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Noida News: ईसीएचएस कार्ड पर फर्जी मरीज को भर्ती कर वसूलते थे रकम

Sat, 18 Oct 2025 08:13 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 18 Oct 2025 08:13 PM IST
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They used to collect money by admitting fake patients on ECHS cards.
सरगना समेत चार आरोपी पकड़े, 7 ईसीएचएस कार्ड व 4 मोबाइल बरामद
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माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। भूतपूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना (ईसीएचएस) कार्ड पर फर्जीवाड़ा कर दूसरे मरीजों को निजी अस्पताल में भर्ती करवाकर इलाज कराने और उनसे पैसा वसूलने का गैंग पकड़ा गया है। फेज-2 थाना पुलिस ने डी-फार्मा पास गैंग के सरगना समेत चार आरोपी पकड़े हैं।
इनमें नोएडा के एक अस्पताल का कर्मचारी भी शामिल है। आरोपियों के कब्जे से 7 ईसीएचएस कार्ड, 4 मोबाइल बरामद हुए हैं। आरोपी कार्ड कैसे हासिल करते थे, नकली बनाते थे या चोरी से हासिल कर रहे थे। इसके साथ ही कई अन्य तथ्यों पर पुलिस जांच कर रही है। कुछ अन्य आरोपियों के नाम भी पुलिस को पता चले हैं। पुलिस कार्रवाई की जानकारी डीसीपी सेंट्रल शक्ति मोहन अवस्थी ने शनिवार को प्रेस-कांफ्रेंस कर दी। डीसीपी ने बताया कि गैंग का सरगना दानिश निवासी ग्राम खनौदा, औरंगाबाद बुलंदशहर है। इसने डी-फार्मा की पढ़ाई की हुई है। दूसरा आरोपी प्रदीप नोएडा के ही एक निजी अस्पताल में नौकरी कर रहा था। सुमित व पूरन भी औरंगाबाद बुलंदशहर के गांव भावसी और छिपीवाड़ा मोहल्ला के निवासी हैं। यह आरोपी ईसीएचएस कार्ड का दुरुपयोग कर कार्ड पर दर्ज नाम से दूसरे मरीजों को भर्ती कराते थे। ईसीएचएस के पैनल में शामिल दिल्ली-एनसीआर के निजी अस्पतालों में यह फर्जीवाड़ा करते थे। जिस मरीज को फर्जी नाम पर भर्ती करवाकर इलाज करवाते थे उसके परिजनों से पैसा लेते थे। अस्पताल के खर्च की तुलना में कम रुपये पड़ने पर लोग फर्जी नाम से अच्छे अस्पतालों में इलाज करवाने के जाल में भी फंस जाते थे। डीसीपी ने बताया कि आरोपी ईसीएचएस कार्ड कैसे हासिल करते थे, इसको लेकर जांच की जा रही है। एक आरोपी जो इस गिरोह में शामिल है उसका भी नाम पता चला है। बरामद कार्ड मूल विभाग में सत्यापन के लिए भेजे जाएंगे। कुछ और डेटा निकलवाया गया है जिस पर जांच की जा रही है।
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अस्पताल से ऐसे खुला फर्जीवाड़ा
जानकारी के मुताबिक, यह फर्जीवाड़ा सेक्टर-110 स्थित यथार्थ अस्पताल से खुला। 14 अक्तूबर को किडनी, बीपी से ग्रस्त एक महिला को इमरजेंसी वार्ड में ईसीएचएस कार्ड से भर्ती करवाया गया। यह महिला बुलंदशहर के ही औरंगाबाद निवासी पूरन की पत्नी थी। अगले दिन पूरन एक बार ही वार्ड में हाल पूछने आया। चिकित्सकों ने कई बार प्रयास किया, लेकिन पूरन सामने नहीं आया। स्टाफ ने कार्ड के लिए वेबसाइट पर दर्ज मोबाइल नंबर पर संपर्क किया तो वह बुलंदशहर के एक भूतपूर्व सैनिक का निकला। अस्पताल से बताया गया कि आपकी मां भर्ती हैं। इस पर भूतपूर्व सैनिक ने कहा कि वह तो उनके सामने बैठकर चाय पी रही हैं। अस्पताल प्रबंधन ने सेना के पोर्टल आदि पर जानकारी की तो कार्ड के साथ फर्जीवाड़ा और मरीज गलत तरीके से भर्ती करवाए जाने की बात सामने आई। प्रबंधन ने मामले की शिकायत पुलिस से की। फेज दो थाना पुलिस ने अस्पताल के डाॅ. अजय गोयल की शिकायत पर केस दर्ज कर जांच शुरू की। फिर पुलिस पूरन और आगे आरोपियों तक पहुंची। पुलिस के मुताबिक पूरन से उसकी पत्नी का इलाज कराने के नाम पर इस गिरोह ने 2 लाख रुपये लिए थे। ईसीएचएस कार्ड पर वास्तविक फोटो की जगह मरीज का फोटो चस्पा किया गया था।
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