{"_id":"6648c3f15ccb53dab00dc532","slug":"three-more-absconding-businessmen-arrested-in-gst-fraud-noida-news-c-1-gnd1002-1710840-2024-05-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: 15 हजार करोड़ के जीएसटी जालसाजी में फरार तीन और कारोबारी गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: 15 हजार करोड़ के जीएसटी जालसाजी में फरार तीन और कारोबारी गिरफ्तार
विज्ञापन
- तीनों आरोपियों पर 25-25 हजार का था इनाम, अब तक 47 गिरफ्तार
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। करीब 15 हजार करोड़ के जीएसटी जालसाजी मामले में दिल्ली व जयपुर के तीन और बड़े कारोबारियों को गिरफ्तार किया गया है। क्राइम रेस्पांस टीम, एसओजी और कोतवाली सेक्टर-20 पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में पकड़े गए तीनों की पहचान दिल्ली निवासी ऋषभ जैन, ईस्ट जयपुर राजस्थान निवासी तरूण जिंदल और शुभम जिंदल के रूप में हुई है। तीनों आरोपियों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। इस मामले में पुलिस ने गिरोह के सरगना समेत 47 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। डीसीपी क्राइम शक्ति मोहन अवस्थी के मुताबिक तीनों आरोपी फर्जी तरीके से इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) लेकर सरकार के राजस्व को नुकसान पहुंचा रहे थे। आरोपी फर्जी जीएसटी फर्म बनाकर फर्जी इन्वॉयस/बिलिंग करते थे। गिरफ्तार तीनों आरोपियों के खिलाफ जीएसटी ने पहले भी कार्रवाई की है।
350 करोड़ से अधिक का फर्जीवाड़ा
पुलिस पूछताछ में पता चला कि तीनों आरोपियों ने फर्जी कंपनियां दिखाकर 350 करोड़ रुपये से अधिक की जालसाजी की है। तीनों पिछले आठ महीने से फरार थे। जांच में इन तीनों आरोपियों का नाम आया था। चार मार्च को जीएसटी फर्जीवाड़े में शामिल कुणाल मेहता से पुलिस पूछताछ में इन तीनों की जानकारी मिली थी।
विज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। करीब 15 हजार करोड़ के जीएसटी जालसाजी मामले में दिल्ली व जयपुर के तीन और बड़े कारोबारियों को गिरफ्तार किया गया है। क्राइम रेस्पांस टीम, एसओजी और कोतवाली सेक्टर-20 पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में पकड़े गए तीनों की पहचान दिल्ली निवासी ऋषभ जैन, ईस्ट जयपुर राजस्थान निवासी तरूण जिंदल और शुभम जिंदल के रूप में हुई है। तीनों आरोपियों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। इस मामले में पुलिस ने गिरोह के सरगना समेत 47 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। डीसीपी क्राइम शक्ति मोहन अवस्थी के मुताबिक तीनों आरोपी फर्जी तरीके से इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) लेकर सरकार के राजस्व को नुकसान पहुंचा रहे थे। आरोपी फर्जी जीएसटी फर्म बनाकर फर्जी इन्वॉयस/बिलिंग करते थे। गिरफ्तार तीनों आरोपियों के खिलाफ जीएसटी ने पहले भी कार्रवाई की है।
350 करोड़ से अधिक का फर्जीवाड़ा
पुलिस पूछताछ में पता चला कि तीनों आरोपियों ने फर्जी कंपनियां दिखाकर 350 करोड़ रुपये से अधिक की जालसाजी की है। तीनों पिछले आठ महीने से फरार थे। जांच में इन तीनों आरोपियों का नाम आया था। चार मार्च को जीएसटी फर्जीवाड़े में शामिल कुणाल मेहता से पुलिस पूछताछ में इन तीनों की जानकारी मिली थी।
विज्ञापन