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तीन साल के बच्चे का अपहरण, तीन पकड़े गए
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सर्फाबाद से मासूम का अपहरण करने वाले तीन गिरफ्तार
नोएडा। सर्फाबाद में घर के बाहर से एक माह पहले साढ़े 3 साल के मासूम का अपहरण कर लिया गया था। पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए बच्चे को सकुशल बरामद कर पिता के फूफा समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। फूफा ने पैसों के लालच में अपहरण की साजिश रची थी। कोतवाली सेक्टर-49 पुलिस की टीम ने आरोपियों के पास से घटना में इस्तेमाल बाइक और दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
नोएडा जोन के डीसीपी राजेश एस ने बताया कि सर्फाबाद निवासी वीरेंद्र सिंह पत्नी के साथ 11 सितंबर को काम पर चले गए थे और साढे़ 3 साल का बेटा रौनक घर के बाहर खेल रहा था तभी वह लापता हो गया। मामले में कोतवाली सेक्टर-49 पुलिस ने जांच की और इसका खुलासा करते हुए बच्चे के पिता के फूफा यतवीर, हसमत व शमा को गिरफ्तार कर लिया। सर्फाबाद यतवीर इस घटना का मास्टरमाइंड था। उसके दोस्त हसमत के पास कोई संतान नहीं थी। वह काफी दिनों से एक बच्चा गोद लेना चाह रहा था। इस बारे में हसमत ने यतवीर को बताया था कि उसे वह एक बच्चा दिलवा दे तो वह उसे एक से डेढ़ लाख रुपये देगा। इसी लालच में आकर यतवीर ने रौनक के अपहरण की साजिश रची और सर्फाबाद स्थित घर पहुंच गया। बच्चे को अगवा कर यतवीर ने हसमत को बुलाकर रौनक को उसे सौंप दिया। इसके बाद रौनक बच्चे को लेकर हल्द्वानी मोड़ पहुंच गया, जहां उसकी पत्नी शमा मौजूद थी। दोनों बच्चे को लेकर पैतृक गांव बदायूं चले गए। इधर, यतवीर अपने भतीजे वीरेंद्र के साथ उसके रौनक को ढूंढने का नाटक करता रहा। डीसीपी ने इस घटना का खुलासा करने वाली कोतवाली सेक्टर-49 पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।
मासूम का नाम रखा था शहरयार, धर्म परिवर्तन की थी तैयारी
नोएडा। रौनक का नाम अपहरण करने वाले दंपती ने शहरयार रख दिया था। एक महीने से दंपती बदायूं स्थित गांव में बच्चे के साथ थेे। बताया जा रहा है कि बच्चे का धर्म परिवर्तन कराने की तैयारी चल रही थी। हसमत व शमा दोनों नोएडा में नौकरी करते थे, लेकिन बच्चा नहीं होने से वे लोग काफी दिनों से गांव नहीं गए थे। जब 11 सितंबर को रौनक का अपहरण कर यह लोग गांव दूनपुर, बदायूं ले गए तो वहां रौनक को अपना बच्चा बताया। दोनों रौनक को समय से खाना-पीना दे रहे थे और उनसे लगाव भी करने लगे थे। ब्यूरो
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नोएडा। सर्फाबाद में घर के बाहर से एक माह पहले साढ़े 3 साल के मासूम का अपहरण कर लिया गया था। पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए बच्चे को सकुशल बरामद कर पिता के फूफा समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। फूफा ने पैसों के लालच में अपहरण की साजिश रची थी। कोतवाली सेक्टर-49 पुलिस की टीम ने आरोपियों के पास से घटना में इस्तेमाल बाइक और दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
नोएडा जोन के डीसीपी राजेश एस ने बताया कि सर्फाबाद निवासी वीरेंद्र सिंह पत्नी के साथ 11 सितंबर को काम पर चले गए थे और साढे़ 3 साल का बेटा रौनक घर के बाहर खेल रहा था तभी वह लापता हो गया। मामले में कोतवाली सेक्टर-49 पुलिस ने जांच की और इसका खुलासा करते हुए बच्चे के पिता के फूफा यतवीर, हसमत व शमा को गिरफ्तार कर लिया। सर्फाबाद यतवीर इस घटना का मास्टरमाइंड था। उसके दोस्त हसमत के पास कोई संतान नहीं थी। वह काफी दिनों से एक बच्चा गोद लेना चाह रहा था। इस बारे में हसमत ने यतवीर को बताया था कि उसे वह एक बच्चा दिलवा दे तो वह उसे एक से डेढ़ लाख रुपये देगा। इसी लालच में आकर यतवीर ने रौनक के अपहरण की साजिश रची और सर्फाबाद स्थित घर पहुंच गया। बच्चे को अगवा कर यतवीर ने हसमत को बुलाकर रौनक को उसे सौंप दिया। इसके बाद रौनक बच्चे को लेकर हल्द्वानी मोड़ पहुंच गया, जहां उसकी पत्नी शमा मौजूद थी। दोनों बच्चे को लेकर पैतृक गांव बदायूं चले गए। इधर, यतवीर अपने भतीजे वीरेंद्र के साथ उसके रौनक को ढूंढने का नाटक करता रहा। डीसीपी ने इस घटना का खुलासा करने वाली कोतवाली सेक्टर-49 पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।
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मासूम का नाम रखा था शहरयार, धर्म परिवर्तन की थी तैयारी
नोएडा। रौनक का नाम अपहरण करने वाले दंपती ने शहरयार रख दिया था। एक महीने से दंपती बदायूं स्थित गांव में बच्चे के साथ थेे। बताया जा रहा है कि बच्चे का धर्म परिवर्तन कराने की तैयारी चल रही थी। हसमत व शमा दोनों नोएडा में नौकरी करते थे, लेकिन बच्चा नहीं होने से वे लोग काफी दिनों से गांव नहीं गए थे। जब 11 सितंबर को रौनक का अपहरण कर यह लोग गांव दूनपुर, बदायूं ले गए तो वहां रौनक को अपना बच्चा बताया। दोनों रौनक को समय से खाना-पीना दे रहे थे और उनसे लगाव भी करने लगे थे। ब्यूरो
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