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Noida News: मिल रही निशुल्क शिक्षा, फिर भी बच्चों को स्कूल नहीं भेज रहे श्रमिक
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- 36 छात्रों ने पास की प्रवेश परीक्षा, सिर्फ 8 अभिभावकों ने कराया दाखिला
- मेरठ मंडल के छात्रों के लिए बुलंदशहर स्थित है अटल आवासीय स्कूल
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। निशुल्क शिक्षा होने के बावजूद पंजीकृत श्रमिक अपने बच्चों को अटल आवासीय विद्यालय नहीं भेज रहे हैं। जिले के 36 छात्रों ने दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षा पास की, लेकिन सिर्फ 8 श्रमिकों ने ही दाखिला कराया है। जबकि यहां पर छात्रों को सभी तरह की सुविधाएं निशुल्क दी जाती हैं। पढ़ाई के साथ-साथ खेल में भी निपुण बनाया जा रहा है। श्रम विभाग की ओर से बच्चों का दाखिला नहीं कराने वाले अभिभावकों की काउंसलिंग भी की गई है।
निर्माण श्रमिक के रूप में काम करने मजदूरों के बच्चे कई बार आर्थिक स्थिति व अन्य कारणों की वजह से पढ़ाई पूरी नहीं कर पाते हैं। इसलिए सरकार ने अटल आवासीय विद्यालय योजना की शुरुआत की है। इसके तहत श्रम विभाग में पंजीकृत श्रमिकों के बच्चे, कोविड महामारी के दौरान अनाथ हुए बच्चे और मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के अंतर्गत पात्र बच्चों को कक्षा 6 से 12 तक की निशुल्क शिक्षा दी जाती है। इसके अंतर्गत मेरठ मंडल के छात्रों के लिए बुलंदशहर स्थित अटल आवासीय स्कूल है। इसमें दाखिले के लिए 25 फरवरी को मंडलीय स्तर पर प्रवेश परीक्षा हुई थी।
इसमें छठी कक्षा में दाखिले के लिए 65 और 9वीं के लिए 42 छात्र परीक्षा में बैठे। छठीं कक्षा के लिए 17 और 9वीं के लिए 19 छात्रों ने प्रवेश परीक्षा पास की। लेकिन इसमें से सिर्फ 8 छात्रों के अभिभावकों ने बच्चों का दाखिला कराया है। जिसमें से छठीं कक्षा में तीन छात्र और दो छात्राएं, वहीं, 9वीं में एक छात्र और दो छात्राओं ने दाखिला लिया है।
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सभी तरह की सुविधाएं मिलती है निशुल्क
यहां दाखिला लेने वाले छात्रों के आवास, वस्त्र, भोजन, स्कूल यूनिफॉर्म और किताबों का खर्च सरकार की ओर से वहन किया जाता है। स्कूल में बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ खेलकूद का प्रशिक्षण भी दिया जाता है। अटल आवासीय विद्यालय के इंफ्रास्ट्रक्चर पर सरकार की ओर से करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
जिले में पंजीकृत श्रमिकों के 36 बच्चों ने छठी व नौवीं कक्षा की प्रवेश परीक्षा पास की है। हालांकि कुछ अभिभावकों ने बच्चों के दाखिले से मना कर दिया है। इसमें से बड़ी संख्या में अभिभावकों ने आसपास के स्कूल में दाखिला करा दिया है।
सरजू राम शर्मा, अपर श्रमायुक्त
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- मेरठ मंडल के छात्रों के लिए बुलंदशहर स्थित है अटल आवासीय स्कूल
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। निशुल्क शिक्षा होने के बावजूद पंजीकृत श्रमिक अपने बच्चों को अटल आवासीय विद्यालय नहीं भेज रहे हैं। जिले के 36 छात्रों ने दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षा पास की, लेकिन सिर्फ 8 श्रमिकों ने ही दाखिला कराया है। जबकि यहां पर छात्रों को सभी तरह की सुविधाएं निशुल्क दी जाती हैं। पढ़ाई के साथ-साथ खेल में भी निपुण बनाया जा रहा है। श्रम विभाग की ओर से बच्चों का दाखिला नहीं कराने वाले अभिभावकों की काउंसलिंग भी की गई है।
निर्माण श्रमिक के रूप में काम करने मजदूरों के बच्चे कई बार आर्थिक स्थिति व अन्य कारणों की वजह से पढ़ाई पूरी नहीं कर पाते हैं। इसलिए सरकार ने अटल आवासीय विद्यालय योजना की शुरुआत की है। इसके तहत श्रम विभाग में पंजीकृत श्रमिकों के बच्चे, कोविड महामारी के दौरान अनाथ हुए बच्चे और मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के अंतर्गत पात्र बच्चों को कक्षा 6 से 12 तक की निशुल्क शिक्षा दी जाती है। इसके अंतर्गत मेरठ मंडल के छात्रों के लिए बुलंदशहर स्थित अटल आवासीय स्कूल है। इसमें दाखिले के लिए 25 फरवरी को मंडलीय स्तर पर प्रवेश परीक्षा हुई थी।
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इसमें छठी कक्षा में दाखिले के लिए 65 और 9वीं के लिए 42 छात्र परीक्षा में बैठे। छठीं कक्षा के लिए 17 और 9वीं के लिए 19 छात्रों ने प्रवेश परीक्षा पास की। लेकिन इसमें से सिर्फ 8 छात्रों के अभिभावकों ने बच्चों का दाखिला कराया है। जिसमें से छठीं कक्षा में तीन छात्र और दो छात्राएं, वहीं, 9वीं में एक छात्र और दो छात्राओं ने दाखिला लिया है।
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सभी तरह की सुविधाएं मिलती है निशुल्क
यहां दाखिला लेने वाले छात्रों के आवास, वस्त्र, भोजन, स्कूल यूनिफॉर्म और किताबों का खर्च सरकार की ओर से वहन किया जाता है। स्कूल में बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ खेलकूद का प्रशिक्षण भी दिया जाता है। अटल आवासीय विद्यालय के इंफ्रास्ट्रक्चर पर सरकार की ओर से करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
जिले में पंजीकृत श्रमिकों के 36 बच्चों ने छठी व नौवीं कक्षा की प्रवेश परीक्षा पास की है। हालांकि कुछ अभिभावकों ने बच्चों के दाखिले से मना कर दिया है। इसमें से बड़ी संख्या में अभिभावकों ने आसपास के स्कूल में दाखिला करा दिया है।
सरजू राम शर्मा, अपर श्रमायुक्त