ट से स्पष्ट हो रहा है कि कोई भी राज्य खुद को मिले बजट को पूरी तरह उपयोग नहीं कर पाया। कुछ ही राज्यों ने नए एक्यूआई निगरानी केंद्र बढ़ाने पर बजट खर्च किया। कुछ राज्यों ने तो ऐसे काम पर बजट खर्च किया है जिसका हवा को स्वच्छ बनाने से कोई संबंध ही नहीं है। यह बजट स्वीकृत कार्ययोजना के मुताबिक उन शहरों में खर्च किया जाना था, जहां हवा करीब पांच साल से खराब बनी हुई है।
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बजट की मंशा के विपरीत उपयोग पर नाराज एनजीटी का कहना है कि बजट का उपयोग वहीं होना चाहिए, जिसके लिए आवंटन किया गया है। इसके लिए कोई अंतर बजट खर्च में नहीं दिखना चाहिए। जिन शहरों में अभी तक प्रदूषण के स्रोत पता करने के लिए अभी तक स्टडी नहीं हुई है, वह इस स्टडी को कराएं जिससे सबसे अधिक प्रदूषण फैलाने वाली वजह को पता किया जा सके। यह भी सुनिश्चित करें कि हवा को साफ बनाने के लिए प्रयास हों। सभी राज्यों को एनजीटी ने फिर से अपनी रिपोर्ट आठ सप्ताह में देने के लिए कहा है। 19 फरवरी को इस मामले में एनजीटी सुनवाई करेगा।
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खाली पड़े पद, लैब पर भी उठ चुका है सवाल
इससे पहले एनजीटी पूरे देश के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और समितियों में 50 फीसदी से अधिक खाली पड़े पदों और मानकों को पूरा नहीं करने वाली लैब पर सवाल उठा चुका है। कमोबेश सभी राज्यों में इसके लिए खराब स्थिति मिली है।
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