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दो घंटे चली बैठक में नतीजा शून्य, प्राधिकरण को बंद करेंगे किसान

Sat, 04 Dec 2021 01:33 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 04 Dec 2021 01:33 AM IST
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The result is zero in the two-hour meeting, farmers will close the authority
गौतमबुद्ध नगर विश्वविद्यालय में प्राधिकरण के चेयरमैन संजीव मित्तल से वार्ता करते किसान।
दो घंटे चली बैठक में नतीजा शून्य, प्राधिकरण को बंद करेंगे किसान
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नोएडा। भारतीय किसान परिषद के नेतृत्व में प्राधिकरण पर किसानों का धरना 94वें दिन भी जारी रहा। शुक्रवार को ग्रेनो स्थित गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय में प्राधिकरण चेयरमैन व औद्योगिक विकास आयुक्त संजीव मित्तल के साथ करीब 2 घंटे तक किसानों की बैठक चली। किसान अपनी सभी मांगों पर अड़े रहे। आखिरकार कोई नतीजा नहीं निकला। नाराज किसानों ने सोमवार को प्राधिकरण के आसपास संपूर्ण लॉकडाउन का एलान कर दिया।
प्राधिकरण और किसानों के बीच यह 10वें दौर की वार्ता थी। शाम करीब 4 बजे किसानों के 7 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के अधिकारियों की बात शुरू हुई। किसान नेता सुखवीर खलीफा ने एक बार फिर चेयरमैन के समक्ष 6 मांगों को दोहराया। किसानों व मजदूरों की आबादी निस्तारण, 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजे के साथ 10 फीसदी भूखंड, ग्रामीण क्षेत्र में भवन नियमावली के निरस्तीकरण, 5 फीसदी भूखंड पर व्यावसायिक गतिविधियों की अनुमति, पुश्तैनी एवं गैर पुश्तैनी का भेदभाव खत्म करने और सभी गांवों के समग्र विकास की मांग इनमें शामिल रहीं। बातचीत के दौरान कुछ मांगों पर सहमति बनती दिखी, लेकिन 10 फीसदी भूखंडों का मामला शासन को भेजे जाने की दलील अधिकारियों ने दी। किसान इस प्रस्ताव को प्राधिकरण बोर्ड में पास करने की मांग पर अड़ गए, लेकिन चेयरमैन ने शासन का प्रकरण बताते हुए इस पर सहमत नहीं हुए। ऐसे में दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बनी। बैठक में प्राधिकरण की सीईओ रितु माहेश्वरी, ग्रेनो प्राधिकरण के सीईओ नरेंद्र भूषण, नोएडा के एसीईओ प्रवीण मिश्र, ओएसडी इंदु प्रकाश, एसडीएम विनीत मिश्रा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। वहीं, किसानों के प्रतिनिधिमंडल में सुरेंद्र प्रधान, सुधीर चौहान, प्रमोद त्यागी, राजेंद्र यादव, एडवोकेट सचिन, अशोक चौहान शामिल रहे।
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वार्ता तो विफल होनी ही थी ...
प्राधिकरण चेयरमैन और किसानों के बीच बातचीत का समय दोपहर करीब 3:30 बजे निर्धारित था। बात ग्रेनो में होनी थी, लेकिन दोपहर दोपहर करीब 3 बजे तक किसान नोएडा के धरनास्थल पर सोमवार के उग्र आंदोलन की हुंकार भरते दिखे। वार्ता से पहले ही मंच से बार-बार सोमवार को भारी संख्या में प्राधिकरण पहुंचने की अपील की जा रही थी। वहीं, धरनास्थल पहुंचे सपा के प्रदेशाध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ने प्रदेश सरकार को किसान विरोधी बताते हुए माहौल को चुनावी बना दिया। उन्होंने कहा कि सपा की सरकार बनने पर किसानों की समस्या का एकमुश्त समाधान कर दिया जाएगा।
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नोएडा में भी घरौनी का नियम लागू करने की मांग
किसानों की आबादी जैसी है, जहां है के आधार पर छोड़ने की मांग किसान उठा रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि राजस्व विभाग में आबादी का भूमि रिकॉर्ड नहीं होता था। ऐसे में अधिकार पत्र भी नहीं दिए जाते थे। कब्जे को ही आधार माना जाता था। प्रदेश में खतौनी की तर्ज पर घरौनी का नियम लागू हो गया, लेकिन प्राधिकरण क्षेत्र इस नियम से बाहर रहे। ऐसे में अब यह नियम प्राधिकरण क्षेत्र में भी लागू करने के लिए प्रस्ताव सरकार को भेजने की मांग उठाई गई है।
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