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Noida News: फरीदाबाद, दिल्ली और अयोध्या समेत अन्य केंद्रों के ध्यानार्थ

Mon, 08 May 2023 12:46 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 08 May 2023 12:46 AM IST
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Three arrested for cheating crores in the name of promoting business
बिजनेस प्रमोट करने के नाम पर करोड़ों की ठगी में तीन गिरफ्तार
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- सेक्टर-3 में फर्जी कॉल सेंटर खोलकर पांच साल से कर रहे थे जालसाजी
- जस्ट डायल से लेते थे छोटे बिजनेस मैन व स्टार्ट अप चलाने वालों के नंबर
माई सिटी रिपोर्टर

नोएडा। सोशल मीडिया पर बिजनेस प्रमोट करने के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले फर्जी कॉल सेंटर का नोएडा पुलिस ने खुलासा किया है। कोतवाली फेज वन पुलिस ने सेक्टर-3 में चल रहे कॉल सेंटर में दबिश देकर तीन जालसाजों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से 12 वॉकी टॉकी, 20 सीपीयू, 21 मॉनिटर, 15 की- बोर्ड, 15 माउस और चार मोबाइल बरामद हुए हैं। गिरफ्तार जालसाजों की पहचान फरीदाबाद निवासी लोकेश कुमार सिंह व अरुण कुमार और सेक्टर-12 निवासी हिमांशु के रूप में हुई है।
पुलिस जांच में पता चला है कि आरोपी जस्ट डायल व अन्य साइट से छोटे व्यापारियों व स्टार्टअप करने वालों का नंबर लेते थे। कॉल सेंटर से संपर्ककर उनके बिजनेस को सोशल मीडिया पर प्रमोट करने का झांसा दिया जाता था। साथ ही यू-ट्यूब, फेसबुक, इंस्टाग्राम आदि पर प्रमोट करने के लुभावने ऑफर दिए जाते थे। व्यापारियों को विश्वास में लेने के लिए उन्हें एक मैसेज भेजा जाता था। इसके बाद व्यापारियों के लिए कोई प्रमोशन का काम नहीं करते थे।
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आरोपी नोएडा में अलग-अलग लोकेशन पर कॉल सेंटर चलाते रहे हैं। उन्होंने कंपनी का रजिस्ट्रेशन दिल्ली के लक्ष्मी नगर के पते पर करया था। जालसाज वर्ष 2018 से फर्जीवाड़ा कर रहे थे। प्राथमिक जांच में पता चला है कि आरोपियों ने हाल में बिजनेस प्रमोशन के नाम पर अयोध्या निवासी दिलीप, नई दिल्ली निवासी वसीम, सोनू मेंहदी, फैसल हुसैन आदि से लाखों रुपये की ठगी की है। पुलिस ने पांच वर्षों में करोड़ों की ठगी की आशंका जताई है।
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कर्मचारियों को नहीं देते थे वेतन

जालसाजों ने कॉल करने के लिये युवक युवतियों को नौकरी देते थे। कर्मचारियों को पहले महीने कुछ सैलरी दी जाती थी। बाद में टार्गेट पूरा नहीं करने के नाम पर निकाल दिया जाता था। यानि एक महीने की सैलरी देकर दो से तीन महीने काम कराते थे। पीड़ित कर्मचारियों ने पुलिस से शिकायत की। जिसके बाद पूरे फर्जीवाड़े का पता चला। एडीसीपी शक्ति मोहन अवस्थी का कहना है कि जालसाज दो तरीके से फ्रॉड कर रहे थे। पहले तो जिनसे प्रमोशन के पैसे लेते थे उनका काम नहीं करते थे। दूसरा कि जिन्हें कर्मचारी के रूप में रखते थे। उनको वेतन नहीं देते थे।




प्रमोशन का पैकेज दस हजार रुपये तक

फर्जी कॉल सेंटर चलाने वाले जालसाज नोएडा में बैठकर दूर के राज्यों व शहरों के लोगों को निशाना बनाते थे। इसके लिए जो भी डेटा इनके पास होता था। उन डेटा को पहले राज्य के हिसाब से अलग करते थे। इनके प्रमोशन का पैकेज डेढ़ हजार रुपये से शुरू होता था और दस हजार रुपये तक होता था। कई बार अलग अलग पैकेज के नाम पर अधिक रकम ले लेते थे। ये आरोपी दूर के लोगों के साथ इस लिए ठगी करते थे, ताकि कोई शिकायत करने नोएडा आसानी से न आ सके।
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