{"_id":"61afbb3939e71b1f7860f3f6","slug":"those-who-buy-government-land-are-not-residents-of-chithera-noida-news-noi620061990","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरकारी जमीन खरीदने वाले चिटहेरा के निवासी नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सरकारी जमीन खरीदने वाले चिटहेरा के निवासी नहीं
विज्ञापन
ग्रेटर नोएडा। चिटहेरा गांव में जिन लोगों ने सरकारी जमीन और भूमिहीनों के पट्टों को खरीदा था, वे गांव के निवासी नहीं हैं। ग्राम प्रधान ने इसकी पुष्टि की है और रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेज दी है। ग्राम प्रधान ने कहा है कि पहचान पत्र में जिन तीन लोगों को गांव का निवासी दर्शाया गया है, वे मूल निवासी नहीं हैं। वहीं, राजस्व विभाग की टीम मंगलवार को चिटहेरा गांव में जांच करने पहुंची और कुछ लोगों को पूछताछ कर जानकारी जुटाई।
अधिकारियों के मुताबिक, घोटाले की जमीन की रजिस्ट्री तीन नाम पर की गई है जो चिटहेरा गांव के निवासी हैं। इस संबंध में प्रशासन ने ग्राम प्रधान से इन तीनों व्यक्ति के बारे में रिपोर्ट मांगी गई थी। चिटहेरा की ग्राम प्रधान नेहा ने विकास खंड अधिकारी दादरी को पत्र लिखकर बताया है कि कृष्ण पाल पुत्र छोटे, बैलू पुत्र रामस्वरूप और कर्मवीर पुत्र प्यारेलाल चिटहेरा के निवासी नहीं हैं। इनको पहचान पत्र में चिटहेरा गांव निवासी दर्शाया गया है। जबकि ये मूल निवासी भी नहीं है। ग्राम प्रधान के इस पत्र पर गांव के काफी लोगों के हस्ताक्षर भी हैं।
राजस्व विभाग की टीम जांच करने पहुंची
मंगलवार को राजस्व विभाग की टीम चिटहेरा गांव में अरबों रुपये के घोटाले की जांच करने पहुंची। टीम ने पीड़ित पट्टा धारकों के साथ कई अन्य लोगों से पूछताछ की। साथ ही, पहचान पत्र में जो पता दिया गया था, वहां जाकर भी जांच की। पूर्व प्रधान और अन्य से भी जानकारी ली गई। एसटीएफ भी इस मामले की जांच कर रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
अधिकारियों के मुताबिक, घोटाले की जमीन की रजिस्ट्री तीन नाम पर की गई है जो चिटहेरा गांव के निवासी हैं। इस संबंध में प्रशासन ने ग्राम प्रधान से इन तीनों व्यक्ति के बारे में रिपोर्ट मांगी गई थी। चिटहेरा की ग्राम प्रधान नेहा ने विकास खंड अधिकारी दादरी को पत्र लिखकर बताया है कि कृष्ण पाल पुत्र छोटे, बैलू पुत्र रामस्वरूप और कर्मवीर पुत्र प्यारेलाल चिटहेरा के निवासी नहीं हैं। इनको पहचान पत्र में चिटहेरा गांव निवासी दर्शाया गया है। जबकि ये मूल निवासी भी नहीं है। ग्राम प्रधान के इस पत्र पर गांव के काफी लोगों के हस्ताक्षर भी हैं।
विज्ञापन
राजस्व विभाग की टीम जांच करने पहुंची
मंगलवार को राजस्व विभाग की टीम चिटहेरा गांव में अरबों रुपये के घोटाले की जांच करने पहुंची। टीम ने पीड़ित पट्टा धारकों के साथ कई अन्य लोगों से पूछताछ की। साथ ही, पहचान पत्र में जो पता दिया गया था, वहां जाकर भी जांच की। पूर्व प्रधान और अन्य से भी जानकारी ली गई। एसटीएफ भी इस मामले की जांच कर रही है।
विज्ञापन