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Noida News: जल्द मूल स्वरूप में दिखाई देगी पत्थरगढ़ किले की बावड़ी
Sat, 25 Oct 2025 12:28 AM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
Updated Sat, 25 Oct 2025 12:28 AM IST
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नजीबाबाद के पत्थरगढ़ किले में कराया जा बावड़ी का जीर्णोद्धार कार्य। संवाद
नजीबाबाद। पत्थरगढ़ किले की बावड़ी का जीर्णोद्धार शुरू हो गया है। नबाव नजीबुद्दौला के बनाए पत्थरगढ़ किले के भीतर स्थित बावड़ी छह माह के भीतर अपने मूल स्वरूप में दिखाई देगी।
पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के अधीन पत्थरगढ़ किले की बावड़ी कई दशक पूर्व अपने अस्तित्व को खो चुकी थी। करीब दो वर्ष पूर्व पत्थरगढ़ किले को बचाने के लिए पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग ने जीर्णोद्धार कार्य शुरू कराया। किले के दोनों द्वार की मरम्मत के साथ अन्य दो छोटे द्वारों की मरम्मत और गेट आदि लगाने के बाद विभाग अब किले की खस्ताहाल बावड़ी को मूलस्वरूप देने के लिए अभियान चला रहा है। बावड़ी की चारों ओर लगभग 10 फीट गहराई तक खस्ताहाल हो चुकी सीढि़यों की मरम्मत का निर्माण कार्य करा रहा है। एक ओर नीचे उतरने के लिए लगभग 36 सीढि़यां हैं। नीचे की ओर गोलाई के साथ कुआंनुमा आकृति में प्राकृतिक स्रोत का पानी है।
मुख्य द्वारों को जोड़ने के लिए भी बनेगा मार्ग
पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग की पत्थरगढ़ किले के दो मुख्य और दो छोटे द्वारों को संपर्क मार्गाें के माध्यम से जोड़ने की योजना है। संरक्षण सहायक रवि कुमार ने बताया कि किले में चार मीटर चौड़ा खड़जा 496 मीटर की दूरी तक बनाया जाएगा, जिससे लोगों को घूमने में आसानी होगी। खड़ंजे में ईंटों के बजाय टाइल्स का प्रयोग किया जाएगा।
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पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के अधीन पत्थरगढ़ किले की बावड़ी कई दशक पूर्व अपने अस्तित्व को खो चुकी थी। करीब दो वर्ष पूर्व पत्थरगढ़ किले को बचाने के लिए पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग ने जीर्णोद्धार कार्य शुरू कराया। किले के दोनों द्वार की मरम्मत के साथ अन्य दो छोटे द्वारों की मरम्मत और गेट आदि लगाने के बाद विभाग अब किले की खस्ताहाल बावड़ी को मूलस्वरूप देने के लिए अभियान चला रहा है। बावड़ी की चारों ओर लगभग 10 फीट गहराई तक खस्ताहाल हो चुकी सीढि़यों की मरम्मत का निर्माण कार्य करा रहा है। एक ओर नीचे उतरने के लिए लगभग 36 सीढि़यां हैं। नीचे की ओर गोलाई के साथ कुआंनुमा आकृति में प्राकृतिक स्रोत का पानी है।
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मुख्य द्वारों को जोड़ने के लिए भी बनेगा मार्ग
पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग की पत्थरगढ़ किले के दो मुख्य और दो छोटे द्वारों को संपर्क मार्गाें के माध्यम से जोड़ने की योजना है। संरक्षण सहायक रवि कुमार ने बताया कि किले में चार मीटर चौड़ा खड़जा 496 मीटर की दूरी तक बनाया जाएगा, जिससे लोगों को घूमने में आसानी होगी। खड़ंजे में ईंटों के बजाय टाइल्स का प्रयोग किया जाएगा।
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