{"_id":"61a253337892f35fd57c0c49","slug":"the-prisoner-committed-suicide-by-hanging-in-the-kitchen-with-the-help-of-a-muffler-noida-news-noi618192338","type":"story","status":"publish","title_hn":"रसोई में मफलर के सहारे फंदा लगाकर बंदी ने जान दी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रसोई में मफलर के सहारे फंदा लगाकर बंदी ने जान दी
विज्ञापन
ग्रेटर नोएडा। जिला कारागार लुक्सर में एक बंदी बृहस्पतिवार देर शाम रसोई में रखी पानी की टंकी पर चढ़कर मफलर के सहारे गले में फंदा लगाकर लटक गया। जेल के अधिकारियों ने पुलिस को सूचना देकर बंदी को फंदे से नीचे उतरवाकर अस्पताल पहुंचाया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
जेल अधीक्षक अरुण प्रताप सिंह ने बताया कि अलीगढ़ जेल में वर्ष 2010 से मूलरूप से कैलाश पुरी, बुलंदशहर निवासी कुलदीप उर्फ दीपू डकैती व हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा था। वर्ष 2018 में उसे लुक्सर जेल स्थानांतरित किया गया था। जांच में पता चला है कि कुलदीप का एक युवती से प्रेम प्रसंग भी चल रहा था। वह अक्सर कुलदीप से मुलाकात करने जेल में आती थी। चार-पांच दिन पहले भी वह कुलदीप से मिली थी। इस दौरान उसने कुलदीप को बताया था कि परिवार के लोगों ने उसकी शादी कहीं और तय कर दी है। इससे वह तनाव में आ गया था। काफी प्रयास के बाद भी वह जमानत नहीं करा पा रहा था।
आशंका है कि इसी कारण वह मौका पाकर बैरक बंद करते समय रसोई में किसी तरह प्रवेश कर गया और वहां फंदा लगा लिया। जेल अधीक्षक ने बताया कि बैरक बंद होते समय बंदी कैसे रसोई में चला गया व उसके पास चाबी कैसे पहुंची, इसकी आंतरिक जांच शुरू कर दी गई है। इस प्रकरण में जेल परिसर में तैनात जो भी कर्मचारी दोषी पाए जाएंगे उन पर विभागीय कार्रवाई होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
जेल अधीक्षक अरुण प्रताप सिंह ने बताया कि अलीगढ़ जेल में वर्ष 2010 से मूलरूप से कैलाश पुरी, बुलंदशहर निवासी कुलदीप उर्फ दीपू डकैती व हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा था। वर्ष 2018 में उसे लुक्सर जेल स्थानांतरित किया गया था। जांच में पता चला है कि कुलदीप का एक युवती से प्रेम प्रसंग भी चल रहा था। वह अक्सर कुलदीप से मुलाकात करने जेल में आती थी। चार-पांच दिन पहले भी वह कुलदीप से मिली थी। इस दौरान उसने कुलदीप को बताया था कि परिवार के लोगों ने उसकी शादी कहीं और तय कर दी है। इससे वह तनाव में आ गया था। काफी प्रयास के बाद भी वह जमानत नहीं करा पा रहा था।
विज्ञापन
आशंका है कि इसी कारण वह मौका पाकर बैरक बंद करते समय रसोई में किसी तरह प्रवेश कर गया और वहां फंदा लगा लिया। जेल अधीक्षक ने बताया कि बैरक बंद होते समय बंदी कैसे रसोई में चला गया व उसके पास चाबी कैसे पहुंची, इसकी आंतरिक जांच शुरू कर दी गई है। इस प्रकरण में जेल परिसर में तैनात जो भी कर्मचारी दोषी पाए जाएंगे उन पर विभागीय कार्रवाई होगी।
विज्ञापन