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Noida News: गांव के लिए अलग यूजीआर व पंपिंग स्टेशन बनवाएगा नोएडा प्राधिकरण
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-बड़ी आबादी वाले गांवों के लिए प्राधिकरण ने तैयार की योजना
-पानी की सप्लाई और सीवर नेटवर्क होगा बेहतर
माई सिटी रिपोर्टर,
नोएडा। नोएडा प्राधिकरण क्षेत्र में आने वाले 81 गांव में पानी सप्लाई के लिए यूजीआर (भूमिगत जलाशय) और सीवरेज पंपिंग स्टेशन अलग बनेंगे। गांव और सेक्टर दोनों में पानी की सप्लाई बेहतर करने और सीवर लाइन लीकेज, ओवर फ्लो की समस्या दूर करने के लिए प्राधिकरण ने यह योजना बनाई है।
इस योजना की शुरुआत ज्यादा आबादी वाले गांवों से होगी। अभी कई जगहों पर गांव और उससे जुड़े सेक्टर में पानी की सप्लाई एक यूजीआर से होती है। ऐसे में कई बार गांव को कम पानी मिल पाता है ,कई बार सेक्टर में पानी की किल्लत हो जाती है। इसी तरह सीवर लाइन ओवर फ्लो की समस्या भी गांव और सेक्टर में पंपिंग स्टेशन पर दबाव के चलते हो रही है। अधिकारियों ने बताया कि कई गांव में आबादी पिछले वर्षों में तेजी से बढ़ी है। यहां पर पानी सप्लाई की लाइन समेत अन्य संसाधन पहले की आबादी के हिसाब से हैं। यही स्थिति सीवर लाइनों की हैं। गांव के रास्तें संकरे हैं। ऐसे में खोदाई कर पूरी की पाइप लाइन या सीवर लाइन बदलवाया जाना भी आसान नहीं है। इसको देखते हुए यह निर्णय लिया गया है कि ज्यादा आबादी वाले गांव में अलग यूजीआर और सीवरेज पंपिंग स्टेशन बना दिया जाए। इससे पानी की किल्लत नहीं होने पाएगी। वहीं सीवर लाइन ओवर फ्लो होने की समस्या भी कम होगी।
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पूरे शहर में 107 यूजीआर हैं अभी-
अभी पूरे शहर में 107 यूजीआर से पानी की सप्लाई होती है। प्राधिकरण रेकार्ड के मुताबिक इनकी क्षमता 1500 किलोलीटर से लेकर 7500 किलोलीटर तक है। इसके साथ ही 52 ओवर हेड टैंक (पानी की टंकी) भी बनी हुई हैं। नोएडा प्राधिकरण ने 10 साल पहले गिझोड़, निठारी, बरौला गांव के यूजीआर अलग बनवाए भी थे। लेकिन फिर यह कवायद रुक गई थी।
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कोट-
गांव और सेक्टर में एक ही यूजीआर से पानी सप्लाई होने की स्थिति में समस्या आ रही है। आबादी के बढ़ते दबाव से सीवर लाइन ओवर फ्लो हो रही हैं। इसलिए गांव के लिए अलग यूजीआर और सीवर पंपिंग स्टेशन बनाए जाने की योजना तैयार की गई है। शुरुआत ज्यादा आबादी वाले गांव से की जाएगी।
- कृष्णा करुणेश, एसीईओ, नोएडा प्राधिकरण।
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-पानी की सप्लाई और सीवर नेटवर्क होगा बेहतर
माई सिटी रिपोर्टर,
नोएडा। नोएडा प्राधिकरण क्षेत्र में आने वाले 81 गांव में पानी सप्लाई के लिए यूजीआर (भूमिगत जलाशय) और सीवरेज पंपिंग स्टेशन अलग बनेंगे। गांव और सेक्टर दोनों में पानी की सप्लाई बेहतर करने और सीवर लाइन लीकेज, ओवर फ्लो की समस्या दूर करने के लिए प्राधिकरण ने यह योजना बनाई है।
इस योजना की शुरुआत ज्यादा आबादी वाले गांवों से होगी। अभी कई जगहों पर गांव और उससे जुड़े सेक्टर में पानी की सप्लाई एक यूजीआर से होती है। ऐसे में कई बार गांव को कम पानी मिल पाता है ,कई बार सेक्टर में पानी की किल्लत हो जाती है। इसी तरह सीवर लाइन ओवर फ्लो की समस्या भी गांव और सेक्टर में पंपिंग स्टेशन पर दबाव के चलते हो रही है। अधिकारियों ने बताया कि कई गांव में आबादी पिछले वर्षों में तेजी से बढ़ी है। यहां पर पानी सप्लाई की लाइन समेत अन्य संसाधन पहले की आबादी के हिसाब से हैं। यही स्थिति सीवर लाइनों की हैं। गांव के रास्तें संकरे हैं। ऐसे में खोदाई कर पूरी की पाइप लाइन या सीवर लाइन बदलवाया जाना भी आसान नहीं है। इसको देखते हुए यह निर्णय लिया गया है कि ज्यादा आबादी वाले गांव में अलग यूजीआर और सीवरेज पंपिंग स्टेशन बना दिया जाए। इससे पानी की किल्लत नहीं होने पाएगी। वहीं सीवर लाइन ओवर फ्लो होने की समस्या भी कम होगी।
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पूरे शहर में 107 यूजीआर हैं अभी-
अभी पूरे शहर में 107 यूजीआर से पानी की सप्लाई होती है। प्राधिकरण रेकार्ड के मुताबिक इनकी क्षमता 1500 किलोलीटर से लेकर 7500 किलोलीटर तक है। इसके साथ ही 52 ओवर हेड टैंक (पानी की टंकी) भी बनी हुई हैं। नोएडा प्राधिकरण ने 10 साल पहले गिझोड़, निठारी, बरौला गांव के यूजीआर अलग बनवाए भी थे। लेकिन फिर यह कवायद रुक गई थी।
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गांव और सेक्टर में एक ही यूजीआर से पानी सप्लाई होने की स्थिति में समस्या आ रही है। आबादी के बढ़ते दबाव से सीवर लाइन ओवर फ्लो हो रही हैं। इसलिए गांव के लिए अलग यूजीआर और सीवर पंपिंग स्टेशन बनाए जाने की योजना तैयार की गई है। शुरुआत ज्यादा आबादी वाले गांव से की जाएगी।
- कृष्णा करुणेश, एसीईओ, नोएडा प्राधिकरण।