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तीसरी बार हवा की गुणवत्ता खराब, एक्यूआई 402 पहुंचा

Fri, 22 Nov 2019 01:06 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 22 Nov 2019 01:06 AM IST
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Third time Air Quality down, AQI 402
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तीसरी बार हवा की गुणवत्ता खराब, एक्यूआई 402 पहुंचा
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नोएडा। नोएडा में प्रदूषण की वजह से तीसरी बार हवा की गुणवत्ता खराब हुई है। बृहस्पतिवार को शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 402 यानी गंभीर श्रेणी में पहुंच गया। आंकड़ों के अनुसार, सेक्टर-116 में 407, सेक्टर-125 में 403, सेक्टर-62 में 395 एक्यूआई दर्ज किया गया। इसके अलावा दिल्ली में 369, गाजियाबाद में 415, ग्रेटर नोएडा में 402, फरीदाबाद में 391 व गुरुग्राम में 297 एयर क्वालिटी इंडेस्क रिकार्ड किया गया है।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, नोएडा में स्मॉग की मोटी परत छाई हुई है और प्रदूषण से कोई राहत नहीं मिली है। एक्यूआई का स्तर 0-50 के बीच अच्छा, 51-100 के बीच संतोषजनक, 101-200 के बीच मध्यम, 201-300 के बीच खराब, 301-400 के बीच अत्यंत खराब, 401-500 के बीच गंभीर और 500 के पार होने पर बेहद गंभीर एवं आपात स्थिति मानी जाती है। प्रदूषण ने लोगों को न केवल बाहर बल्कि घरों में भी बेहाल कर रखा है। आमतौर पर लोगों को लगता है कि घर के अंदर वह सुरक्षित हैं, लेकिन हकीकत इससे ठीक उलट है। विशेषज्ञों के मुताबिक, इन दिनों बाहर से ज्यादा इंडोर पॉल्यूशन लोगों के लिए खतरनाक हो सकता है, क्योंकि इंडोर प्रदूषण का स्तर सामान्य से कहीं अधिक पाया गया है। ऐसे में घर के अंदर मौजूद प्रदूषण को लेकर और ज्यादा गंभीरता बरतने की जरूरत है। यह जानकर हैरानी होगी कि बाहरी प्रदूषण के साथ ही इंडोर पॉल्यूशन भी बढ़ता जा रहा है। आईएमए के अध्यक्ष डॉ. एनके शर्मा ने बताया कि इंडोर प्रदूषण का सामान्य स्तर औसतन एक हजार माइक्रॉन/माइक्रोमीटर होता है, लेकिन इन दिनों यह स्तर बढ़कर तीन से चार हजार हो चुका है। इससे बचने के लिए घरों में वेंटिलेशन के साथ ही नियमित तौर पर गीले कपड़े से साफ-सफाई भी करनी जरूरी है। इसके अलावा घर में लगे परदों को नियमित तौर पर साफ करने के साथ धुआं पैदा करने वाले पदार्थों के इस्तेमाल से भी दूर रहना होगा। उनका कहना है कि स्लम में बने घरों के हालात तो और भी ज्यादा खराब हैं। छोटे कमरों में सदस्यों की तादाद बढ़ती है तो कार्बन डाई ऑक्साइड ज्यादा रिलीज होती है। ऐसे में सावधानी ही बचाव है।
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