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डेबिट कार्ड बदलकर ठगी करने वाले तीन गिरफ्तार
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ग्रेटर नोएडा। मदद के बहाने डेबिट कार्ड बदलकर ठगी करने वाले गिरोह के तीन बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी फैक्ट्रियों के आसपास लगे एटीएम बूथों पर सक्रिय रहते थे। जैसे ही कोई कर्मचारी रुपये निकालने आते वह उनकी मदद के नाम पर डेबिट कार्ड बदलकर दूसरा कार्ड थमा देते। बाद में उनके खाते से रुपये निकाल लेते थे। पुलिस ने आरोपियों से 7 डेबिट कार्ड, दस हजार रुपये और दो तमंचे बरामद किए हैं।
कासना थाना प्रभारी संतोष कुमार शुक्ला ने बताया कि आरोपियों की पहचान बुलंदशहर निवासी मनीष उर्फ मोंटी, सुमित और हरिओम के रूप में हुई है। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह औद्योगिक क्षेत्र के आसपास बने एटीएम बूथों पर सक्रिय रहते हैं। जब भी वहां कोई ऐसा कर्मचारी पहुंचता तो डेबिट कार्ड से रुपये नहीं निकाल पाता तो वह उसकी मदद के बहाने डेबिट कार्ड ले लेते थे। आरोपी रुपये निकालने के लिए पिन पूछकर याद कर लेते हैं। फिर मशीन में खराबी बताकर दूसरा डेबिट कार्ड उसे थमा देते थे। इसके बाद आरोपी उसके डेबिट कार्ड से किसी अन्य एटीएम बूथ से रुपये निकाल लेते हैं। आरोपियों के पास बरामद डेबिट कार्ड सात अलग-अलग बैंक के हैं। कर्मचारी जिस बैंक का कार्ड लेकर आते आरोपी उसी बैंक का दूसरा कार्ड थमा देते थे।
एक से लेकर दस तारीख तक रहते थे सक्रिय
आरोपियों ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि वह औद्योगिक क्षेत्र के आसपास महीने की एक तारीख से लेकर दस तारीख तक अधिक सक्रिय रहते हैं। इन्हीं तिथियों में कर्मचारियों को वेतन मिलता है और वह खर्च के लिए रुपये निकालने एटीएम बूथ पर पहुंचते थे। आरोपी बड़ी संख्या में कर्मचारियों से इसी तरह से लाखों रुपये की ठगी कर चुके हैं।
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कासना थाना प्रभारी संतोष कुमार शुक्ला ने बताया कि आरोपियों की पहचान बुलंदशहर निवासी मनीष उर्फ मोंटी, सुमित और हरिओम के रूप में हुई है। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह औद्योगिक क्षेत्र के आसपास बने एटीएम बूथों पर सक्रिय रहते हैं। जब भी वहां कोई ऐसा कर्मचारी पहुंचता तो डेबिट कार्ड से रुपये नहीं निकाल पाता तो वह उसकी मदद के बहाने डेबिट कार्ड ले लेते थे। आरोपी रुपये निकालने के लिए पिन पूछकर याद कर लेते हैं। फिर मशीन में खराबी बताकर दूसरा डेबिट कार्ड उसे थमा देते थे। इसके बाद आरोपी उसके डेबिट कार्ड से किसी अन्य एटीएम बूथ से रुपये निकाल लेते हैं। आरोपियों के पास बरामद डेबिट कार्ड सात अलग-अलग बैंक के हैं। कर्मचारी जिस बैंक का कार्ड लेकर आते आरोपी उसी बैंक का दूसरा कार्ड थमा देते थे।
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एक से लेकर दस तारीख तक रहते थे सक्रिय
आरोपियों ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि वह औद्योगिक क्षेत्र के आसपास महीने की एक तारीख से लेकर दस तारीख तक अधिक सक्रिय रहते हैं। इन्हीं तिथियों में कर्मचारियों को वेतन मिलता है और वह खर्च के लिए रुपये निकालने एटीएम बूथ पर पहुंचते थे। आरोपी बड़ी संख्या में कर्मचारियों से इसी तरह से लाखों रुपये की ठगी कर चुके हैं।
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