{"_id":"6876b70cd0e189aa21002942","slug":"the-project-to-make-udyog-marg-a-model-got-stuck-again-preparations-are-on-to-cancel-the-fifth-tender-noida-news-c-1-gnd1002-3170347-2025-07-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: फिर फंसी उद्योग मार्ग को मॉडल बनाने की परियोजना, पांचवा टेंडर रद्द करने की तैयारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: फिर फंसी उद्योग मार्ग को मॉडल बनाने की परियोजना, पांचवा टेंडर रद्द करने की तैयारी
विज्ञापन
सेक्टर-1 गोल चक्कर से झुंडपुरा तिराहे तक की सड़क बनाई जानी है मॉडल रोड
नोएडा। उद्योग मार्ग को मॉडल रोड बनाए जाने की परियोजना एक बार फिर फंस गई है। पांचवी बार हुए टेंडर में नोएडा प्राधिकरण ने एक एजेंसी फाइनल की थी लेकिन करीब एक महीने तक इसे काम नहीं सौंपा गया। अब प्राधिकरण की तैयारी यह टेंडर रद्द करने की है। इसके पहले चौथे टेंडर में भी एजेंसी का चयन होने के बाद प्राधिकरण ने टेंडर रद्द कर दिया था।
टेंडर रद्द करने की तैयारी के पीछे प्राधिकरण अधिकारियों का तर्क है कि और एजेंसियों के आने से प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और काम बेहतर होगा। उद्योग मार्ग की लंबाई करीब 2.5 किलोमीटर है। नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि मॉडल रोड बनाने के काम पर करीब 40 करोड़ रुपये की लागत अनुमानित है। इसमें से 32 करोड़ रुपये सिविल के कामकाज और 8 करोड़ रुपये के बिजली के काम पर खर्च होंगे। प्राधिकरण के ओएसडी महेंद्र प्रसाद ने बताया कि जारी टेंडर रद्द करने की तैयारी है। इस परियोजना के लिए नया टेंडर कराने का निर्णय लिया गया है। ब्यूरो
विज्ञापन
नोएडा। उद्योग मार्ग को मॉडल रोड बनाए जाने की परियोजना एक बार फिर फंस गई है। पांचवी बार हुए टेंडर में नोएडा प्राधिकरण ने एक एजेंसी फाइनल की थी लेकिन करीब एक महीने तक इसे काम नहीं सौंपा गया। अब प्राधिकरण की तैयारी यह टेंडर रद्द करने की है। इसके पहले चौथे टेंडर में भी एजेंसी का चयन होने के बाद प्राधिकरण ने टेंडर रद्द कर दिया था।
टेंडर रद्द करने की तैयारी के पीछे प्राधिकरण अधिकारियों का तर्क है कि और एजेंसियों के आने से प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और काम बेहतर होगा। उद्योग मार्ग की लंबाई करीब 2.5 किलोमीटर है। नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि मॉडल रोड बनाने के काम पर करीब 40 करोड़ रुपये की लागत अनुमानित है। इसमें से 32 करोड़ रुपये सिविल के कामकाज और 8 करोड़ रुपये के बिजली के काम पर खर्च होंगे। प्राधिकरण के ओएसडी महेंद्र प्रसाद ने बताया कि जारी टेंडर रद्द करने की तैयारी है। इस परियोजना के लिए नया टेंडर कराने का निर्णय लिया गया है। ब्यूरो
विज्ञापन